MP News: बकरीद की कुर्बानी से आहत मुस्लिम युवक ने अपनाया सनातन धर्म, बिलाल से बना विशाल
मध्य प्रदेश में एक मुस्लिम युवक ने बकरीद के दौरान पशुओं की कुर्बानी से आहत होकर सनातन धर्म अपना लिया। महादेवगढ़ मंदिर में वैदिक रीति-रिवाजों के साथ हुए धार्मिक अनुष्ठान के बाद बिलाल नाम बदलकर विशाल रख लिया। पशु कुर्बानी उसे परेशान करती थी जिसके चलते उसने अपने जीवन की नई शुरुआत करने का फैसला लिया


मध्य प्रदेश के खंडवा जिले से एक दिलचस्प मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बना लिया है. जिले के प्रसिद्ध महादेवगढ़ मंदिर में एक मुस्लिम युवक ने सनातन धर्म को अपनाया है. इस युवक का नाम बिलाल है, जिसने धार्मिक अनुष्ठानों और वैदिक विधियों के साथ सनातन धर्म स्वीकार करने के बाद अपना नया नाम 'विशाल' रखा. कहा जा रहा है कि वह लंबे समय से इस निर्णय पर विचार कर रहा था, और हाल ही में बकरीद के दौरान पशुओं की कुर्बानी देखने के बाद उसने यह महत्वपूर्ण कदम उठाने का फैसला किया. खंडवा के महादेवगढ़ मंदिर में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और सनातन धर्म से जुड़े लोग मौजूद थे. पूरे अनुष्ठान के दौरान वैदिक मंत्रों का उच्चारण किया गया और पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन किया गया.
बचपन से पशु कुर्बानी से था आहत
जानकारी के अनुसार खिरकिया निवासी बिलाल ने महादेवगढ़ मंदिर के प्रमुख अशोक पालीवाल के समक्ष अपनी इच्छा व्यक्त करते हुए कहा कि वह अपनी स्वेच्छा से सनातन धर्म अपनाना चाहता है. युवक ने बताया कि बचपन से ही बकरीद के अवसर पर होने वाली पशुओं की कुर्बानी उसे मानसिक रूप से परेशान करती थी. उसका कहना है कि बेजुबान जानवरों को काटे जाते देख उसका मन विचलित हो जाता था और समय के साथ यह भावना और गहरी होती चली गई. बिलाल के मुताबिक हाल ही में बकरीद के दौरान उसने एक बार फिर बड़े पैमाने पर पशुओं की कुर्बानी देखी, जिसके बाद उसने अपने जीवन में बड़ा बदलाव लाने का निर्णय लिया. इसी दौरान उसे पुरुषोत्तम मास और सनातन धर्म की परंपराओं के बारे में जानकारी मिली, जिसने उसे इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया.
10 विधि स्नान और पंचगव्य से हुआ शुद्धिकरण
महादेवगढ़ मंदिर में एक युवक की घर वापसी और उपनयन संस्कार के लिए एक खास कार्यक्रम का आयोजन किया गया. सनातन परंपरा के अनुसार, सबसे पहले उसका शुद्धिकरण किया गया. इस प्रक्रिया में युवक को गंगाजल, गो-दुग्ध, पंचामृत, गोमूत्र, गौ-गोबर, तुलसी रज, फल, धातु, पंचगव्य और अन्य पवित्र सामग्री से स्नान कराया गया. इसके बाद वैदिक मंत्रों के बीच धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ. मंदिर प्रबंधन के अनुसार, सभी प्रक्रियाएं सनातन धर्म की परंपराओं और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूरी की गईं. धर्म परिवर्तन के बाद, बिलाल ने अपना नया नाम विशाल रखा और सनातन जीवन पद्धति को अपनाने का संकल्प लिया.
'हर-हर महादेव' और 'जय श्री राम' के जयकारों से गूंजा मंदिर परिसर
धार्मिक अनुष्ठान के बाद भगवान महादेव की भव्य महाआरती का आयोजन किया गया. इस मौके पर मंदिर परिसर 'हर-हर महादेव' और 'जय श्री राम' के जयकारों से गूंज उठा. कार्यक्रम में शामिल श्रद्धालुओं ने विशाल का स्वागत किया और उसके नए जीवन की शुरुआत के लिए शुभकामनाएं दीं. कार्यक्रम के अंत में, मंदिर प्रबंधन ने विशाल को पवित्र ग्रंथ रामायण भेंट की. इसके साथ ही, उसे सनातन धर्म के सिद्धांतों और जीवन मूल्यों को समझने के लिए प्रेरित किया गया. इस समय, यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और सोशल मीडिया पर भी लोगों की विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं.

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