रंगदारी के लिए गोलीबारी मामले में तीन आरोपियों को राहत नहीं, कोर्ट ने जमानत याचिका की खारिज
रांची के अरगोड़ा थाना क्षेत्र में रंगदारी मांगने के दौरान हुई गोलीबारी के मामले में तीन आरोपियों को कोर्ट से राहत नहीं मिली. अपर न्याययुक्त की अदालत ने नीतीश पाण्डेय, गोलू बाल्मीकि और अभिजीत कुमार की जमानत याचिका खारिज कर दी. घटना 12 मई को बस चालक पर फायरिंग से जुड़ी है.

रांची में रंगदारी की मांग को लेकर हुई गोलीबारी के मामले में तीन आरोपियों को फिलहाल अदालत से कोई राहत नहीं मिली है. अपर न्याययुक्त की अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी नीतीश पाण्डेय, गोलू बाल्मीकि और अभिजीत कुमार की जमानत याचिका खारिज कर दी. यह मामला 12 मई को अरगोड़ा थाना क्षेत्र में हुई उस घटना से जुड़ा है, जिसमें बस चालक से कथित रूप से हथियार के बल पर रंगदारी मांगी गई थी. विरोध करने पर आरोपियों द्वारा फायरिंग किए जाने का आरोप है. गनीमत रही कि चालक समय रहते सिर झुका लेने के कारण गोली की चपेट में आने से बच गया. घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने पीछा कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि दो अन्य फरार हो गए थे. बाद में पुलिस ने मामले में आगे की कार्रवाई करते हुए अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया. फिलहाल तीनों आरोपियों की जमानत याचिका अदालत ने अस्वीकार कर दी है.
12 मई को अरगोड़ा में हुई थी वारदात
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, घटना 12 मई की रात अरगोड़ा चौक स्थित यात्री शेड के पास हुई थी. नो-एंट्री लागू होने के कारण जीवन ज्योति बस वहां खड़ी थी. इसी दौरान रात करीब 10 बजे दो युवक बस के अंदर पहुंचे और चालक को हथियार दिखाकर कथित तौर पर रंगदारी की मांग करने लगे.
विरोध करने पर चालक पर की गई फायरिंग
बताया गया कि आरोपियों ने बस चालक की जेब से जबरन पैसे निकालने की कोशिश की. जब चालक ने इसका विरोध किया तो उस पर गोली चला दी गई. हालांकि चालक ने तुरंत सिर झुका लिया, जिससे वह बाल-बाल बच गया. इस घटना से इलाके में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
पुलिस ने पीछा कर एक आरोपी को पकड़ा
गोली चलने की सूचना मिलते ही अरगोड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस को देखते ही आरोपी भागने लगे. पुलिस ने तत्काल पीछा कर एक आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया, जबकि दो अन्य आरोपी वहां से फरार होने में सफल रहे. बाद में जांच के दौरान पुलिस ने मामले में अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई की.
बस चालक के बयान पर दर्ज हुई थी प्राथमिकी
घटना के बाद बस चालक के लिखित बयान के आधार पर अरगोड़ा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई. पुलिस ने रंगदारी, जानलेवा हमला और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की. जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया.
अदालत ने जमानत देने से किया इनकार
मामले की सुनवाई के दौरान अपर न्याययुक्त की अदालत ने आरोपी नीतीश पाण्डेय, गोलू बाल्मीकि और अभिजीत कुमार की जमानत याचिका पर विचार किया. अदालत ने उपलब्ध तथ्यों और मामले की गंभीरता को देखते हुए तीनों की जमानत याचिका खारिज कर दी. इसके साथ ही फिलहाल तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में ही रहना होगा, जबकि मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी.

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