विदेश में मीटिंग, देश में बवाल: सीएम सोरेन के दौरे पर छिड़ा नया विवाद
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विदेश दौरे के बीच राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. ब्रिटेन प्रवास के दौरान ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में एक प्रस्तावित मुलाकात को लेकर विपक्ष ने सरकार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.


Ranchi: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विदेश दौरे के बीच राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. ब्रिटेन प्रवास के दौरान ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में एक प्रस्तावित मुलाकात को लेकर विपक्ष ने सरकार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री के कार्यक्रम पर आपत्ति जताते हुए इसे राज्य और देश की संवेदनशीलता से जोड़ दिया है. मरांडी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए मुख्यमंत्री की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर अल्पा शाह से प्रस्तावित मुलाकात को लेकर तीखा हमला बोला. उन्होंने सवाल किया कि क्या मुख्यमंत्री और उनके सलाहकारों को इस मुलाकात के राजनीतिक और वैचारिक निहितार्थों की पूरी जानकारी है. बीजेपी का दावा है कि यह मुलाकात केवल एक अकादमिक संवाद नहीं, बल्कि विचारधारात्मक संदेश देने का मंच बन सकती है. इसी मुद्दे पर अब राज्य में सियासी पारा चढ़ता नजर आ रहा है.
“किससे मिलने जा रहे हैं मुख्यमंत्री?” — मरांडी का सवाल
बाबूलाल मरांडी ने अपने पोस्ट में लिखा कि 23 जनवरी को मुख्यमंत्री सोरेन की ब्रिटेन स्थित University of Oxford में प्रोफेसर अल्पा शाह से मुलाकात प्रस्तावित है, जिसका एजेंडा “Sustainable Development” बताया जा रहा है. मरांडी का आरोप है कि अल्पा शाह को उनके लेखन और विचारों के कारण वामपंथी विचारधारा और नक्सल समर्थक विमर्श से जोड़ा जाता रहा है. उन्होंने दावा किया कि उनकी चर्चित पुस्तक Nightmarch में नक्सली आंदोलन के प्रति सहानुभूति दिखाई गई है. बीजेपी नेता ने इसे देश की सुरक्षा और शहीदों के सम्मान से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री की भूमिका पर सवाल उठाए.
सत्ता पक्ष की चुप्पी, बढ़ता राजनीतिक तनाव
बीजेपी के इन आरोपों के बाद राज्य की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है. हालांकि, अब तक सत्तारूढ़ दल झारखंड मुक्ति मोर्चा की ओर से इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विदेश दौरे और अंतरराष्ट्रीय मंच से जुड़ा यह विवाद आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है. विपक्ष इसे वैचारिक मुद्दा बनाकर सरकार को घेरने की रणनीति में जुटा है, जबकि सत्ता पक्ष की चुप्पी कई सवालों को जन्म दे रही है. फिलहाल, मुख्यमंत्री के दौरे और प्रस्तावित मुलाकात पर सियासी निगाहें टिकी हुई हैं.

specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.
Related Posts








Leave a comment