विष्णुगढ़ में 12 वर्षीय बच्ची के जघन्य अपराध, पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन, CBI जांच की मांग
“कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव और बरकागांव विधानसभा क्षेत्र की पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने इस मामले को लेकर महामहिम राज्यपाल से मुलाकात की और विस्तृत ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में उन्होंने हजारीबाग पुलिस की नाकामी और असंवेदनशीलता पर तीखा हमला बोला.”

Hazaribagh: झारखंड की लचर कानून-व्यवस्था एक बार फिर सुर्खियों में है. हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के कुसुंबा गांव में रामनवमी की मंगला जुलूस देखने गई 12 वर्षीय नाबालिग बच्ची 'सीता' के साथ दरिंदगी और निर्मम हत्या का मामला सामने आया है. बच्ची 24 मार्च 2026 की शाम अपनी मां के साथ मंगला जुलूस देखने गई थी, लेकिन घर नहीं लौटी. अगले दिन उसका शव बांस के झुरमुट में मिला. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अपराधियों ने बच्ची का अपहरण कर बलात्कार किया और फिर पत्थर से उसके चेहरे को कुचलकर हत्या कर दी. इस जघन्य घटना ने पूरे जिले में आक्रोश फैला दिया है.
पूर्व विधायक अंबा प्रसाद का राज्यपाल से ज्ञापन
कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव और बरकागांव विधानसभा क्षेत्र की पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने इस मामले को लेकर महामहिम राज्यपाल से मुलाकात की और विस्तृत ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में उन्होंने हजारीबाग पुलिस की नाकामी और असंवेदनशीलता पर तीखा हमला बोला. अंबा प्रसाद ने कहा, “यह घटना दिल्ली के निर्भया कांड से भी ज्यादा दर्दनाक और घृणित है. मंगला जुलूस जैसी धार्मिक सभा में शामिल होने वाली मासूम बच्ची की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पुलिस पूरी तरह विफल रही. आम जनता की सुरक्षा पर सवालिया निशान लग गया है.”
मुख्य मांगें
- विष्णुगढ़ थाना में दर्ज मामले (कोड संख्या 42/2026) की जांच CBI को सौंप दी जाए.
- दोषी पुलिस अधिकारियों (विशेषकर थाना प्रभारी और DSP) के खिलाफ तत्काल कार्रवाई हो, उन्हें निलंबित किया जाए.
- पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और पुनर्वास की व्यवस्था की जाए.
- झारखंड में निष्क्रिय पड़े महिला आयोग को तुरंत सक्रिय किया जाए.
ज्ञापन में अंबा प्रसाद ने लिखा है कि इतने जघन्य अपराध के बावजूद पुलिस अभी तक असमर्थ दिख रही है. जनता का पुलिस पर से भरोसा उठता जा रहा है.
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने मामले में SIT गठित कर जांच शुरू कर दी है और कुछ लोगों को हिरासत में लिया है. हालांकि, स्थानीय लोगों और विपक्षी दलों का आरोप है कि शुरुआती जांच में लापरवाही बरती गई. घटना के बाद हजारीबाग में विरोध प्रदर्शन हुए. भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पक्ष ने दोषियों को सख्त सजा देने की मांग की है. ग्रामीणों ने सड़क जाम कर न्याय की गुहार लगाई. अंबा प्रसाद ने राज्यपाल से अपील की कि वे इस मामले पर संज्ञान लें और राज्य में महिलाओं-बच्चियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाएं. उन्होंने कहा, “आशा है कि महामहिम इन गंभीर मुद्दों पर तुरंत कार्रवाई करेंगे.”

