राजस्थान से DD बार संचालक नीरज सिंह गिरफ्तार, हिमांशु सिंह हत्याकांड में अब तक 9 आरोपी गिरफ्तार
जमशेदपुर के चर्चित हिमांशु सिंह हत्याकांड में एसआईटी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए डीडी बार संचालक नीरज सिंह को राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया है. मामले में अब तक नौ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि ₹2 लाख का इनामी मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा अब भी फरार है.

Jamshedpur: जमशेदपुर के चर्चित करणी सेना नेता हिमांशु सिंह हत्याकांड की जांच में विशेष जांच दल (SIT) को बड़ी कामयाबी मिली है. पुलिस ने राजस्थान में कार्रवाई करते हुए डीडी (DD) बार के संचालक और भाजपा से जुड़े व्यवसायी नीरज सिंह को गिरफ्तार कर लिया है. बताया जा रहा है कि नीरज सिंह अपने बेटे आदित्य के साथ राजस्थान के प्रसिद्ध खाटूश्याम मंदिर में दर्शन कर लौट रहे थे, तभी पहले से निगरानी कर रही पुलिस टीम ने उन्हें हिरासत में ले लिया. गिरफ्तारी के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई और परिजनों को इसकी सूचना दी गई. इस मामले में अब तक नौ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर है.
राजस्थान में खाटूश्याम मंदिर के पास हुई गिरफ्तारी
एसआईटी को सूचना मिली थी कि नीरज सिंह राजस्थान में मौजूद हैं. इसके बाद स्थानीय पुलिस के सहयोग से सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों को खाटूश्याम मंदिर परिसर में तैनात किया गया. जैसे ही नीरज सिंह अपने बेटे के साथ मंदिर से बाहर निकले, पुलिस ने उनका पीछा शुरू किया और करीब दो किलोमीटर आगे उनकी कार को घेरकर हिरासत में ले लिया. गिरफ्तारी के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई. घटना की जानकारी मिलते ही नीरज सिंह की पत्नी संध्या सिंह राजस्थान के लिए रवाना हो गईं. हालांकि, देर रात तक जमशेदपुर पुलिस की ओर से गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई थी.
ओडिशा से मैनेजर समेत चार और गिरफ्तार
हिमांशु सिंह हत्याकांड में एसआईटी लगातार कार्रवाई कर रही है. इसी क्रम में डीडी बार के मैनेजर विजय महानंद (विजय कुमार) को ओडिशा से गिरफ्तार किया गया. इसके अलावा अमित लोहार और उसके मामा लखिंदर को भी पुलिस ने दबोच लिया है. इन नई गिरफ्तारियों के बाद मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है. इसके बावजूद पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा की गिरफ्तारी है. पुलिस का दावा है कि उसकी तलाश में लगातार छापेमारी जारी है और जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
अग्रिम जमानत याचिका हुई निष्प्रभावी
नीरज सिंह की गिरफ्तारी के साथ ही उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वतः निष्प्रभावी हो गई है. इस याचिका पर सोमवार को जमशेदपुर व्यवहार न्यायालय में सुनवाई होनी थी, लेकिन गिरफ्तारी के कारण अब इस पर सुनवाई नहीं होगी. कानूनी जानकारों के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद पहले अग्रिम जमानत याचिका वापस ली जाती है और उसके बाद नियमित जमानत के लिए अदालत में आवेदन किया जाता है. वहीं, उनकी पत्नी संध्या सिंह की ओर से दायर दो अन्य याचिकाएं अभी भी अदालत में लंबित हैं, जिनमें जब्त वाहनों को रिलीज करने और बिना सर्च वारंट छापेमारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है.
छापेमारी में लग्जरी कार जब्त, मुख्य शूटर अब भी फरार
नीरज सिंह की तलाश के दौरान एसआईटी ने उनके मानगो स्थित आवास समेत कई ठिकानों पर छापेमारी की थी. इस दौरान करीब 3.5 करोड़ रुपये कीमत की एक लग्जरी कार सहित दो वाहनों को जब्त किया गया था. पुलिस ने कोलकाता, बेंगलुरु और अन्य राज्यों में भी लगातार दबिश दी थी. गौरतलब है कि 27 जून की रात बिष्टुपुर स्थित डीडी बार परिसर में हिमांशु सिंह और उनके साथियों का दूसरे पक्ष से विवाद हुआ था, जिसके बाद उनकी हत्या कर दी गई. प्राथमिकी में नीरज सिंह, विजय कुमार, विश्वनाथ मंडल, सोनू राम सरदार, राज लोहार, अमित लोहार सहित कई लोगों को नामजद किया गया है. पुलिस अब भी ₹2 लाख के इनामी मुख्य शूटर विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा की तलाश में जुटी हुई है.

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