झारखंड में बदला मौसम: रांची में झमाझम बारिश, 13 जिलों में आंधी-तूफान और वज्रपात का ऑरेंज अलर्ट
झारखंड में मौसम ने अचानक करवट ले ली है. शनिवार सुबह राजधानी रांची समेत राज्य के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश हुई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली.

Ranchi: झारखंड में मौसम ने अचानक करवट ले ली है. शनिवार सुबह राजधानी रांची समेत राज्य के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश हुई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली. सुबह के समय ही आसमान में घने बादल छा गए और कई इलाकों में शाम जैसा अंधेरा महसूस होने लगा. मौसम विभाग ने रांची सहित 13 जिलों में तेज आंधी, बारिश और वज्रपात को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. विभाग के अनुसार, कई क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. वहीं रविवार के लिए पूरे राज्य में येलो अलर्ट जारी किया गया है. मौसम में आए इस बदलाव के पीछे राज्य के ऊपर सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन को मुख्य कारण बताया जा रहा है, जिसके प्रभाव से आगामी दिनों में भी मौसम का मिजाज बदला रह सकता है.
साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से बदला मौसम का मिजाज
मौसम विभाग के अनुसार झारखंड में मौसम का यह बड़ा बदलाव राज्य के ऊपर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण हुआ है. पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस के बीच शुक्रवार और शनिवार की सुबह अचानक मौसम ने करवट ली. राजधानी रांची सहित कई जिलों में सुबह से ही घने बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई. कई इलाकों में सुबह 7:30 बजे ही देर शाम जैसा अंधेरा दिखाई दिया. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि वातावरण में नमी बढ़ने और दबाव प्रणाली के सक्रिय होने से गरज-चमक के साथ बारिश की स्थिति बनी है. इसके कारण राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है. मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी है. साथ ही किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है, क्योंकि तेज हवा और वज्रपात की संभावना लगातार बनी हुई है.
तापमान में बड़ी गिरावट, लोगों को मिली गर्मी से राहत
बारिश और बादलों की सक्रियता का सबसे बड़ा असर तापमान पर देखने को मिला है. राजधानी रांची में पिछले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में 8.6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, जो हाल के दिनों में सबसे बड़ी कमी मानी जा रही है. इसके अलावा मेदिनीनगर में तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस, जमशेदपुर में 4 डिग्री सेल्सियस और चाईबासा में 3.4 डिग्री सेल्सियस तक नीचे आ गया. लगातार पड़ रही गर्मी से परेशान लोगों को इस बदलाव से काफी राहत मिली है. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक तापमान सामान्य से नीचे बना रह सकता है. बारिश के कारण वातावरण में ठंडक बढ़ी है और उमस में भी कमी आई है. राज्य के कई इलाकों में लोगों ने सुबह और शाम के समय सुहावने मौसम का आनंद लिया. हालांकि विभाग ने चेतावनी दी है कि राहत के साथ-साथ तेज हवाओं और वज्रपात का खतरा भी बना हुआ है, इसलिए मौसम संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखना जरूरी है.
वज्रपात बना जानलेवा, चार लोगों की मौत
मौसम में आए बदलाव के साथ वज्रपात की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिनमें चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. गढ़वा जिले में बिजली गिरने से सोनमती देवी और उदय सिंह की जान चली गई. वहीं धनबाद जिले के राजगंज क्षेत्र में सपना देवी की मौत वज्रपात की चपेट में आने से हुई. राजधानी रांची के इटकी थाना क्षेत्र स्थित कुल्ली गांव में भी दुखद घटना सामने आई, जहां बिजली गिरने से 11 वर्षीय आश्रिता मिंज की मौत हो गई. इस हादसे में उसके माता-पिता गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. मौसम विभाग लगातार लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दे रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि गरज-चमक शुरू होते ही खुले मैदान, खेत, जलाशय और ऊंचे पेड़ों से दूरी बना लेनी चाहिए. ग्रामीण इलाकों में विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है, क्योंकि वज्रपात की घटनाएं अचानक और घातक साबित हो सकती हैं.
13 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, पूरे राज्य में येलो अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने शनिवार को राजधानी रांची समेत 13 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. विभाग के अनुसार इन जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. इसके साथ ही गरज-चमक, भारी बारिश और वज्रपात की भी आशंका जताई गई है. मौसम विभाग ने प्रशासन को सतर्क रहने और आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. रविवार को पूरे झारखंड के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है, जिससे स्पष्ट है कि मौसम की गतिविधियां अभी कुछ दिनों तक जारी रह सकती हैं. बोकारो में सबसे अधिक 25 मिलीमीटर और रांची में 15 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई है. मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य के कई हिस्सों में अगले 48 घंटे तक बारिश और तेज हवाओं का असर बना रह सकता है. ऐसे में लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है.
मॉनसून की रफ्तार धीमी, लेकिन जल्द बढ़ सकती है गतिविधि
मौसम विभाग के अनुसार श्रीलंका के आसपास बने कम दबाव के क्षेत्र और अन्य प्रतिकूल मौसमीय परिस्थितियों के कारण दक्षिण-पश्चिम मॉनसून फिलहाल केरल तट के आसपास ही रुका हुआ है. सामान्य परिस्थितियों में इस समय तक मॉनसून की प्रगति तेज होती है, लेकिन वर्तमान मौसमीय प्रणाली इसके आगे बढ़ने में बाधा बन रही है. हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आने वाले सप्ताह में मॉनसून धीरे-धीरे आगे बढ़ेगा और दक्षिण भारत के साथ-साथ पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में सक्रिय हो सकता है. झारखंड में वर्तमान में जो बारिश हो रही है, वह सीधे मॉनसून की बारिश नहीं बल्कि स्थानीय मौसमीय प्रणालियों और साइक्लोनिक सर्कुलेशन का परिणाम है. विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मॉनसून की प्रगति अनुकूल रहती है तो जून के पहले या दूसरे सप्ताह में झारखंड में भी मॉनसूनी गतिविधियां तेज हो सकती हैं. इससे किसानों और कृषि क्षेत्र को भी काफी लाभ मिलने की उम्मीद है.

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