BMW प्लांट को धमकी, बैंक खाते में पहुंचे 1.50 लाख रुपये; प्रिंस खान का सहयोगी गिरफ्तार
“बोकारो पुलिस ने बालीडीह क्षेत्र स्थित BMW प्लांट से रंगदारी मांगने और धमकी देने के मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए प्रिंस खान गैंग के एक प्रमुख सहयोगी को गिरफ्तार किया है.”

Bokaro: बोकारो पुलिस ने बालीडीह क्षेत्र स्थित BMW प्लांट से रंगदारी मांगने और धमकी देने के मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए प्रिंस खान गैंग के एक प्रमुख सहयोगी को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपी की पहचान सेक्टर-2सी निवासी 37 वर्षीय राकेश कुमार के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार, आरोपी को बेरमो मोड़ इलाके से गिरफ्तार किया गया और बाद में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. मामला मार्च 2026 में BMW प्लांट प्रबंधन को मिली रंगदारी की धमकी से जुड़ा है. जांच के दौरान पुलिस को तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों के आधार पर कई अहम सुराग मिले, जिसके बाद आरोपी तक पहुंचना संभव हो सका. पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार व्यक्ति लंबे समय से गैंग के संपर्क में था और धमकी भरे संदेशों को जमीन पर उतारने का काम करता था.
प्रिंस खान के निर्देश पर तैयार किया गया था धमकी भरा पर्चा
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक BMW प्लांट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मार्च में शिकायत दर्ज कराई थी कि प्रिंस खान के नाम पर रंगदारी की मांग की जा रही है. रंगदारी नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गई थी. शिकायत मिलने के बाद विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया. जांच के दौरान सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी अंतरराष्ट्रीय नंबर के माध्यम से प्रिंस खान के संपर्क में था. पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि गैंग के निर्देश पर उसने अपने हस्तलेखन में धमकी भरा पर्चा तैयार किया था. बाद में इसी पर्चे का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया, ताकि कंपनी पर दबाव बनाया जा सके. पुलिस को आरोपी के मोबाइल फोन से भी कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिले हैं.
बैंक खातों में पहुंचे 1.50 लाख रुपये, वित्तीय लेनदेन की जांच तेज
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि कथित काम के एवज में आरोपी के दो अलग-अलग बैंक खातों में कुल 1.50 लाख रुपये भेजे गए थे. पुलिस अब इस रकम के स्रोत, लेनदेन के तरीके और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के मोबाइल से व्हाट्सएप कॉल, चैट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य बरामद हुए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है. पुलिस को उम्मीद है कि इन साक्ष्यों के आधार पर गैंग के नेटवर्क और उसके स्थानीय सहयोगियों के बारे में और महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है. मामले में आगे भी कई गिरफ्तारियां और नए खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.

