नाई समाज को लेकर आपत्तिजनक भोजपुरी वीडियो पर शिकायत, साइबर थाना से कार्रवाई की मांग
“रांची में नाई समाज विकास समिति ने कथित आपत्तिजनक भोजपुरी गीत और वीडियो के खिलाफ साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई है. समिति ने वीडियो के स्रोत की जांच, डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखने और दोषी पाए जाने वालों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है.”

Ranchi:- रांची में नाई समाज से जुड़े एक संगठन ने सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे एक भोजपुरी गीत और वीडियो को लेकर साइबर थाना में लिखित शिकायत दी है. नाई समाज विकास समिति की केंद्रीय कमिटी ने आरोप लगाया है कि वायरल हो रही सामग्री में समाज और उसके पारंपरिक व्यवसाय को कथित तौर पर आपत्तिजनक और अपमानजनक तरीके से पेश किया गया है. समिति ने पुलिस से मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है. संगठन के अनुसार, “बाप चलावे सैलून, बेटी दिखावे बैलून” शीर्षक से एक गीत/वीडियो विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हो रहा है. समिति का कहना है कि इसकी विषयवस्तु से समाज के लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं. शिकायत में वीडियो के मूल स्रोत से लेकर इसे अपलोड और दोबारा प्रसारित करने वाले सोशल मीडिया अकाउंट की पहचान करने की मांग की गई है. समिति ने डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखने और जांच के बाद लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की मांग भी की है.
साइबर थाना में दिया गया लिखित आवेदन
नाई समाज विकास समिति की केंद्रीय कमिटी ने 26 सितंबर 2026 को रांची साइबर थाना में आवेदन दिया. समिति ने पुलिस से शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू करने और यदि अपराध बनता है तो प्राथमिकी दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है.
संगठन का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सामग्री के प्रसार को देखते हुए मामले की जांच जल्द की जानी चाहिए.
भोजपुरी गीत को लेकर जताई आपत्ति
समिति के अनुसार सोशल मीडिया पर एक भोजपुरी गीत और उससे जुड़ा वीडियो प्रसारित हो रहा है, जिसका शीर्षक “बाप चलावे सैलून, बेटी दिखावे बैलून” बताया गया है.
समिति ने आरोप लगाया है कि गीत में नाई समाज और उसके पारंपरिक सैलून व्यवसाय को आपत्तिजनक संदर्भ में प्रस्तुत किया गया है. संगठन का कहना है कि इससे समुदाय के लोगों की सामाजिक भावनाएं प्रभावित हुई हैं.
वीडियो के स्रोत की जांच की मांग
शिकायत में पुलिस से वीडियो के मूल स्रोत का पता लगाने की मांग की गई है. इसके अलावा निर्माता, गायक, गीतकार, संगीतकार, मूल अपलोडर और संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट की पहचान करने की बात कही गई है.
समिति ने वीडियो को दोबारा प्रसारित करने वाले अकाउंट और लोगों की भी जांच करने का अनुरोध किया है.
डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखने की अपील
नाई समाज विकास समिति ने पुलिस से मामले से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग की है. संगठन का कहना है कि जांच के दौरान वीडियो और उससे जुड़े ऑनलाइन रिकॉर्ड में किसी तरह की छेड़छाड़ न हो, इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए.
साथ ही समिति ने कानूनी प्रक्रिया के तहत कथित आपत्तिजनक सामग्री को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से हटाने की मांग भी रखी है.
जांच के बाद कार्रवाई की मांग
समिति ने भारतीय न्याय संहिता, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और अन्य लागू प्रावधानों के तहत जांच और कार्रवाई की मांग की है. संगठन ने कहा कि नाई समाज लंबे समय से अपने पारंपरिक व्यवसाय के जरिए लोगों को सेवाएं देता आया है और समुदाय की गरिमा का सम्मान किया जाना चाहिए.




