हेमंत सोरेन की असम में एंट्री से कांग्रेस में हलचल, गौरव गोगोई की सीएम हेमंत से मुलाकात
असम प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष और लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के उपनेता Gaurav Gogoi गुरुवार को रांची पहुंचे और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की. हालांकि गौरव गोगोई ने इसे शिष्टाचार भेंट बताया, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे असम चुनाव के लिए संभावित गठबंधन की अहम कड़ी माना जा रहा है.

Ranchi/Guwahati: झारखंड के मुख्यमंत्री और Hemant Soren की असम राजनीति में बढ़ती सक्रियता ने कांग्रेस के भीतर नई हलचल पैदा कर दी है. असम विधानसभा चुनाव को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की गंभीरता और हेमंत सोरेन के हालिया दो असम दौरों के बाद कांग्रेस ने भी औपचारिक स्तर पर बातचीत की पहल तेज कर दी है. असम प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष और लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के उपनेता Gaurav Gogoi गुरुवार को रांची पहुंचे और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की. हालांकि गौरव गोगोई ने इसे शिष्टाचार भेंट बताया, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे असम चुनाव के लिए संभावित गठबंधन की अहम कड़ी माना जा रहा है.
इस बीच हेमंत सरकार में स्वास्थ्य मंत्री Irfan Ansari ने स्पष्ट संकेत देते हुए कहा कि हेमंत सोरेन अब केवल झारखंड तक सीमित नेता नहीं हैं. उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन विश्व के सबसे बड़े आदिवासी नेताओं में से एक हैं और उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है. हम नहीं चाहते कि असम में वही स्थिति बने जो बिहार में देखने को मिली थी. इसलिए हमारी कोशिश है कि झामुमो असम में इंडिया ब्लॉक का हिस्सा बनकर चुनाव लड़े.”
गौरव गोगोई के साथ कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव Jitendra Singh भी रांची पहुंचे. उन्होंने बताया कि कांग्रेस आलाकमान ने अनुभवी नेता Bandhu Tirkey को असम विधानसभा चुनाव के लिए सीनियर ऑब्जर्वर बनाया है, जो राज्य के कई इलाकों का दौरा कर वहां की राजनीतिक स्थिति का आकलन कर चुके हैं. आने वाले दिनों में झारखंड कांग्रेस के सहयोग से असम में रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा.
जय भारत पार्टी के साथ गठबंधन की अटकलें
सूत्रों के मुताबिक झारखंड की सत्तारूढ़ क्षेत्रीय पार्टी Jharkhand Mukti Morcha असम में चुनावी मैदान में उतरने के लिए नई रणनीति पर काम कर रही है. झामुमो राज्य में Jai Bharat Party के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ सकती है. अगर ऐसा होता है तो असम की राजनीति में एक नया समीकरण बन सकता है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हेमंत सोरेन की असम में बढ़ती सक्रियता से कांग्रेस की रणनीति पर दबाव बना है. ऐसे में रांची में हुई यह मुलाकात आगामी असम चुनाव के लिए इंडिया ब्लॉक की रणनीति तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है.

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