UPSC रिजल्ट में झारखंड का दम: सुदीपा दत्ता 41वीं रैंक, विपुल गुप्ता 103वें, निहारिका सिन्हा और श्रुति मोदी भी सफल
“UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 में झारखंड के युवाओं ने शानदार प्रदर्शन किया. दुमका की सुदीपा दत्ता ने AIR 41 हासिल किया, जबकि लातेहार के विपुल गुप्ता को 103वां रैंक मिला.”

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) सिविल सेवा परीक्षा 2025 के परिणाम ने एक बार फिर झारखंड के युवाओं की प्रतिभा को राष्ट्रीय मंच पर स्थापित कर दिया है. दुमका की रहने वाली सुदीपा दत्ता ने ऑल इंडिया रैंक 41 हासिल कर राज्य का नाम रोशन किया है. खास बात यह है कि उन्होंने बिना किसी बड़े कोचिंग संस्थान के सहारे, सीमित संसाधनों में रहकर यह सफलता हासिल की. उनकी इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया कि सही रणनीति और लगातार मेहनत से कठिन से कठिन लक्ष्य भी हासिल किया जा सकता है. सुदीपा की सफलता के साथ-साथ झारखंड के अन्य अभ्यर्थियों ने भी शानदार प्रदर्शन किया है. लातेहार के विपुल गुप्ता ने 103वां रैंक हासिल किया, जबकि साहिबगंज की निहारिका सिन्हा और धनबाद की श्रुति मोदी ने भी इस प्रतिष्ठित परीक्षा में अपनी जगह बनाई. इन सफलताओं ने राज्य के हजारों युवाओं के लिए एक नई प्रेरणा और उम्मीद की कहानी लिख दी है.
सेल्फ-स्टडी से हासिल किया 41वां रैंक
दुमका जिले के कुमड़ाबाद की रहने वाली सुदीपा दत्ता की सफलता मेहनत, अनुशासन और स्पष्ट लक्ष्य का परिणाम है. उनके पिता सच्चिदानंद दत्ता डाकघर में पोस्टमास्टर हैं और मां पंपा दत्ता गृहिणी हैं. साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि के बावजूद सुदीपा ने हमेशा अपनी पढ़ाई को प्राथमिकता दी. उनकी शुरुआती पढ़ाई सेंट जोसेफ स्कूल, बांका से हुई. इसके बाद उन्होंने सिदो-कान्हू हाई स्कूल, दुमका से 12वीं की पढ़ाई पूरी की और ए.एन. कॉलेज, दुमका से स्नातक किया. कॉलेज के दौरान ही उन्होंने सिविल सेवा में जाने का लक्ष्य तय कर लिया था. सुदीपा ने महंगे कोचिंग संस्थानों की बजाय सेल्फ-स्टडी को अपना रास्ता बनाया. वह नियमित रूप से दुमका के राजकीय पुस्तकालय में पढ़ाई करती थीं और वहां होने वाले ग्रुप डिस्कशन व मॉक टेस्ट में हिस्सा लेकर अपनी तैयारी को मजबूत करती थीं. तीसरे प्रयास में उन्हें ऑल इंडिया रैंक 41 हासिल हुई. इससे पहले उनका चयन झारखंड लोक सेवा आयोग के माध्यम से सीडीपीओ पद के लिए भी हो चुका है.
लातेहार के विपुल गुप्ता: 103वीं रैंक के साथ UPSC में दर्ज कराई मजबूत मौजूदगी
लातेहार जिले के रहने वाले विपुल गुप्ता ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया रैंक 103 हासिल कर राज्य को गौरवान्वित किया है. विपुल की सफलता इस बात का उदाहरण है कि छोटे शहरों के युवा भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा में अपनी मजबूत पहचान बना सकते हैं. विपुल की पढ़ाई के दौरान उनका फोकस हमेशा सिविल सेवा परीक्षा पर रहा. उन्होंने लगातार कई वर्षों तक तैयारी करते हुए अपनी रणनीति को बेहतर बनाया. पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने करंट अफेयर्स और उत्तर लेखन अभ्यास पर विशेष ध्यान दिया, जो इस परीक्षा में सफलता के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. परिवार और शिक्षकों के सहयोग के साथ विपुल ने अपनी तैयारी को लगातार जारी रखा और आखिरकार इस प्रतिष्ठित परीक्षा में 103वां स्थान हासिल किया. उनकी सफलता लातेहार और आसपास के इलाकों के युवाओं के लिए बड़ी प्रेरणा बन गई है.
साहिबगंज की निहारिका सिन्हा: 365वीं रैंक के साथ सिविल सेवा में बनाई जगह
साहिबगंज की रहने वाली निहारिका सिन्हा ने UPSC 2025 में ऑल इंडिया रैंक 365 हासिल कर अपने जिले और राज्य का नाम रोशन किया है. निहारिका की सफलता यह दर्शाती है कि निरंतर प्रयास और सही दिशा में मेहनत से बड़े लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं. निहारिका ने अपनी पढ़ाई के दौरान ही सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी. उन्होंने विषयों की गहरी समझ विकसित करने के साथ-साथ नियमित उत्तर लेखन अभ्यास पर भी जोर दिया. उनकी तैयारी का बड़ा हिस्सा सेल्फ-स्टडी और सीमित संसाधनों के बीच ही हुआ. UPSC जैसी कठिन परीक्षा में सफलता हासिल करना आसान नहीं होता, लेकिन निहारिका ने धैर्य और अनुशासन के साथ अपनी तैयारी जारी रखी. उनकी इस उपलब्धि ने साहिबगंज जिले के छात्रों में सिविल सेवा परीक्षा के प्रति नई उत्सुकता पैदा कर दी है.
धनबाद की श्रुति मोदी: 569वीं रैंक के साथ सफलता की सूची में शामिल
धनबाद की रहने वाली श्रुति मोदी ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया रैंक 569 हासिल की है. इस उपलब्धि के साथ उन्होंने यह साबित कर दिया कि लगातार मेहनत और स्पष्ट लक्ष्य के साथ आगे बढ़ने से सफलता जरूर मिलती है. श्रुति की पढ़ाई के दौरान उनका झुकाव हमेशा प्रशासनिक सेवाओं की ओर रहा. उन्होंने तैयारी के दौरान अपने वैकल्पिक विषय और सामान्य अध्ययन के बीच संतुलन बनाए रखा. इसके साथ ही उन्होंने नियमित मॉक टेस्ट और उत्तर लेखन अभ्यास के जरिए अपनी तैयारी को मजबूत किया. UPSC की अंतिम सूची में जगह बनाना किसी भी अभ्यर्थी के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है. श्रुति मोदी की सफलता से धनबाद सहित पूरे झारखंड के युवाओं को प्रेरणा मिली है कि सही रणनीति और धैर्य के साथ सिविल सेवा जैसे कठिन लक्ष्य को भी हासिल किया जा सकता है.

