झारखंड शराब घोटाला: 'IAS विनय चौबे के जरिए सत्ता के शीर्ष तक थी माफिया की पहुंच'- बाबूलाल मरांडी
“झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा के वरिष्ठ नेता बाबूलाल मरांडी ने राज्य में हुए बहुचर्चित शराब घोटाले को लेकर हेमंत सरकार पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है. मरांडी ने आरोप लगाया है कि यह मामला केवल सामान्य भ्रष्टाचार तक सीमित नहीं है”

Ranchi: झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा के वरिष्ठ नेता बाबूलाल मरांडी ने राज्य में हुए बहुचर्चित शराब घोटाले को लेकर हेमंत सरकार पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है. मरांडी ने आरोप लगाया है कि यह मामला केवल सामान्य भ्रष्टाचार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सत्ता के शीर्ष संरक्षण में संचालित एक सोची-समझी रणनीति के तहत किया गया 'संगठित आर्थिक अपराध' है. मंगलवार को सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक विस्तृत बयान जारी करते हुए बाबूलाल मरांडी ने इस पूरे घोटाले के नेटवर्क का पर्दाफाश किया. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ और झारखंड के अंतरराज्यीय शराब माफियाओं तथा सत्ता के गलियारों में बैठे प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत से जनता की गाढ़ी कमाई और राज्य के राजस्व का खुलेआम दुरुपयोग किया गया है.
अनवर ढेबर और आईएएस विनय चौबे पर साधा निशाना
नेता प्रतिपक्ष ने केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई का हवाला देते हुए बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा कि इस शराब सिंडिकेट के मुख्य सरगना और छत्तीसगढ़ के कारोबारी अनवर ढेबर की 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति ईडी द्वारा जब्त की जा चुकी है, जो इस घोटाले की गहराई को साबित करती है. मरांडी ने आरोप लगाया कि अनवर ढेबर ने झारखंड के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विनय चौबे के माध्यम से राज्य के सत्ता शीर्ष (मुख्यमंत्री कार्यालय/उच्चतम स्तर) तक अपनी मजबूत पहुंच बनाई. इसी सांठगांठ के बल पर झारखंड की पूरी शराब नीति और कारोबार से जुड़ी व्यवस्था को प्रभावित किया गया, ताकि चुनिंदा सिंडिकेट को फायदा पहुंचाया जा सके और सरकारी खजाने को चूना लगाया जा सके.
'मामले को दबाने की कोशिशें नाकाम, ED की जांच से सच आएगा सामने'
बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार की भूमिका और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि इस महाघोटाले को रफा-दफा करने और फाइलों को दबाने की पुरजोर कोशिशें की जा रही हैं. लेकिन उन्होंने भरोसा जताया कि केंद्रीय एजेंसियों की निष्पक्ष और लगातार आगे बढ़ रही जांच के सामने सरकार की ये कोशिशें नाकाम साबित होंगी. उन्होंने कहा, "घोटाले से जुड़े एक-एक तथ्य और चेहरे अब बेनकाब हो रहे हैं. जनता की गाढ़ी कमाई को लूटने वाले और उन्हें संरक्षण देने वाले चाहे कितने भी रसूखदार क्यों न हों, कानून के शिकंजे से बच नहीं पाएंगे." इस बयान के बाद झारखंड के सियासी हलकों में एक बार फिर उबाल आ गया है और भाजपा इस मुद्दे को लेकर सरकार को पूरी तरह घेरने की रणनीति बना रही है.

