Supreme Court of India से DRIL को राहत, देवघर रोपवे मामले में ब्लैकलिस्ट अवधि घटी
देवघर रोपवे दुर्घटना मामले में दामोदर रोपवे इंफ्रा लिमिटेड (DRIL) को बड़ी राहत मिली है. Supreme Court of India ने कंपनी की ब्लैकलिस्ट अवधि पांच साल से घटाकर तीन साल कर दी है.

Deoghar: देवघर रोपवे दुर्घटना मामले में दामोदर रोपवे इंफ्रा लिमिटेड (DRIL) को बड़ी राहत मिली है. Supreme Court of India ने कंपनी की ब्लैकलिस्ट अवधि पांच साल से घटाकर तीन साल कर दी है. राज्य सरकार ने दुर्घटना के बाद DRIL पर 9.11 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था और उसे पांच वर्षों के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया था. हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी.
सुप्रीम कोर्ट का फैसला
न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति एम. कोटेश्वर सिंह की पीठ ने मामले की सुनवाई की. सुनवाई के बाद अदालत ने ब्लैकलिस्ट की अवधि पांच साल से घटाकर तीन साल कर दी. अदालत ने स्पष्ट किया कि तीन साल की अवधि पूरी होने के बाद कंपनी किसी भी टेंडर प्रक्रिया में भाग ले सकेगी और उसे पूर्व ब्लैकलिस्टिंग के आधार पर बाहर नहीं किया जा सकता. हालांकि, सरकार द्वारा लगाए गए 9.11 करोड़ रुपये के जुर्माने के मुद्दे पर न्यायालय ने आर्बिट्रेशन की प्रक्रिया जारी रखने का निर्देश दिया है.
राज्य सरकार और JTDC को नोटिस
सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार और Jharkhand Tourism Development Corporation (JTDC) को नोटिस जारी किया था. राज्य सरकार की ओर से नोटिस प्राप्ति की सूचना कोर्ट को नहीं मिली, जबकि JTDC ने नोटिस के संबंध में अपना पक्ष रखा.
सुरक्षा व्यवस्था पर कोर्ट की टिप्पणी
भविष्य में ऐसी किसी दुर्घटना से बचाव के लिए अदालत ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया. न्यायालय ने Intervenor को सरकार के समक्ष सक्षम प्राधिकरण को प्रतिनिधित्व (Representation) देने की अनुमति दी. साथ ही निर्देश दिया कि ऐसा प्रतिनिधित्व मिलने पर सरकार छह सप्ताह के भीतर जवाब दे.
क्या है पूरा मामला?
10 अप्रैल 2022 को दोपहर करीब 3 बजे देवघर के त्रिकुट पहाड़ पर स्थित रोपवे की ट्रॉली की तार टूट गई थी. इस हादसे के बाद कई ट्रॉलियां हवा में लटक गईं और करीब 45 सैलानी फंस गए. बचाव कार्य के लिए Indian Air Force, National Disaster Response Force (NDRF) और देवघर जिला प्रशासन ने तीन दिनों तक संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया. दुर्भाग्यवश, इस हादसे में तीन सैलानियों की जान चली गई. घटना के बाद से रोपवे अब तक बंद पड़ा है. यह मामला राज्य में रोपवे संचालन की सुरक्षा व्यवस्था और जवाबदेही को लेकर लगातार चर्चा में रहा है.

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