रांची में कोचिंग, हॉस्टल और लॉज पर नगर निगम सख्त, 7 संस्थानों को 24 घंटे समय
रांची नगर निगम ने कोचिंग सेंटर, हॉस्टल और लॉज संचालकों को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है. ट्रेड लाइसेंस, फायर एनओसी और स्वीकृत भवन प्लान समेत जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर संबंधित भवनों को सील करने की कार्रवाई की जा सकती है.

रांची:- झारखंड की राजधानी रांची में नियमों का पालन किए बिना कोचिंग सेंटर, हॉस्टल और लॉज चलाने वाले संचालकों पर नगर निगम ने सख्ती बढ़ा दी है. रांची नगर निगम ने सात संस्थानों को 24 घंटे के भीतर जरूरी वैधानिक दस्तावेज प्रस्तुत करने और नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने का अल्टीमेटम दिया है. निगम ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय में जरूरी कागजात नहीं देने वाले संस्थानों के भवनों को सील करने समेत अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. यह कदम भवनों के स्वीकृत उपयोग, लाइसेंस, पंजीकरण और सुरक्षा मानकों से जुड़े नियमों के अनुपालन को लेकर उठाया गया है. निगम के अनुसार, कुछ संस्थानों को पहले भी नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन अपेक्षित अनुपालन नहीं होने के बाद अब कार्रवाई की तैयारी की जा रही है. इस अभियान का उद्देश्य नियमों के अनुरूप संस्थानों का संचालन सुनिश्चित करना और भवनों के गलत इस्तेमाल पर रोक लगाना है. ऐसे में संबंधित संचालकों के लिए समय सीमा के भीतर दस्तावेज जमा करना महत्वपूर्ण होगा.
सात संस्थानों को 24 घंटे में दस्तावेज देने का निर्देश
रांची नगर निगम ने सात संस्थानों को अंतिम चेतावनी देते हुए निर्धारित समय के भीतर जरूरी कागजात प्रस्तुत करने को कहा है. निगम की ओर से स्पष्ट किया गया है कि निर्देशों का पालन नहीं होने पर संबंधित भवनों को सील करने की कार्रवाई की जा सकती है. संचालकों को नियमानुसार संचालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है.
ट्रेड लाइसेंस से फायर एनओसी तक जरूरी दस्तावेज
निगम के निर्देश के अनुसार, संस्थानों को ट्रेड लाइसेंस, हॉस्टल पंजीकरण, वाणिज्यिक होल्डिंग, अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र यानी फायर एनओसी और स्वीकृत भवन प्लान जैसे दस्तावेज प्रस्तुत करने पड़ सकते हैं. इसके अलावा, संचालन से संबंधित अन्य आवश्यक अनुमतियां भी जरूरी हैं. भवन का उपयोग स्वीकृत नक्शे और निर्धारित उद्देश्य के अनुरूप होना चाहिए.
आवासीय भवनों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर नजर
नगर निगम की कार्रवाई उन मामलों पर भी केंद्रित है, जहां आवासीय भवनों का इस्तेमाल निर्धारित स्वीकृति से अलग व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है. नियमों के अनुसार आवश्यक अनुमति के बिना संस्थान चलाने या स्वीकृत भवन प्लान के विपरीत उपयोग करने पर कार्रवाई हो सकती है. निगम ने झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 और झारखंड भवन उपविधि, 2016 के प्रावधानों का हवाला दिया है.
पहले भी जारी किए गए थे नोटिस
नगर निगम के अनुसार, कुछ संस्थानों को पहले नोटिस और अंतिम स्मार नोटिस जारी कर जरूरी दस्तावेज जमा करने के निर्देश दिए गए थे. इसके बावजूद अनुपालन नहीं होने और कुछ जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने के बाद कार्रवाई की तैयारी की गई है. निगम का कहना है कि नियमों का पालन नहीं करने वाले संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे.
इन संस्थानों के नाम सूची में शामिल
पहले अंतिम स्मार नोटिस पाने वाले नौ संस्थानों की सूची में आरसी फिजिकल एकेडमी, हटमा; लक्ष्य डिफेंस एकेडमी, बिरसा कॉलोनी, मोरहाबादी; प्रकाश करियर फाउंडेशन, ले डिजायर कॉम्प्लेक्स, सर्कुलर रोड; आरसी डिफेंस एकेडमी, लालपुर; योद्धा डिफेंस एकेडमी, ईस्ट जेल रोड, थड़पखना; श्योर सक्सेस सेंटर, लालपुर; किरण एकेडमी, ईस्ट जेल रोड; कमांडो फिजिकल एकेडमी, हटमा और आरसी फिजिकल एकेडमी, बिरसा नगर, सरना टोली के नाम शामिल हैं.
यहां ध्यान देने वाली बात है कि उपलब्ध जानकारी में पहले नोटिस पाने वाले नौ संस्थानों का उल्लेख है, जबकि ताजा कार्रवाई के तहत सात संस्थानों को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिए जाने की बात कही गई है. दोनों सूचियों के बीच संबंध की पुष्टि आधिकारिक नोटिस से करना जरूरी है. निर्धारित समय में अनुपालन नहीं होने पर भवन सील करने सहित अन्य वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है.

