शनिवार दोपहर ओडिशा के आसमान में कुछ मिनटों के लिए हालात बेहद गंभीर हो गए थे. भुवनेश्वर से राउरकेला की ओर जा रहा एक छोटा कम्यूटर विमान अचानक तकनीकी संकट में फंस गया. उड़ान के दौरान पायलटों को जब सिस्टम में गंभीर गड़बड़ी का अहसास हुआ तो उन्होंने तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क कर ‘Mayday Call’ दिया. यह संकेत था कि विमान अब सामान्य स्थिति में नहीं है और तत्काल मदद की जरूरत है. राहत की बात यह रही कि पायलटों ने समय रहते निर्णय लिया और विमान को आबादी से दूर खुले इलाके में सुरक्षित उतार दिया. इस इमरजेंसी लैंडिंग ने संभावित बड़े हादसे को टाल दिया. हालांकि विमान को नुकसान पहुंचा और उसमें सवार यात्रियों को हल्की चोटें आईं, लेकिन सभी की जान बच गई. घटना के बाद प्रशासन, विमानन एजेंसियां और राज्य सरकार हरकत में आ गईं.
उड़ान के बीच अचानक बिगड़े हालात, पायलटों ने लिया त्वरित फैसला
उड़ान संख्या IOA-102 ने दोपहर के समय भुवनेश्वर से उड़ान भरी थी और सब कुछ सामान्य लग रहा था. लेकिन जैसे ही विमान राउरकेला के करीब पहुंचा, कॉकपिट में तकनीकी चेतावनी मिलने लगी. पायलटों ने हालात की गंभीरता को समझते हुए जोखिम लेने के बजाय तुरंत इमरजेंसी प्रोटोकॉल अपनाया. उन्होंने राउरकेला एटीसी को ‘Mayday’ संदेश भेजकर स्थिति से अवगत कराया. इसके बाद विमान को आगे ले जाने के बजाय पास के खुले इलाके की पहचान की गई. यह निर्णय बेहद अहम साबित हुआ क्योंकि कुछ ही मिनटों में विमान को जमीन पर उतारना जरूरी था. पायलटों की सतर्कता और प्रशिक्षण के कारण विमान आबादी से दूर उतरा, जिससे जान-माल का बड़ा नुकसान टल गया.
खुले मैदान में इमरजेंसी लैंडिंग, यात्रियों में दहशत लेकिन राहत भी
विमान को राउरकेला से पहले जलदा क्षेत्र के पास एक खुले मैदान में उतारा गया. लैंडिंग के वक्त यात्रियों में घबराहट थी, लेकिन पायलटों ने विमान को नियंत्रित रखते हुए सुरक्षित तरीके से जमीन पर ला दिया. टचडाउन के दौरान विमान का अगला हिस्सा और पंख क्षतिग्रस्त हुए, जिससे झटका तेज लगा. इसी कारण कुछ यात्रियों और क्रू मेंबर्स को मामूली चोटें आईं. लैंडिंग के तुरंत बाद स्थानीय लोग और बचाव दल मौके पर पहुंचे. सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया. डॉक्टरों के मुताबिक सभी की हालत स्थिर है और किसी को गंभीर खतरा नहीं है.
DGCA और AAIB ने शुरू की जांच, तकनीकी कारणों पर फोकस
घटना की जानकारी मिलते ही DGCA और AAIB सक्रिय हो गईं. शुरुआती तौर पर इसे तकनीकी खराबी से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा. विमान का डेटा और अन्य तकनीकी रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं. जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि खराबी उड़ान के किस चरण में सामने आई और क्या रखरखाव में कोई चूक हुई थी. नियमों के अनुसार एयरलाइन को विस्तृत रिपोर्ट संबंधित एजेंसियों को सौंपनी होगी. इस जांच का मकसद भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकना और सुरक्षा मानकों को और मजबूत करना है.
इंडिया वन एयर और ओडिशा की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी
इस उड़ान का संचालन IndiaOne Air द्वारा किया जा रहा था. यह एयरलाइन छोटे शहरों को जोड़ने वाली शेड्यूल्ड कम्यूटर सेवा के तहत काम करती है. ओडिशा सरकार के सहयोग से यह कंपनी टियर-3 शहरों के लिए हवाई संपर्क बढ़ा रही है. ऐसे रूट्स पर छोटे विमान तैनात किए जाते हैं ताकि दूरदराज के इलाकों को राजधानी और बड़े शहरों से जोड़ा जा सके. इस घटना के बाद एयरलाइन ने यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए जांच में पूरा सहयोग देने की बात कही है. राज्य सरकार ने भी स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा.
MAYDAY कॉल क्या है और क्यों है इतना अहम
‘Mayday’ शब्द फ्रेंच भाषा से लिया गया है, जिसका मतलब होता है “मदद चाहिए.” विमानन जगत में यह सबसे गंभीर इमरजेंसी सिग्नल माना जाता है. जब पायलट ‘Mayday’ कॉल देता है, तो उसे एयर ट्रैफिक कंट्रोल से तुरंत प्राथमिकता मिलती है. आसपास मौजूद अन्य विमानों को भी सतर्क कर दिया जाता है ताकि इमरजेंसी विमान के लिए रास्ता साफ रहे. इस घटना में भी Mayday कॉल ने निर्णायक भूमिका निभाई. समय पर दिया गया यह सिग्नल और उसके बाद लिया गया फैसला ही यात्रियों की जान बचाने में सबसे बड़ा कारण बना.

