ठेले-खोमचे से फोर स्टार होटल तक होगी खाद्य पदार्थों की जांच, त्योहार से पहले झारखंड में सख्ती
झारखंड में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है. बुधवार से पूरे राज्य में विशेष जांच अभियान शुरू होगा. ठेले-खोमचे से लेकर चार सितारा होटल तक खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए जाएंगे.

Ranchi: झारखंड में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और लोगों के स्वास्थ्य को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाया है. अब ठेले-खोमचे पर बिकने वाले गोलगप्पे, समोसे और अन्य खाद्य सामग्री से लेकर चार सितारा होटलों में परोसे जाने वाले खाद्य उत्पादों तक की सघन जांच की जाएगी. अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक कर व्यापक अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं. बुधवार से सभी जिलों में विशेष जांच अभियान शुरू होगा. अधिकारियों को खाद्य पदार्थों के नमूने लेने और जांच में मिलावट, दूषण या गुणवत्ता में कमी मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है.
सभी जिलों में बुधवार से शुरू होगा विशेष अभियान
अपर मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि खाद्य पदार्थों की जांच केवल मिठाई, पनीर या कुछ चुनिंदा उत्पादों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए. बाजार में बिकने वाले सभी प्रकार के खाद्य पदार्थों की जांच व्यापक स्तर पर की जाए. ठेले-खोमचे से लेकर बड़े होटल और प्रतिष्ठानों तक से खाद्य पदार्थों के नमूने लिए जाएंगे. अधिकारियों को यह भी बताया गया कि नमूनों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रयोगशाला भेजकर जांच कराई जाए. जांच में किसी भी तरह की मिलावट या दूषण पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. त्योहारों को देखते हुए अभियान को और महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इस दौरान खाद्य पदार्थों की बिक्री और अस्थायी दुकानों की संख्या बढ़ जाती है.
फूड सेफ्टी लैब और चलंत जांच वाहनों की होगी मदद
खाद्य पदार्थों की त्वरित जांच के लिए विभाग ने आवश्यक रसायनों और अन्य संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. रांची स्थित फूड सेफ्टी लैब में सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा गया है. अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि मेला और त्योहार शुरू होने से पहले जांच में इस्तेमाल होने वाले केमिकल और अन्य सामग्री की खरीद पूरी कर ली जाए. इसके अलावा तत्काल जांच की सुविधा के लिए तीन चलंत जांच वाहन लगाए जाएंगे. इनमें एक वाहन धनबाद और दो वाहन रांची में तैनात होंगे. इन वाहनों की मदद से जरूरत पड़ने पर मौके पर ही खाद्य पदार्थों की प्राथमिक जांच की जा सकेगी. विभाग का उद्देश्य जांच प्रक्रिया को तेज और प्रभावी बनाना है.
संयुक्त खाद्य सुरक्षा आयुक्त खुद करेंगे फील्ड जांच
अपर मुख्य सचिव ने संयुक्त खाद्य सुरक्षा आयुक्त अनुज कुमार प्रसाद को स्वयं फील्ड में जाकर जांच अभियान का निरीक्षण करने का निर्देश दिया है. वे खाद्य पदार्थों के सैंपल लेने की प्रक्रिया और जांच व्यवस्था की निगरानी करेंगे. गड़बड़ी मिलने पर संबंधित दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित कराने को कहा गया है. सभी जिलों के अधिकारियों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं. अभियान की नियमित समीक्षा भी की जाएगी. दुर्गा पूजा से पहले दोबारा बैठक कर जिलों में लिए गए सैंपल, जांच के परिणाम और कार्रवाई की जानकारी ली जाएगी. विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा.


