गंगा डॉल्फिन संरक्षण और पर्यटन विकास पर जोर, विधायक ताजुद्दीन राजा ने दिया पर्यावरण बचाने का संदेश
“विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर साहिबगंज वन प्रमंडल की ओर से राजमहल प्रखंड स्थित गंगा तट के सुकसेना घाट में पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन, गंगा स्वच्छता, जल संरक्षण तथा राष्ट्रीय जलीय जीव गंगा डॉल्फिन के संरक्षण के प्रति ”

Sahebganj: विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर साहिबगंज वन प्रमंडल की ओर से राजमहल प्रखंड स्थित गंगा तट के सुकसेना घाट में पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन, गंगा स्वच्छता, जल संरक्षण तथा राष्ट्रीय जलीय जीव गंगा डॉल्फिन के संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना था. गंगा किनारे आयोजित इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, वन विभाग के अधिकारियों, नमामि गंगे परियोजना से जुड़े पदाधिकारियों, स्थानीय ग्रामीणों एवं गणमान्य नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया.
पर्यावरण संरक्षण में जनभागीदारी जरूरी: पंचम दुबे
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत एवं पर्यावरण संरक्षण विषयक परिचर्चा से हुई. वन क्षेत्र पदाधिकारी पंचम दुबे ने अतिथियों और जनप्रतिनिधियों का पौधा भेंट कर स्वागत किया. उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है. उन्होंने लोगों से प्लास्टिक का उपयोग कम करने, जल संरक्षण करने और अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की.
पर्यटन और पर्यावरण एक-दूसरे के पूरक: विधायक ताजुद्दीन राजा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजमहल विधायक मो. ताजुद्दीन राजा ने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण मानव जीवन की सबसे बड़ी जरूरत बन गया है. जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन ने आने वाली पीढ़ियों के सामने गंभीर चुनौतियां खड़ी कर दी हैं. उन्होंने कहा कि राजमहल क्षेत्र गंगा नदी, पहाड़ियों, वन संपदा और समृद्ध जैव विविधता जैसी प्राकृतिक धरोहरों से समृद्ध है. यदि इन संसाधनों का संरक्षण किया जाए और पर्यटन की संभावनाओं को विकसित किया जाए, तो इससे क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे.
पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की जरूरत: प्रबल गर्ग
साहिबगंज वन प्रमंडल पदाधिकारी प्रबल गर्ग ने कहा कि बढ़ता तापमान, असंतुलित वर्षा, जल संकट और जैव विविधता में कमी जैसी समस्याएं पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता को और अधिक महत्वपूर्ण बना रही हैं. उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने की आवश्यकता है. वन एवं वन्यजीव संरक्षण में स्थानीय समुदायों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और बिना जनसहयोग के संरक्षण के लक्ष्य को प्राप्त नहीं किया जा सकता.
गंगा डॉल्फिन नदी की सेहत का संकेतक: डॉ. शोभना राय
कार्यक्रम में मौजूद डॉल्फिन वैज्ञानिक डॉ. शोभना राय ने गंगा डॉल्फिन संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गंगा डॉल्फिन नदी पारिस्थितिकी तंत्र की सेहत का महत्वपूर्ण संकेतक प्राणी है. किसी नदी में डॉल्फिन की मौजूदगी उस नदी के स्वच्छ और स्वस्थ होने का प्रमाण मानी जाती है. उन्होंने बताया कि साहिबगंज क्षेत्र में गंगा डॉल्फिन की संख्या में वृद्धि एक सकारात्मक संकेत है, जो गंगा नदी की बेहतर पारिस्थितिक स्थिति को दर्शाता है. उन्होंने लोगों से नदी को स्वच्छ बनाए रखने और जलीय जैव विविधता के संरक्षण में सहयोग करने की अपील की.
वृक्षारोपण कर लिया हरित भविष्य का संकल्प
सांसद प्रतिनिधि संजीव सोमू हेम्ब्रम ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को केवल औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रखा जा सकता. इसके लिए सामुदायिक स्तर पर व्यापक जनजागरण अभियान चलाने की जरूरत है. कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई गई. समापन अवसर पर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, वन विभाग के कर्मियों और स्थानीय नागरिकों ने सामूहिक रूप से वृक्षारोपण किया तथा पौधों के संरक्षण का संकल्प लिया.
इस अवसर पर जिला परियोजना पदाधिकारी नमामि गंगे, जिला परिषद सदस्य, वनपाल राणा रंजीत, प्रधान वनरक्षी पप्पू कुमार, प्रेम कुमार, सनी कुमार सहित वन विभाग के अधिकारी, वनकर्मी और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे. गंगा तट पर आयोजित यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण, गंगा डॉल्फिन संवर्धन, नदी पारिस्थितिकी संरक्षण और जनसहभागिता के माध्यम से सतत विकास की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल साबित हुआ.

