चाईबासा में मानव तस्करी की बड़ी साजिश नाकाम, 9 नाबालिग बच्चों को सुरक्षित बचाया गया
पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर में पुलिस ने मानव तस्करी की बड़ी साजिश को नाकाम करते हुए 9 नाबालिग बच्चों को सुरक्षित बचाया है. बच्चों को रोजगार का झांसा देकर गुजरात और तमिलनाडु ले जाया जा रहा था.

पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर में पुलिस ने मानव तस्करी के एक गंभीर मामले का खुलासा करते हुए 9 नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू किया है. इनमें पांच लड़कियां और चार लड़के शामिल हैं, जिन्हें रोजगार दिलाने का झांसा देकर गुजरात और तमिलनाडु ले जाने की तैयारी थी. पुलिस को स्टेशन परिसर में बच्चों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं, जिसके बाद जांच शुरू की गई. पूछताछ में यह मामला मानव तस्करी से जुड़ा पाया गया. इसके बाद प्रशासन और बाल संरक्षण से जुड़ी विभिन्न एजेंसियों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए सभी बच्चों को सुरक्षित संरक्षण में लिया. अधिकारियों के अनुसार बच्चों को बेहतर काम और अच्छी कमाई का लालच दिया गया था. फिलहाल सभी बच्चों को बाल संरक्षण गृह भेज दिया गया है और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है. इस कार्रवाई को मानव तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है.
स्टेशन जांच अभियान में हुआ खुलासा
चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन और उसके आसपास विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा था. इस दौरान थाना प्रभारी अवधेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कुछ बच्चों को संदिग्ध स्थिति में देखा. जब उनसे पूछताछ की गई तो उनके जवाब संतोषजनक नहीं मिले. आगे की जांच में पता चला कि बच्चों को दूसरे राज्यों में काम दिलाने के बहाने ले जाया जा रहा था. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी बच्चों को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया.
कई एजेंसियों ने मिलकर चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
इस पूरे अभियान में केवल पुलिस ही नहीं, बल्कि कई विभागों और संस्थाओं ने संयुक्त रूप से काम किया. चाइल्ड हेल्पलाइन, रेलवे सुरक्षा बल (RPF), महिला थाना, जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल कल्याण समिति (CWC) और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) की टीम भी अभियान में शामिल रही. सभी एजेंसियों ने मिलकर बच्चों की सुरक्षा और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की. इसके बाद उन्हें बाल संरक्षण गृह भेजा गया, जहां उनकी देखभाल की जा रही है.
मानव तस्करी रोकने के लिए लगातार चल रहा अभियान
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मानव तस्करी के खिलाफ जिले में लगातार निगरानी और अभियान चलाया जा रहा है. खासकर रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थानों पर विशेष नजर रखी जा रही है. प्रशासन का कहना है कि गरीब और ग्रामीण परिवारों के बच्चों को नौकरी और बेहतर जीवन का लालच देकर तस्करी की घटनाएं बढ़ रही हैं. ऐसे मामलों को रोकने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं. फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है ताकि इसमें शामिल लोगों तक पहुंचा जा सके.

specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.



Leave a comment