असम विधानसभा चुनाव: कल 126 सीटों पर वोटिंग, 2.50 करोड़ मतदाता तय करेंगे भविष्य
असम विधानसभा चुनाव 2026 का प्रचार शांत हो चुका है. कल गुरुवार 9 अप्रैल को पूरे राज्य में एक चरण में मतदान होगा. 126 विधानसभा सीटों पर करीब 2.50 करोड़ मतदाता अपना मत डालेंगे. मतगणना 4 मई को होगी. सत्तारूढ़ भाजपा गठबंधन और कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन के बीच मुख्य मुकाबला है.


Assam: असम विधानसभा चुनाव 2026 का प्रचार शांत हो चुका है. कल गुरुवार 9 अप्रैल को पूरे राज्य में एक चरण में मतदान होगा. 126 विधानसभा सीटों पर करीब 2.50 करोड़ मतदाता अपना मत डालेंगे. मतगणना 4 मई को होगी. सत्तारूढ़ भाजपा गठबंधन और कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन के बीच मुख्य मुकाबला है. एआईयूडीएफ अलग चुनाव लड़ रहा है. मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की अगुवाई वाली भाजपा घुसपैठ रोकने, विकास कार्यों और महिला कल्याण योजनाओं पर जोर दे रही है. विपक्ष बाढ़ प्रबंधन, बेरोजगारी और क्षेत्रीय अस्मिता के मुद्दों को उठा रहा है. 2021 में भाजपा गठबंधन ने सरकार बनाई थी. इस बार युवा मतदाता, महिला वोटर और विभिन्न क्षेत्रीय ब्लॉक चुनावी नतीजे प्रभावित कर सकते हैं. कल का मतदान असम की राजनीति की दिशा तय करेगा.
31,486 मतदान केंद्रों में वोटिंग
असम विधानसभा चुनाव 2026 एक चरण में होगा. मतदान 9 अप्रैल 2026 को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा. चुनाव आयोग की तैयारी पूरी हो चुकी है. चुनाव आयोग ने पूरे राज्य में 31,486 मतदान केंद्र बनाए हैं. केंद्रीय सुरक्षा बलों की व्यापक तैनाती की गई है ताकि शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित हो. यह चुनाव नई डिलिमिटेशन के बाद हो रहा है.
126 सीटों पर चुनाव
विधानसभा में कुल 126 सीटें हैं. सरकार बनाने के लिए 64 सीटों का बहुमत जरूरी है. इनमें 9 अनुसूचित जाति (SC) और 19 अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित हैं. बोडोलैंड क्षेत्र, कार्बी आंगलोंग और डिमा हासाओ जैसे आदिवासी इलाकों में ST सीटें महत्वपूर्ण हैं. 2023 की डिलिमिटेशन प्रक्रिया के बाद कुछ सीटों की सीमाएं बदली गई हैं.
24958139 मतदाता तय करेंगे असम का भविष्य
कुल मतदाता संख्या 2,49,58,139 (लगभग 2.50 करोड़) है. इसमें पुरुष मतदाता 1,24,82,213, महिला मतदाता 1,24,75,583 और थर्ड जेंडर 343 हैं. युवा मतदाताओं (18-29 वर्ष) की संख्या करीब 29 प्रतिशत है. कुल 31,486 मतदान केंद्र बनाए गए हैं. चुनाव आयोग ने 85 वर्ष से अधिक उम्र के मतदाताओं और दिव्यांगों के लिए होम वोटिंग की व्यवस्था भी की है. महिलाओं और युवाओं की भागीदारी इस बार अहम भूमिका निभा सकती है.
722 उम्मीदवार मैदान में
इस चुनाव में कुल 722 उम्मीदवार मैदान में हैं. इनमें 663 पुरुष और 59 महिला उम्मीदवार शामिल हैं. राष्ट्रीय दलों से 211, राज्य दलों से 116, पंजीकृत दलों से 137 और निर्दलीय उम्मीदवार 258 हैं. कई सीटों पर 2 से 15 उम्मीदवारों के बीच मुकाबला है. भाजपा, कांग्रेस, एजीपी, बीपीएफ और एआईयूडीएफ ने अपने उम्मीदवार उतारे हैं.
प्रमुख राजनीतिक गठबंधन
भाजपा के नेतृत्व में एनडीए गठबंधन (भाजपा, एजीपी, बीपीएफ) सत्ता में है. कांग्रेस के नेतृत्व में असम संमिलित मोर्चा (एएसओएम) विपक्षी गठबंधन है जिसमें एजेपी और रायजोर दल शामिल हैं. बदरुद्दीन अजमल की एआईयूडीएफ अलग चुनाव लड़ रही है. टीएमसी ने भी कुछ सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं. 2021 के चुनाव में भाजपा गठबंधन ने बहुमत हासिल किया था.
हिमंता बिस्वा सरमा की चुनावी रणनीति
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने पूरे राज्य में जोरदार प्रचार किया. उन्होंने महिलाओं से सीधा संवाद किया और विभिन्न योजनाओं का लाभ बताया. घुसपैठ पर सख्त कार्रवाई, वन क्षेत्रों से अतिक्रमण हटाने और विकास परियोजनाओं (पुल, सड़क, मेडिकल कॉलेज) को मुद्दा बनाया. पीएम मोदी और अमित शाह की रैलियों ने भी प्रचार को बल दिया. सरमा जलुकबारी सीट से चुनाव लड़ रहे हैं.
चुनाव के प्रमुख मुद्दे
मुख्य मुद्दों में घुसपैठ रोकना, बाढ़ प्रबंधन, बेरोजगारी, महिला सशक्तिकरण और क्षेत्रीय अस्मिता शामिल हैं. भाजपा ने घुसपैठ-मुक्त असम और विकास पर फोकस किया. विपक्ष ने बाढ़ नियंत्रण, भूमि अधिकार और युवाओं को रोजगार के मुद्दे उठाए. चाय बागान क्षेत्र, बोडो क्षेत्र, बाराक घाटी और मुस्लिम बहुल इलाकों में स्थानीय मुद्दे अलग-अलग हैं.
महत्वपूर्ण सीटें और चेहरे
जलुकबारी: हिमंता बिस्वा सरमा (भाजपा). जोरहाट: गौरव गोगोई (कांग्रेस) बनाम हितेंद्र नाथ गोस्वामी (भाजपा). बिलासिपारा: बदरुद्दीन अजमल (एआईयूडीएफ). सिबसागर, खोइवांग, बोका खाट, नजीरा और हाफलांग जैसी सीटें भी ध्यान में हैं. 23 मुस्लिम बहुल सीटें, बोडोलैंड की 15 सीटें, चाय बेल्ट और बाराक घाटी अहम मानी जा रही हैं.
सुरक्षा और चुनावी तैयारियां
चुनाव आयोग ने निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय बलों की भारी तैनाती की है. 26,412 मतदाताओं (85+ उम्र और दिव्यांग) को होम वोटिंग की सुविधा दी गई है. सभी मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग और वीडियो सर्विलांस की व्यवस्था है. Model Code of Conduct का सख्ती से पालन कराया जा रहा है.

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