पंकज चौधरी के प्रस्तावक बने सीएम योगी... नामांकन आज, कल होगी यूपी के नये बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा
पंकज चौधरी उत्तर प्रदेश के नये बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बन सकते हैं. सीएम योगी आदित्यनाथ उनके प्रस्तावक बने हैं. थोड़ी देर में नामांकन होगा

बीजेपी ने पंकज चौधरी को उत्तर प्रदेश का नया प्रदेश अध्यक्ष चुनने की औपचारिक तैयारी कर ली है. 14 दिसंबर को बीजेपी अपने नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम का ऐलान करने जा रही है. इसके लिए शनिवार को नामांकन होगा. नामांकन प्रक्रिया आज दोपहर 2 से 3 बजे के बीच होगी. आज ही नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी, जबकि शाम 4 से 5 बजे तक नाम वापसी का समय तय किया गया है. इस बीच पंकज चौधरी के प्रस्तावकों के नाम सामने आ चुके हैं. सीएम योगी आदित्यनाथ चौधरी के प्रस्तावक बने हैं, वहीं कैशव मौर्य, ब्रजेश पाठक, स्मृति ईरानी, स्वतंत्र देव सिंह, सूर्य प्रताप शाही, सुरेश खन्ना, बेबी रानी मौर्य भी प्रस्तावक बने हैं.
निर्विरोध जीतने की पूरी संभावना
पार्टी सूत्रों के अनुसार, अध्यक्ष पद पर पंकज चौधरी के निर्विरोध निर्वाचन की पूरी संभावना जताई जा रही है. हालांकि, इस पद को लेकर तीन नामों पर चर्चा तेज है. पंकज चौधरी के अलावा, यूपी के पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह और बाबूराम निषाद के नाम भी रेस में बताए जा रहे हैं. ऐसे में थोड़ी देश में शुरू होने वाली नामांकन प्रक्रिया पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं.
कौन हैं पंकज चौधरी
पंकज चौधरी उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक मजबूत और विश्वसनीय चेहरा माने जाते हैं. इस समय वे केंद्र सरकार में वित्त राज्य मंत्री हैं. वहीं सात बार के सांसद रह चुके हैं. वे महाराजगंज लोकसभा सीट से सांसद हैं और गोरखपुर क्षेत्र से आते हैं. चौधरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का करीबी और भरोसेमंद नेता माना जाता है. इसके अलावा, पूर्वांचल क्षेत्र में उनकी राजनीतिक पकड़ काफी मजबूत मानी जाती है. पंकज चौधरी का राजनीतिक सफर नगर निगम गोरखपुर से शुरू हुआ, जहां वे पहले पार्षद बने और बाद में उपमहापौर के पद तक पहुंचे. स्थानीय राजनीति में अनुभव हासिल करने के बाद उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर कदम रखा. फिर 1991 में महराजगंज संसदीय सीट से बीजेपी के टिकट पर सांसद चुने गए. इसके बाद 1996, 1998 में सांसद चुने गए. 1999 में सपा के अखिलेश यादव से हार मिली पर 2004 में फिर सांसद बने. 2009 में कांग्रेस के स्वर्गीय हर्षवर्धन से हार गये. इसके बाद 2014 से लगातार लोकसभा के सदस्य हैं.

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