रांची में टीपीसी उग्रवादियों की गिरफ्तारी: लेवी मांगने के मामले का खुलासा
“रांची के ओरमांझी क्षेत्र में पुलिस ने टीपीसी के दो उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है. दोनों पर एक व्यवसायी से 10 लाख रुपये की लेवी मांगने का आरोप है. छापेमारी में हथियार और अन्य सामान भी बरामद किए गए हैं.”
रांची में उग्रवादी गतिविधियों के खिलाफ पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. ओरमांझी थाना क्षेत्र में एक व्यवसायी से रंगदारी मांगने के आरोप में टीपीसी (तृतीय प्रस्तुति कमेटी) से जुड़े दो संदिग्ध उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया है. यह कार्रवाई इलाके में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है. पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों ने न केवल रांची बल्कि आसपास के जिलों में भी व्यवसायियों को निशाना बनाया था. इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि उग्रवादी संगठन अब भी वित्तीय संसाधनों के लिए रंगदारी जैसे अवैध तरीकों का सहारा ले रहे हैं. मामले की जांच के बाद पुलिस ने पूरी रणनीति के तहत कार्रवाई की और आरोपियों को धर दबोचा. इस गिरफ्तारी से स्थानीय व्यापारियों में सुरक्षा की भावना मजबूत होने की उम्मीद है.
गिरफ्तार उग्रवादियों की पहचान और आरोप
पुलिस ने जिन दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान समरित गंझू उर्फ मलिंगा उर्फ अरुण और सोनू उरांव उर्फ सन्नी के रूप में हुई है. समरित हजारीबाग जिले के बड़कागांव क्षेत्र का निवासी है, जबकि सोनू रांची के पिठोरिया थाना क्षेत्र से जुड़ा है. दोनों पर आरोप है कि उन्होंने ओरमांझी क्षेत्र के एक व्यवसायी से 10 लाख रुपये की लेवी मांगी थी. शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया और जांच शुरू की.
पुलिस कार्रवाई और बरामद सामान
मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसका नेतृत्व सिल्ली डीएसपी ने किया. सूचना के आधार पर टीम ने इरबा इलाके में छापेमारी की और संदिग्धों का पीछा करते हुए उन्हें गोलचक्कर के पास रोक लिया. तलाशी के दौरान उनके पास से एक देशी कट्टा, मैग्जीन, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य उपकरण बरामद किए गए. इसके बाद दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने अपने अपराध को स्वीकार कर लिया.
कई जिलों में फैला था रंगदारी का नेटवर्क
पुलिस पूछताछ में यह सामने आया कि आरोपी केवल एक घटना तक सीमित नहीं थे. वे संगठन के लिए विभिन्न जिलों में जाकर व्यवसायियों को धमकाकर पैसे वसूलते थे. रांची के अलावा हजारीबाग और रामगढ़ में भी उनकी सक्रियता की जानकारी मिली है. पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है. अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस गिरोह के और सदस्यों को भी गिरफ्तार किया जा सकता है.

