बंगाल में TMC नेताओं पर 'एग अटैक' का सिलसिला जारी, अभिषेक के बाद अब महुआ मोइत्रा पर अंडे और सड़े बैंगन से हमला
“पश्चिम बंगाल में TMC सांसद Mahua Moitra ने आरोप लगाया है कि उनके कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन के दौरान उन पर अंडे और सड़े बैंगन फेंके गए. उन्होंने घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं.”

Kolkata: पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेताओं पर विरोध प्रदर्शन के दौरान हमलों की घटनाएं लगातार चर्चा में हैं. हाल के दिनों में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी और अन्य नेताओं के बाद अब कृष्णानगर से लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा ने भी अपने ऊपर अंडे और सड़े बैंगन फेंके जाने का आरोप लगाया है. महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि कुछ लोगों ने उनके कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और उन पर अंडे तथा सड़े बैंगन फेंके. उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के दौरान सुरक्षा बल और पुलिस मौके पर मौजूद थे, लेकिन प्रभावी हस्तक्षेप नहीं किया गया. हालांकि, इस मामले में भाजपा की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. वहीं, राज्य में हाल के दिनों में टीएमसी नेताओं के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है.
वीडियो शेयर कर लगाए गंभीर आरोप
महुआ मोइत्रा ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर करीब एक मिनट का वीडियो साझा किया. वीडियो में उनके कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी दिखाई देती है. पोस्ट के साथ उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा समर्थकों ने उनके कार्यालय को निशाना बनाया और उन पर अंडे व सड़े बैंगन फेंके. उन्होंने यह भी दावा किया कि वह करीब एक घंटे तक अपने कार्यालय से बाहर नहीं निकल सकीं. वीडियो में महुआ यह कहते हुए सुनाई देती हैं कि सुरक्षा व्यवस्था मौजूद होने के बावजूद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त कार्रवाई नहीं की गई. उन्होंने अपनी पोस्ट में कई विपक्षी नेताओं को भी टैग करते हुए मामले पर ध्यान देने की अपील की.
बंगाल में राजनीतिक विरोध का नया तरीका बना 'एग प्रोटेस्ट'?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में कई टीएमसी नेताओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन देखने को मिले हैं. हाल के दिनों में अभिषेक बनर्जी, कल्याण बनर्जी समेत कई नेताओं के कार्यक्रमों के दौरान अंडे, टमाटर और अन्य वस्तुएं फेंके जाने की घटनाएं सामने आई हैं. इसी क्रम में अब महुआ मोइत्रा का मामला भी जुड़ गया है. सोशल मीडिया पर घटना के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं. कुछ लोग इसे राजनीतिक विरोध का नया तरीका बता रहे हैं, जबकि टीएमसी नेताओं का आरोप है कि यह लोकतांत्रिक विरोध नहीं बल्कि सुनियोजित हिंसक और अपमानजनक कार्रवाई है. दूसरी ओर, सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिल रही हैं.
हाईकोर्ट पहले ही दे चुका है सख्त संदेश
पश्चिम बंगाल में राजनीतिक नेताओं पर अंडे फेंकने की लगातार सामने आ रही घटनाओं को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट भी पहले चिंता जता चुका है. अदालत ने ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज कर कानून के मुताबिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने भी इस तरह की घटनाओं को लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. उनका कहना है कि सत्ता और विपक्ष लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन राजनीतिक मतभेद हिंसक या अपमानजनक विरोध में नहीं बदलने चाहिए. फिलहाल महुआ मोइत्रा द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच और पुलिस की आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है. यह मामला एक बार फिर पश्चिम बंगाल की राजनीतिक संस्कृति, चुनाव बाद के तनाव और नेताओं की सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ सकता है.



