ब्रेन मलेरिया पर बड़ा एक्शन! पोटका CHC के 11 डॉक्टर और MPW को शोकॉज नोटिस
पूर्वी सिंहभूम के पोटका में ब्रेन मलेरिया के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए CHC के 11 डॉक्टरों और एक MPW को शोकॉज नोटिस जारी किया है. जिले में एक दिन में 128 नए मरीज मिलने के बाद स्क्रीनिंग, दवा वितरण और जागरूकता अभियान तेज कर दिए गए हैं.

पूर्वी सिंहभूम जिले में ब्रेन मलेरिया के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है. पोटका प्रखंड में बच्चों की मौत और लगातार मिल रहे नए संक्रमितों के बीच विभाग ने स्वास्थ्य व्यवस्था की जवाबदेही तय करनी शुरू कर दी है. इसी कड़ी में पोटका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के 11 डॉक्टरों और एक मल्टी पर्पज वर्कर (MPW) को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने सभी संबंधित कर्मियों से 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा है. स्पष्ट किया गया है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. दूसरी ओर प्रभावित इलाकों में स्क्रीनिंग, सर्वे, दवा वितरण और जागरूकता अभियान को और तेज करने के निर्देश दिए गए हैं.
एक दिन में 128 नए मरीज, पोटका सबसे ज्यादा प्रभावित
स्वास्थ्य विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक शुक्रवार को जिले में 14,200 लोगों की मलेरिया जांच की गई, जिसमें 128 नए संक्रमित मिले. इनमें सबसे अधिक 35 मामले पोटका प्रखंड से सामने आए. तीन बच्चों की हालत गंभीर होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर किया गया है. वहीं 29 जून से 10 जुलाई के बीच जिले में 77,770 लोगों की जांच की गई, जिनमें 1,731 लोग मलेरिया से संक्रमित पाए गए. लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित गांवों में निगरानी और जांच अभियान तेज कर दिया है.
इलाज में लापरवाही पर कार्रवाई
ब्रेन मलेरिया के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने साफ कर दिया है कि मरीजों के इलाज या निगरानी में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इसी कारण पोटका सीएचसी के 11 डॉक्टरों और एक MPW से स्पष्टीकरण मांगा गया है. इसके साथ ही एमजीएम मेडिकल कॉलेज को संक्रमण के तेजी से फैलने के कारणों का अध्ययन करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है. मेडिकल टीम यह पता लगाएगी कि किन कारणों से संक्रमण बढ़ रहा है और इसे रोकने के लिए किन अतिरिक्त उपायों की आवश्यकता है.
घर-घर सर्वे, जांच और जागरूकता अभियान तेज
स्वास्थ्य विभाग ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों को निर्देश दिया है कि बुखार से पीड़ित हर व्यक्ति की तत्काल जांच की जाए और रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर बिना देरी एंटी-मलेरिया दवा उपलब्ध कराई जाए. प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर स्क्रीनिंग कर रही हैं. साथ ही मच्छरों से बचाव, साफ-सफाई और समय पर इलाज को लेकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है. नुक्कड़ नाटक, स्वास्थ्य शिविर और जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को ब्रेन मलेरिया से बचाव के उपाय भी बताए जा रहे हैं. जिला प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और संक्रमण पर नियंत्रण के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं.

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