दिल्ली में गूंजेगी करमा की थाप, झारखंड की आदिवासी संस्कृति का दिखेगा रंग
“झारखंड की आदिवासी संस्कृति की झलक अब दिल्ली में देखने को मिलेगी. रविवार को संजय सेठ के आवास पर करम महोत्सव का आयोजन होगा, जिसमें करम पूजा, पारंपरिक नृत्य और जनजातीय लोक संस्कृति की प्रस्तुति होगी.”

Delhi:- झारखंड की आदिवासी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ा करमा पर्व अब देश की राजधानी दिल्ली में भी बड़े स्तर पर मनाने की तैयारी है. रविवार को केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री और रांची सांसद रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ के आवास पर करम महोत्सव आयोजित किया जाना है. आयोजन में झारखंड की जनजातीय परंपरा, करम पूजा और लोक संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी. कार्यक्रम को लेकर झारखंड से जुड़े कई सामाजिक और सांस्कृतिक प्रतिनिधि दिल्ली पहुंच चुके हैं. आयोजन से जुड़े लोगों के अनुसार, केंद्रीय मंत्री, सांसद और अन्य गणमान्य लोगों को भी आमंत्रित किया गया है. रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ की टीम कार्यक्रम की तैयारियों में जुटी है. इससे पहले झारखंड में करम पर्व के अवसर पर बड़े सांस्कृतिक आयोजनों में जनप्रतिनिधियों और कलाकारों की भागीदारी देखने को मिलती रही है.
दिल्ली में होगा करम महोत्सव का आयोजन
करमा पर्व झारखंड की जनजातीय संस्कृति और सामुदायिक परंपराओं से गहराई से जुड़ा पर्व है. इसी सांस्कृतिक विरासत को राजधानी दिल्ली में प्रस्तुत करने के उद्देश्य से करम महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है. कार्यक्रम में पारंपरिक पूजा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी.
झारखंड से कई प्रतिनिधि पहुंचे दिल्ली
आयोजन की तैयारियों में झारखंड से जुड़े कई प्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हो रहे हैं. रांची की मेयर रोशनी खलखो, बीजेपी नेत्री आरती कुजूर, मुख्य पाहन जगलाल पाहन, अशोक मुंडा और सरना समिति से जुड़े प्रतिनिधियों के कार्यक्रम में शामिल होने की जानकारी दी गई है.
झारखंड में करम पर्व के आयोजनों में पारंपरिक पूजा के साथ लोक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होता रहा है.
तैयारियों पर रखी जा रही नजर
कार्यक्रम को लेकर आयोजन स्थल पर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने का काम चल रहा है. आयोजकों का जोर इस बात पर है कि करम पर्व की पारंपरिक पहचान और जनजातीय संस्कृति को दिल्ली में प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया जा सके.
पूजा, पारंपरिक नृत्य और लोक संस्कृति से जुड़े कार्यक्रमों को आयोजन का हिस्सा बनाया जाएगा.
कई गणमान्य लोगों को भेजा गया निमंत्रण
करम महोत्सव में केंद्रीय मंत्री, सांसद, झारखंड से जुड़े जनप्रतिनिधि और अन्य गणमान्य लोगों को आमंत्रित किए जाने की जानकारी सामने आई है. संजय सेठ की ओर से विभिन्न लोगों तक निमंत्रण पहुंचाने की प्रक्रिया भी जारी है.
आयोजकों की कोशिश है कि दिल्ली में होने वाला यह कार्यक्रम झारखंड की सांस्कृतिक पहचान को व्यापक मंच प्रदान करे.
दिल्ली में दिखेगी झारखंड की सांस्कृतिक झलक
करम महोत्सव के जरिए झारखंड की जनजातीय परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय राजधानी में प्रस्तुत करने का प्रयास किया जा रहा है. करम पर्व सामुदायिक सहभागिता, प्रकृति और लोक परंपराओं से जुड़ा है.
केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने क्या कहा
दिल्ली में करम मिलन समारोह के आयोजन की तैयारियां पूरी हो रही हैं. आयोजन का उद्देश्य झारखंड की आदिवासी संस्कृति, परंपरा और प्रकृति संरक्षण की सोच को देश के सामने रखना है. आयोजकों का कहना है कि करम पर्व केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जल, जंगल और जमीन के संरक्षण से जुड़ी आदिवासी जीवनशैली का प्रतीक है. झारखंड में सरहुल और करम जैसे पर्व प्रकृति के प्रति सम्मान और उसके संरक्षण का संदेश देते हैं. इसी विचार को व्यापक स्तर पर पहुंचाने के लिए दिल्ली में करम मिलन समारोह आयोजित किया जा रहा है. कार्यक्रम में झारखंड से आने वाले लोगों के साथ दिल्ली में रहने वाले समाज के लोग, मंत्रीगण और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग शामिल होंगे. आयोजकों को उम्मीद है कि समारोह के जरिए देश के दूसरे हिस्सों के लोग भी करम पर्व की परंपरा और इसके सामाजिक-सांस्कृतिक महत्व को समझ सकेंगे.
झारखंड की पारंपरिक संस्कृति और करम पर्व की पहचान को दिल्ली तक पहुंचाने के लिए करम महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है. कार्यक्रम का उद्देश्य दिल्ली में रहने वाले झारखंडी और जनजातीय समाज के लोगों को अपनी पारंपरिक संस्कृति से जोड़ना है. आयोजकों के अनुसार झारखंड में करम पर्व बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है, लेकिन रोजगार और अन्य कारणों से दिल्ली में रहने वाले कई लोग अपने पारंपरिक पर्व से दूर रह जाते हैं. ऐसे में दिल्ली में करम महोत्सव का आयोजन उन्हें एक साथ अपनी संस्कृति और परंपरा से जुड़ने का अवसर देगा. कार्यक्रम की तैयारियां पिछले दो दिनों से चल रही हैं. आयोजकों ने इस पहल के लिए सांसद और रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ के प्रति आभार जताया. उनका कहना है कि करम केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि झारखंड की सांस्कृतिक पहचान और विरासत का हिस्सा है.
दिल्ली में करम मिलन समारोह के जरिए झारखंड की आदिवासी संस्कृति और करम पर्व की परंपरा को व्यापक पहचान देना तथा दिल्ली में रहने वाले जनजातीय समाज को एक मंच पर जोड़ना। इसे खबर में इस तरह जोड़ा जा सकता है.


