‘गढ़ी हुई कहानी’ या सच? विष्णुगढ़ कांड में अंबा प्रसाद का बड़ा आरोप
हजारीबाग के विष्णुगढ़ कुसुंभा कांड में अब सियासत का नया मोड़ आ गया है. जहां पहले JMM और BJP आमने-सामने थे, वहीं अब कांग्रेस भी खुलकर मैदान में उतर आई है. पूर्व विधायक Amba Prasad ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर झारखंड पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं और पूरे केस को “सिस्टम की विफलता” करार दिया है.

Ranchi: हजारीबाग के विष्णुगढ़ कुसुंभा कांड में अब सियासत का नया मोड़ आ गया है. जहां पहले JMM और BJP आमने-सामने थे, वहीं अब कांग्रेस भी खुलकर मैदान में उतर आई है. पूर्व विधायक Amba Prasad ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर झारखंड पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं और पूरे केस को “सिस्टम की विफलता” करार दिया है. उनका आरोप है कि जांच में कई अहम पहलुओं को नजरअंदाज किया गया और बाद में एक “गढ़ी हुई कहानी” पेश कर दी गई. इससे पहले भी उन्होंने इस मामले में लिखित शिकायत भेजकर निष्पक्ष जांच की मांग की थी. अब प्रेस कॉन्फ्रेंस और तस्वीरों के साथ सामने आई उनकी दलीलों ने इस केस को और उलझा दिया है, जिससे साफ है कि कुसुंभा कांड अब सिर्फ क्राइम नहीं, बल्कि भरोसे की लड़ाई बन चुका है.
पुलिस जांच पर सवाल
Amba Prasad ने सीधे तौर पर झारखंड पुलिस की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए. उनका कहना है कि केस के कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को नजरअंदाज किया गया और जो आधिकारिक बयान जारी हुआ, वह तथ्यों से ज्यादा एक तैयार की गई कहानी जैसा लगता है. उन्होंने Tadasha Mishra से भी जवाब मांगा कि क्या केस से जुड़े बयानों में बदलाव किया गया है. इसके अलावा धनेश्वर पासवान और भीम राम जैसे नामों की भूमिका को स्पष्ट नहीं करने पर भी सवाल उठाया गया. अंबा प्रसाद का दावा है कि SIT का गठन होने के बावजूद जांच में ठोस सबूत सामने नहीं आए, जिससे पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर संदेह पैदा होता है.
टाइमलाइन, फोटो और पुराने आरोप: बढ़ते शक के घेरे
कांग्रेस नेता ने आरोपियों की गिरफ्तारी और पूछताछ की टाइमलाइन पर भी सवाल खड़े किए. उनका कहना है कि जब आरोपी खुलेआम घूम रहे थे, तो पुलिस करीब 10 दिन तक निष्क्रिय क्यों रही. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि डीएनए जांच नहीं कराई गई, जिससे कई गंभीर आरोपों को बिना वैज्ञानिक आधार के खारिज कर दिया गया. साथ ही Amba Prasad ने मीडिया के सामने कुछ तस्वीरें साझा कर यह दावा किया कि मुख्य आरोपी भीम राम कथित रूप से BJP कार्यक्रमों में शामिल होता रहा है. गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले भी उन्होंने एक पत्र लिखकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी, जिसमें उन्होंने जांच की दिशा पर सवाल उठाए थे.
CBI जांच की मांग और ‘सिस्टम फेल’ का आरोप
अंत में Amba Prasad ने इस पूरे मामले की CBI जांच की मांग की. उनका कहना है कि जब राज्य पुलिस पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं, तो निष्पक्ष जांच के लिए केंद्रीय एजेंसी जरूरी हो जाती है. उन्होंने यह भी कहा कि इस केस में “पूरे सिस्टम ने मिलकर बच्ची के साथ अन्याय किया है”, जो सिर्फ एक एजेंसी की नहीं बल्कि व्यापक प्रशासनिक विफलता की ओर इशारा करता है. फिलहाल पुलिस अपनी थ्योरी पर कायम है, लेकिन कांग्रेस के इन आरोपों ने जांच की विश्वसनीयता को नई बहस में ला खड़ा किया है. अब देखना होगा कि यह मामला राजनीतिक दबाव में नई दिशा लेता है या जांच एजेंसियां अपने दावों पर कायम रहती हैं.

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