पुरुलिया में कल कुर्मियों का ‘कुंभ’: 10 लाख से ज्यादा भीड़, 40 हजार गांवों की महिलाएं करेंगी करम अखड़ा; टूटेगा वर्ल्ड रिकॉर्ड?
“पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में 20 सितंबर को होने वाला ‘करम परबतिया महाजुड़वाही’ बड़े कुर्मी महाजुटान के रूप में आयोजित किया जा रहा है. आयोजकों के मुताबिक करीब 40 हजार गांवों के करम अखाड़ा दल और बड़ी संख्या में महिलाएं सामूहिक करम नृत्य में शामिल होंगी. ”

Purulia: पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में 20 सितंबर को होने वाला ‘करम परबतिया महाजुड़वाही’ इस बार सिर्फ एक सामाजिक-सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर होने वाला कुर्मी महाजुटान बनने जा रहा है. आयोजकों के मुताबिक, करीब 1000 बीघा के मैदान में तीन बड़े मंच तैयार किए गए हैं और करीब 10 लाख लोगों के पहुंचने का लक्ष्य है. सबसे बड़ा आकर्षण 40 हजार गांवों से आने वाले करम अखाड़ा दल होंगे, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं पारंपरिक करम नृत्य करेंगी. आयोजकों का दावा है कि इस सामूहिक नृत्य के जरिए चीन में दर्ज करीब 35 हजार प्रतिभागियों के रिकॉर्ड को तोड़ने की कोशिश होगी. एक दल में करीब 200 से 300 महिलाएं होंगी और नृत्य एक से दो घंटे तक चलने की तैयारी है. आयोजन में कई राज्यों के राजनीतिक और सामाजिक प्रतिनिधियों के पहुंचने की भी बात कही गई है.
40 हजार गांवों से करम अखाड़े, महिलाओं का होगा सबसे बड़ा जुटान
इस महाजुटान का सबसे बड़ा आकर्षण करम अखाड़ा होगा. आयोजकों के अनुसार झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम और छत्तीसगढ़ के करीब 40 हजार कुर्मी बहुल गांवों के पारंपरिक अखाड़ों को आयोजन में शामिल होने का न्योता दिया गया है. इन अखाड़ों की महिलाओं के सामूहिक करम नृत्य को कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बनाया गया है. एक दल में करीब 200 से 300 महिलाओं के शामिल होने की तैयारी बताई गई है. आयोजन से जुड़े लोगों का दावा है कि नृत्य का सामूहिक प्रदर्शन करीब एक से दो घंटे तक चलेगा. इससे पहले हुई रिहर्सल में ही करीब 10 हजार लोगों की भीड़ जुटी थी और सैकड़ों नृत्य मंडलियों ने पारंपरिक ढोल-धमाकों के साथ अभ्यास किया था.
तीन मंच, 1000 बीघा मैदान और 10 लाख लोगों का दावा
करम परबतिया महाजुड़वाही के लिए पुरुलिया के कराडी मैदान में बड़े स्तर पर तैयारियां की गई हैं. आयोजकों ने बताया कि करीब 1000 बीघा क्षेत्र में कार्यक्रम की व्यवस्था की गई है और अलग-अलग गतिविधियों के लिए तीन मंच बनाए गए हैं. इतनी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पार्किंग, पेयजल, अस्थायी शौचालय और आने-जाने के लिए दिशा-सूचक व्यवस्था तैयार की जा रही है. आयोजकों ने करीब 10 लाख लोगों के जुटने का दावा किया है. हालांकि, उपलब्ध स्वतंत्र रिपोर्टों में भी आयोजन के लिए लाखों लोगों के पहुंचने की बात कही गई है, लेकिन अंतिम भीड़ का आंकड़ा कार्यक्रम के बाद ही स्पष्ट होगा.
मुख्यमंत्री से सांसद-विधायक तक, कई राज्यों के प्रतिनिधि होंगे मौजूद
इस महाजुटान में राजनीतिक और सामाजिक प्रतिनिधियों की मौजूदगी भी महत्वपूर्ण रहेगी. उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे. ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा को भी आमंत्रित किया गया है; उनकी उपस्थिति की आधिकारिक पुष्टि आयोजकों की ओर से अलग-अलग रिपोर्टों में स्पष्ट नहीं है. इसके अलावा झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम और आसपास के क्षेत्रों से सांसदों, विधायकों तथा सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के पहुंचने की बात कही गई है. महाजुटान के मंच से कुर्मी समाज की ST दर्जे की मांग, कुड़माली भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने और सामाजिक-सांस्कृतिक पहचान से जुड़े मुद्दे भी उठाए जाने हैं.
करम नृत्य से रिकॉर्ड बनाने की तैयारी, चीन के रिकॉर्ड का दावा
आयोजकों ने सामूहिक करम नृत्य को संभावित वर्ल्ड रिकॉर्ड प्रयास से भी जोड़ा है. उनका दावा है कि चीन में करीब 35 हजार प्रतिभागियों वाले सामूहिक डांस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने के लिए 20 सितंबर को बड़ी संख्या में महिलाएं एक साथ करम अखाड़ा करेंगी. हालांकि, उपलब्ध विश्व रिकॉर्ड स्रोतों में इस ‘35 हजार’ वाले चीन रिकॉर्ड की स्वतंत्र और स्पष्ट पुष्टि मुझे नहीं मिली है, इसलिए इसे अभी आयोजकों का दावा ही माना जाना चाहिए. इसी तरह महाजुटान में 10 लाख लोगों की मौजूदगी भी आयोजकों का अनुमान है, न कि पहले से सत्यापित भीड़ का आंकड़ा. कार्यक्रम के बाद वास्तविक संख्या और रिकॉर्ड प्रयास की आधिकारिक स्थिति ज्यादा स्पष्ट होगी.



