नई दिल्ली
:
संसद के शीतकालीन सत्र के छठे दिन भी सदन में संभल हिंसा और अडाणी मामले पर हंगामा जारी रहा. सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी
INDIA
ब्लॉक के नेताओं ने अडाणी और उत्तर प्रदेश के संभल में हुई हिंसा को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया
,
जिसमें लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी
,
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा शामिल हुए. वहीं सदन की कार्यवाही के दौरान भी अडाणी मामले को लेकर विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत लोकसभा में लगभग पूरा विपक्ष मंगलवार को कुछ देर के लिए वॉकआउट कर गया. लोकसभा में संभल हिंसा पर बोलते हुए समाजवादी पार्टी के चीफ अखिलेश यादव ने कहा- संभल में जो घटना हुई है
,
वह एक सोची समझी साजिश है. ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि उत्तर प्रदेश में चुनाव था. संभल में भाईचारे को गोली मारने का काम हुआ है. बीजेपी और उसके सहयोगी दल जो पूरे देश में खुदाई की बातें कह रहे हैं वह देश के भाईचारे को खो देगी.
देश चलाने के लिए संसद चलना जरूरी
:
किरेन रिजिजू
विपक्ष के प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा
, '
देश को चलाने के लिए संसद चलना बहुत जरूरी है. संसद की कार्यवाही अगर ठीक से नहीं होगी तो उसका सबसे ज्यादा नुकसान देश और विपक्ष के सांसदों को होता है. हम बिना चर्चा के भी बिल पास कर सकते हैं
,
क्योंकि हमारे पास बहुमत है. अडाणी मुद्दे पर उन्होंने कहा कि अगर किसी दूसरे देश में किसी भारतीय के खिलाफ कोर्ट में कोई आदेश आता है तो क्या सदन में उसकी चर्चा हमेशा जारी रहेगी
?
मीटिंग में माने, लेकिन सदन में विपक्षियों ने फिर कर दिया हंगामा
इससे पहले सोमवार को
5
दिन तक संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही सिर्फ
75
मिनट चली. सोमवार को लोकसभा में सिर्फ
15
मिनट और राज्यसभा में करीब
20
मिनट ही कार्यवाही चल सकी. इससे पहले चार दिनों के अंदर चार बैठकों में दोनों सदनों में कुल
40
मिनट ही कार्यवाही हो सकी थी. इसे देखते हुए लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के साथ पक्ष और विपक्ष के फ्लोर लीडर्स की सोमवार को मीटिंग हुई.तय हुआ कि लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों को ठीक से चलाया जाएगा. विपक्ष के नेताओं ने कुछ मांगे रखी जिसे मान लिया गया है
,
लेकिन जब मंगलवार को सुबह
11
बजे जब संसद की कार्यवाही शुरू हुई तो एक बार फिर विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया.





