हेमंत सोरेन को मिले सुदिव्य कुमार सोनू के सभी विभाग, सरकार ने जारी की अधिसूचना
“झारखंड के दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के पास रहे सभी विभाग अब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के जिम्मे होंगे. मंत्रिमंडल समन्वय विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है. इसके तहत उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, नगर विकास एवं आवास तथा कला, संस्कृति, खेलकूद एवं पर्यटन विभाग मुख्यमंत्री को आवंटित किए गए हैं.”

Ranchi: झारखंड के दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के पास रहे सभी विभाग अब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन संभालेंगे. मंत्रिमंडल समन्वय विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है. अधिसूचना के मुताबिक उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, नगर विकास एवं आवास तथा कला, संस्कृति, खेलकूद एवं पर्यटन विभाग मुख्यमंत्री को आवंटित किए गए हैं. सुदिव्य कुमार सोनू का 6 सितंबर को निधन हो गया था. उनके निधन के बाद अब सरकार ने विभागों के पुनः आवंटन की औपचारिक प्रक्रिया पूरी कर ली है.
तीनों महत्वपूर्ण विभाग अब मुख्यमंत्री के जिम्मे
मंत्रिमंडल समन्वय विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के बाद सुदिव्य कुमार सोनू के पास रहे तीनों विभाग सीधे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के अधीन आ गए हैं. इनमें उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, नगर विकास एवं आवास और कला, संस्कृति, खेलकूद एवं पर्यटन विभाग शामिल हैं. सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के बाद इन विभागों के संचालन को लेकर सरकार के स्तर पर प्रक्रिया चल रही थी. अब औपचारिक अधिसूचना जारी होने के साथ ही विभागों की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री को सौंप दी गई है. उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग राज्य के विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षा से जुड़े मामलों के लिए महत्वपूर्ण है, जबकि नगर विकास एवं आवास विभाग शहरी विकास और आवास से संबंधित योजनाओं को देखता है. वहीं कला, संस्कृति, खेलकूद एवं पर्यटन विभाग राज्य की सांस्कृतिक गतिविधियों, खेल और पर्यटन से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी संभालता है.
रामदास सोरेन के विभाग भी मुख्यमंत्री के पास
झारखंड सरकार में यह पहली बार नहीं है जब किसी पूर्व मंत्री के विभाग मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पास आए हैं. इससे पहले पूर्व मंत्री रामदास सोरेन के पास रहे विभागों की जिम्मेदारी भी मुख्यमंत्री ही संभाल रहे हैं. ऐसे में वर्तमान में सुदिव्य कुमार सोनू और रामदास सोरेन, दोनों के पूर्व विभाग मुख्यमंत्री के जिम्मे हैं. सुदिव्य कुमार सोनू का 6 सितंबर को निधन हुआ था. उनके निधन के बाद सरकार को उनके पास रहे विभागों के नए आवंटन की प्रक्रिया पूरी करनी थी. मंत्रिमंडल समन्वय विभाग की अधिसूचना के जरिए अब यह प्रक्रिया पूरी कर दी गई है. विभागों के मुख्यमंत्री के पास आने के बाद सरकार के प्रशासनिक कामकाज में इन विभागों की निगरानी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय के स्तर से होगी. आगे मंत्रिमंडल विस्तार या विभागों के नए सिरे से आवंटन को लेकर सरकार की ओर से कोई निर्णय लिया जाता है तो उसके बाद तस्वीर बदल सकती है.


