TMC को मिला नया नाम और सिंबल, ममता गुट के हिस्से आया ‘फुटबॉल’ चुनाव चिह्न
“TMC के नाम और सिंबल विवाद के बीच चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी के गुट को नया नाम ‘Mamata All India Trinamool Congress’ और ‘फुटबॉल’ चुनाव चिह्न आवंटित किया है. वहीं दूसरे गुट को ‘Democratic Trinamool Congress’ नाम और ‘लिफाफा’ सिंबल मिला है.”

West Bengal: पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में शुक्रवार को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया. ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया. इसके बाद ममता बनर्जी ने ऐलान किया कि उनका गुट नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान का समर्थन करेगा और खुद कोई उम्मीदवार नहीं उतारेगा. यह फैसला ऐसे समय आया है जब चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न आवंटित किए हैं. ममता गुट को ‘Mamata All India Trinamool Congress’ नाम और ‘Football Player’ सिंबल मिला है. वहीं, 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव से पहले नंदीग्राम की राजनीतिक लड़ाई में नया समीकरण बन गया है.
TMC के नाम और सिंबल पर भी बड़ा विवाद
नंदीग्राम का घटनाक्रम उस समय सामने आया है जब चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के दो गुटों के लिए अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न आवंटित किए हैं. चुनाव आयोग के फैसले के तहत ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को ‘Mamata All India Trinamool Congress’ नाम और ‘Football’ चुनाव चिह्न दिया गया है. वहीं दूसरे गुट को ‘Democratic Trinamool Congress’ नाम और ‘Envelope’ सिंबल मिला है. इससे पहले आयोग ने दोनों गुटों को पुराने ‘All India Trinamool Congress’ नाम और पारंपरिक फूल-घास वाले चुनाव चिह्न के इस्तेमाल से रोक दिया था. यह व्यवस्था आगामी उपचुनावों के लिए लागू की गई है. चुनाव आयोग का यह अंतरिम प्रबंध पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चल रहे विवाद के बीच आया है. ममता बनर्जी ने इस फैसले को अंतिम नहीं बताया है और संकेत दिया है कि वह इसे कानूनी तौर पर चुनौती देंगी.
संचिता प्रधान डे ने वापस लिया नाम, कांग्रेस को समर्थन का ऐलान
नंदीग्राम उपचुनाव में ममता बनर्जी के गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे के नामांकन वापस लेने से मुकाबले का समीकरण बदल गया है. उन्होंने शुक्रवार, 18 सितंबर को अपना नामांकन वापस लिया. इसके कुछ ही समय बाद ममता बनर्जी ने घोषणा की कि उनका गुट नंदीग्राम में कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान का समर्थन करेगा. ममता ने कहा कि उनका गुट अब इस सीट से दूसरा उम्मीदवार नहीं उतारेगा. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, संचिता प्रधान डे ने नामांकन वापस लेने से पहले नबन्ना में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की थी. हालांकि, उनके नामांकन वापस लेने की वजह को लेकर सार्वजनिक रूप से कोई विस्तृत स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है. इस घटनाक्रम के बाद ममता गुट नंदीग्राम में सीधे चुनाव लड़ने के बजाय कांग्रेस उम्मीदवार के समर्थन में खड़ा होगा. उपचुनाव के लिए नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख 19 सितंबर है और मतदान 6 अक्टूबर को होना है.
ममता ने चुनाव आयोग और बीजेपी पर लगाए आरोप
संचिता प्रधान डे के नामांकन वापस लेने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग और बीजेपी पर कई आरोप लगाए. उन्होंने मौजूदा घटनाक्रम को लोकतंत्र के इतिहास में ‘काला दिन’ बताया और SIR तथा EVM को लेकर भी सवाल उठाए. ये आरोप ममता बनर्जी के हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि के रूप में स्रोतों में कोई समानांतर आधिकारिक निष्कर्ष नहीं दिया गया है. ममता ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी को कमजोर करने के लिए विभिन्न संस्थागत प्रक्रियाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है. उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं पर दबाव डाले जाने और पार्टी के बैंक खाते फ्रीज किए जाने जैसे दावे भी किए. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वह पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर कानूनी लड़ाई जारी रखेंगी. ममता ने राहुल गांधी के फोन और विपक्षी एकजुटता का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका गुट नंदीग्राम में कांग्रेस के साथ खड़ा रहेगा.
6 अक्टूबर को होगा नंदीग्राम में उपचुनाव
नंदीग्राम विधानसभा सीट पर उपचुनाव 6 अक्टूबर को होना है और मतगणना 9 अक्टूबर को होगी. यह सीट मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के दो विधानसभा क्षेत्रों से चुनाव जीतने के बाद खाली हुई थी. चुनाव आयोग ने नंदीग्राम के साथ रेजीनगर विधानसभा सीट के लिए भी उपचुनाव की घोषणा की है. नंदीग्राम में बीजेपी ने हसीरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है, जो शुभेंदु अधिकारी के दिवंगत निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की मां हैं. कांग्रेस ने मिलन प्रधान को मैदान में उतारा है. वहीं ममता बनर्जी के गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे अब नामांकन वापस ले चुकी हैं, जबकि दूसरे तृणमूल गुट की ओर से मोहम्मद एतेशामुल हक मैदान में हैं. ऐसे में ममता गुट के कांग्रेस को समर्थन देने के बाद नंदीग्राम का चुनावी मुकाबला नए राजनीतिक समीकरण के साथ आगे बढ़ेगा.



