चंद्रनाथ मर्डर केस की जांच अब CBI के हाथ, रांची-धनबाद समेत दिल्ली, पटना और लखनऊ की टीम भी शामिल
चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच अब CBI करेगी. रांची, धनबाद, दिल्ली, पटना और लखनऊ के अधिकारियों को शामिल कर विशेष SIT बनाई गई है. मामले में विदेशी कनेक्शन और प्रोफेशनल शूटर्स की भूमिका की जांच तेज हो गई है.

पश्चिम बंगाल के चर्चित चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) करेगी. इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में रांची और धनबाद के अधिकारियों को भी विशेष जांच दल (SIT) में शामिल किया गया है. इसके अलावा दिल्ली, पटना और लखनऊ से भी अधिकारियों को टीम में जगह दी गई है. बीजेपी नेता और बंगाल के मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की हत्या के बाद मामला लगातार राजनीतिक रंग लेता गया. अब जांच में विदेशी कनेक्शन और प्रोफेशनल शूटरों की भूमिका सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने केस CBI को सौंप दिया है. झारखंड के रांची और धनबाद से अधिकारियों की एंट्री को लेकर यहां के सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस महकमे में भी हलचल तेज हो गई है.
रांची-धनबाद के अफसरों को मिली बड़ी जिम्मेदारी
सूत्रों के मुताबिक, संगठित अपराध और इंटरस्टेट नेटवर्क की जांच में इन अधिकारियों का अनुभव महत्वपूर्ण माना जा रहा है. कोलकाता जोन के संयुक्त निदेशक पूरी जांच की निगरानी करेंगे, जबकि डीआईजी रैंक के अधिकारी पंकज कुमार सिंह को ऑपरेशन की कमान दी गई है. झारखंड के अधिकारियों की भूमिका इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि जांच एजेंसियों को आशंका है कि शूटर्स और हथियार सप्लाई नेटवर्क का कनेक्शन कई राज्यों तक फैला हुआ हो सकता है. रांची और धनबाद पहले भी कई हाई-प्रोफाइल अपराध और अवैध हथियार नेटवर्क की जांच में अहम भूमिका निभा चुके हैं.
हत्या में प्रोफेशनल शूटर्स और विदेशी कनेक्शन का शक
CBI को सौंपी गई अधिसूचना में हत्या के पीछे विदेशी कनेक्शन की आशंका का जिक्र किया गया है. शुरुआती जांच में सामने आया है कि वारदात को बेहद प्रोफेशनल तरीके से अंजाम दिया गया. पुलिस के अनुसार, हत्या में दो बाइक और एक कार का इस्तेमाल किया गया था. कुल 8 से 9 लोग पूरे ऑपरेशन में शामिल थे. जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस्तेमाल की गई दो बंदूकों में से एक की कीमत 10 लाख टका से अधिक बताई जा रही है. रेकी, हथियार, वाहन और अन्य इंतजामों पर करीब एक करोड़ टका तक खर्च किए जाने की जानकारी सामने आई है. इससे यह आशंका और मजबूत हुई है कि हत्या किसी बड़े नेटवर्क के इशारे पर कराई गई.
बिहार और यूपी से तीन शार्प शूटर गिरफ्तार
इस मामले में अब तक बिहार और उत्तर प्रदेश से तीन संदिग्ध शार्प शूटरों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस उनसे लगातार पूछताछ कर रही है, हालांकि अभी तक किसी ने भी सीधे तौर पर हत्या में शामिल होने की बात स्वीकार नहीं की है. सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में से एक राज सिंह फिलहाल चुप्पी साधे हुए है, जबकि बाकी दोनों मानसिक दबाव में बताए जा रहे हैं. चंद्रनाथ रथ की 6 मई को मध्यमग्राम इलाके में बेहद करीब से गोली मारकर हत्या की गई थी. उन्हें सीने, पेट और हाथ में चार गोलियां मारी गई थीं. घटना के बाद बंगाल की राजनीति गरमा गई थी और विपक्ष ने कानून-व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए थे.
CID से अब CBI को सौंपे जाएंगे सभी दस्तावेज
अब तक इस मामले की जांच मध्यग्राम थाना पुलिस और पश्चिम बंगाल CID कर रही थी. लेकिन केस की गंभीरता और बहुराज्यीय कनेक्शन को देखते हुए सभी दस्तावेज जल्द ही CBI को सौंपे जाएंगे. जरूरत पड़ने पर SIT में और अधिकारियों को भी जोड़ा जा सकता है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस केस की जांच अब सिर्फ बंगाल तक सीमित नहीं रहने वाली. रांची, धनबाद, पटना और लखनऊ की एजेंसियों की सक्रिय भागीदारी से यह जांच राष्ट्रीय स्तर के संगठित अपराध नेटवर्क तक पहुंच सकती है.

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