20 साल बाद घर लौटा पति, पत्नी ने फिर सजाई मांग; राजस्थान के आश्रम से बोकारो तक पहुंची कहानी
बोकारो में करीब 20 साल बाद लापता पति परशुराम महतो घर लौटे, राजस्थान के भरतपुर के आश्रम में उनकी जानकारी मिलने के बाद परिवार उन्हें वापस लाया. पत्नी ने सिंदूर से पति का स्वागत किया.


झारखंड के बोकारो से सामने आई एक ऐसी कहानी ने पूरे गांव को भावुक कर दिया, जिसे सुनकर किसी फिल्मी कहानी का एहसास होता है. बोकारो थर्मल थाना क्षेत्र के गोविंदपुर बस्ती निवासी परशुराम महतो करीब 20 साल बाद अपने घर लौटे. रोजगार की तलाश में मुंबई जाने के लिए निकले परशुराम के बाद परिवार को उनकी कोई खबर नहीं मिली. समय बीतता गया और घरवालों की उम्मीदें भी कमजोर पड़ने लगीं. फिर अचानक राजस्थान के भरतपुर से उनके परिवार को ऐसी सूचना मिली, जिसने वर्षों के इंतजार को खुशी में बदल दिया. पता चला कि परशुराम वहां एक आश्रम में रह रहे हैं. सूचना मिलते ही परिजन राजस्थान पहुंचे और उन्हें सकुशल वापस बोकारो ले आए. घर लौटने पर ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों के साथ उनका स्वागत किया. वर्षों बाद पति को सामने देखकर पत्नी की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े.
20 साल पहले रोजगार की तलाश में निकले थे परशुराम
परशुराम महतो गोविंदपुर बस्ती के रहने वाले हैं. परिवार के मुताबिक करीब दो दशक पहले वह रोजगार की तलाश में मुंबई जाने के लिए घर से निकले थे. इसके बाद उनका संपर्क परिवार से टूट गया और धीरे-धीरे उनकी कोई जानकारी नहीं मिल सकी. समय गुजरता गया, लेकिन परिजन उनके लौटने की उम्मीद लगाए रहे. इतने लंबे समय तक कोई खबर नहीं मिलने के कारण परिवार के लिए उनका इंतजार बेहद मुश्किल रहा. वर्षों बाद जब उनके बारे में जानकारी मिली तो परिजनों ने बिना देर किए उन्हें वापस लाने की तैयारी शुरू कर दी.
राजस्थान के भरतपुर के आश्रम में मिली जानकारी
ग्रामीणों के अनुसार, परशुराम पिछले करीब एक साल से राजस्थान के भरतपुर जिले के एक आश्रम में रह रहे थे. उनकी मौजूदगी की जानकारी बोकारो थर्मल थाना प्रभारी के माध्यम से परिवार तक पहुंची. सूचना मिलते ही परिजन राजस्थान पहुंचे. वहां परशुराम को सकुशल देखकर परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. इसके बाद उन्हें अपने साथ लेकर परिवार बोकारो लौट आया. करीब 20 साल बाद किसी अपने को वापस पाना परिवार के लिए बेहद भावुक पल था. जिस व्यक्ति की तलाश और इंतजार में वर्षों बीत गए, वह अचानक उनके बीच मौजूद था.
ढोल-नगाड़ों के साथ हुआ स्वागत, पत्नी ने फिर भरी मांग
परशुराम के घर लौटने की खबर मिलते ही गोविंदपुर बस्ती में खुशी का माहौल बन गया. ग्रामीणों ने गाजे-बाजे के साथ उनका स्वागत किया. लंबे समय से पति की राह देख रही पत्नी अपने सामने उन्हें देखकर भावुक हो गईं. ग्रामीण महिलाओं की मौजूदगी में परशुराम ने पत्नी की मांग में दोबारा सिंदूर भरा. यह दृश्य देखकर वहां मौजूद कई लोगों की आंखें भी नम हो गईं. परिवार के लिए यह सिर्फ घर वापसी नहीं, बल्कि दो दशक लंबे इंतजार के खत्म होने का पल था.
पुलिस की सूचना से परिवार तक पहुंची खुशियों की खबर
परिजनों ने परशुराम के सुरक्षित घर लौटने में पुलिस प्रशासन की भूमिका के लिए बोकारो थर्मल थाना प्रभारी का आभार जताया. बताया गया कि आश्रम में उनके होने की जानकारी पुलिस के माध्यम से परिवार तक पहुंची, जिसके बाद परिजन राजस्थान गए और उन्हें वापस लेकर आए. करीब दो दशक तक अलग रहने के बाद परशुराम का परिवार से मिलना पूरे इलाके के लिए भावुक कर देने वाला अनुभव रहा. लंबे इंतजार के बाद घर लौटे परशुराम के स्वागत में पूरा गांव जिस तरह शामिल हुआ, उसने इस मिलन को यादगार बना दिया.

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