“ट्रेनें समय पर चलाओ, वरना मालगाड़ी रोकेंगे”: टाटानगर में सरयू राय का बड़ा ऐलान
“सरयू राय ने टाटानगर रेलवे स्टेशन पर यात्री ट्रेनों की लगातार लेटलतीफी के खिलाफ जोरदार धरना दिया. इस दौरान शहर के कई सामाजिक संगठनों, व्यापारियों और आम नागरिकों ने उनके आंदोलन का समर्थन किया.”

Jamshedpur: सरयू राय ने टाटानगर रेलवे स्टेशन पर यात्री ट्रेनों की लगातार लेटलतीफी के खिलाफ जोरदार धरना दिया. इस दौरान शहर के कई सामाजिक संगठनों, व्यापारियों और आम नागरिकों ने उनके आंदोलन का समर्थन किया. धरना स्थल पर सुरक्षा के मद्देनजर जीआरपी और आरपीएफ बलों की तैनाती भी की गई थी. सरयू राय ने रेलवे प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि यात्री ट्रेनों को समय पर नहीं चलाया गया, तो जनता मजबूर होकर मालगाड़ियों को रोकने का कदम उठा सकती है. उन्होंने यह भी ऐलान किया कि इस मुद्दे को लेकर 21 सदस्यीय समिति का गठन किया जाएगा, जो इस लड़ाई को संगठित तरीके से आगे बढ़ाएगी.
धरने के दौरान सरयू राय ने कहा कि टाटानगर आने-जाने वाली अधिकांश यात्री ट्रेनें रोजाना 4 से 5 घंटे तक लेट चल रही हैं, जिससे आम यात्रियों को भारी परेशानी हो रही है. उन्होंने बताया कि यह समस्या पिछले तीन से साढ़े तीन वर्षों से लगातार बनी हुई है, लेकिन रेलवे प्रशासन इसे सुधारने में नाकाम रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि शुरुआत में लगा था कि समस्या का समाधान जल्द हो जाएगा, लेकिन समय के साथ स्थिति और खराब होती चली गई. राय ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने धरने की घोषणा की, तब रेलवे के अधिकारी लगातार उनसे संपर्क कर रहे थे, लेकिन ठोस समाधान अब तक नहीं निकाला गया.
भारतीय रेलवे पर निशाना साधते हुए सरयू राय ने कहा कि यात्रियों की सुविधा को नजरअंदाज कर मालगाड़ियों को प्राथमिकता दी जा रही है. उन्होंने तर्क दिया कि यदि मालगाड़ियां कुछ घंटे देरी से चलें, तो उद्योगों को ज्यादा नुकसान नहीं होगा, लेकिन यात्री ट्रेनों की देरी से आम जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. उन्होंने चक्रधरपुर रेल मंडल को भी उपेक्षित बताते हुए कहा कि यहां विकास कार्य अन्य मंडलों की तुलना में काफी देर से शुरू हुए हैं, जिससे क्षेत्र के लोग लंबे समय से परेशान हैं.
सरयू राय ने कहा कि यह केवल उनका व्यक्तिगत आंदोलन नहीं, बल्कि जनता से जुड़ा मुद्दा है. उन्होंने सभी राजनीतिक दलों और संगठनों को इस आंदोलन में शामिल होने का निमंत्रण दिया है. साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ने पर वे दिल्ली जाकर रेल मंत्री और रेलवे बोर्ड के चेयरमैन से मुलाकात करेंगे और इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाएंगे.

