हजारीबाग में हेडमास्टर पर छात्राओं से छेड़छाड़ का आरोप, CWC की दखल के बाद FIR के निर्देश
हजारीबाग के चरही थाना क्षेत्र के एक सरकारी स्कूल में हेडमास्टर पर छात्राओं से छेड़छाड़ का गंभीर मामला सामने आया है. दो छात्राओं ने चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद बाल कल्याण समिति (CWC) ने जांच शुरू की.

Hazaribagh: झारखंड के हजारीबाग जिले से एक बेहद गंभीर और शर्मनाक मामला सामने आया है, जिसने स्कूलों में छात्राओं की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. चरही थाना क्षेत्र के एक सरकारी विद्यालय में पदस्थापित हेडमास्टर पर छात्राओं ने छेड़छाड़ और अनुचित शारीरिक स्पर्श के गंभीर आरोप लगाए हैं. बताया जा रहा है कि पीड़ित छात्राओं ने सबसे पहले चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद मामला बाल कल्याण समिति (CWC) तक पहुंचा. जांच के दौरान करीब दो दर्जन छात्राओं ने समान आरोप लगाए, जिससे मामला और गंभीर हो गया. आरोप है कि हेडमास्टर ने छात्राओं को डराने-धमकाने की भी कोशिश की. घटना के उजागर होते ही अभिभावकों और स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया है और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है.
छात्राओं ने हेल्पलाइन पर दर्ज कराई शिकायत
मामले की शुरुआत 11 अप्रैल को हुई, जब दो छात्राओं ने चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर कॉल कर अपने साथ हुई छेड़छाड़ की जानकारी दी. छात्राओं ने बताया कि स्कूल के हेडमास्टर द्वारा पढ़ाई के दौरान अनुचित तरीके से शारीरिक स्पर्श किया जाता था. शिकायत मिलते ही बाल संरक्षण से जुड़ी टीम सक्रिय हुई और चरही थाना पुलिस के साथ स्कूल पहुंचकर प्रारंभिक जांच शुरू की गई.
जांच के दौरान अन्य छात्राओं से भी पूछताछ की गई, जिसमें कई छात्राओं ने समान प्रकार की घटनाओं का जिक्र किया. इससे स्पष्ट हुआ कि मामला एक या दो छात्राओं तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यापक स्तर पर शोषण की आशंका है.
CWC की जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य
बाल कल्याण समिति (CWC) ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी पीड़ित छात्राओं को बयान के लिए हजारीबाग बुलाया. यहां विस्तृत पूछताछ के दौरान करीब दो दर्जन छात्राओं ने हेडमास्टर पर छेड़छाड़ और अनुचित व्यवहार के आरोप लगाए.
छात्राओं ने यह भी बताया कि आरोपी शिक्षक उन्हें धमकाता था कि अगर वे इस बारे में घर या किसी को बताएंगी, तो उन्हें बुरे परिणाम भुगतने होंगे. इस तरह की धमकी ने छात्राओं को लंबे समय तक चुप रहने पर मजबूर किया.
CWC ने जांच पूरी होने के बाद चरही थाना को आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है.
स्थानीय लोगों और संगठनों में आक्रोश
घटना सामने आने के बाद स्थानीय ग्रामीणों, अभिभावकों और सामाजिक संगठनों में भारी नाराजगी देखी जा रही है. संपूर्णा संकट मोचन संगठन की अध्यक्ष अमीषा प्रसाद ने थाना में लिखित आवेदन देकर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की.
इस दौरान पंचायत समिति सदस्य आशा राय और शक्ति देवी सहित कई स्थानीय प्रतिनिधि भी मौजूद रहे. लोगों का कहना है कि स्कूल जैसे सुरक्षित माने जाने वाले स्थान पर इस तरह की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं और इससे बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा असर पड़ता है.
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपी को तुरंत पद से हटाया जाए और कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
प्रशासन ने शुरू की कार्रवाई, सुरक्षा पर उठे सवाल
बाल कल्याण समिति से जुड़े अधिकारियों ने पुष्टि की है कि शिकायत के आधार पर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और पुलिस जांच जारी है. अधिकारियों का कहना है कि दोषी पाए जाने पर आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी.
इस घटना ने एक बार फिर स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. अभिभावकों का कहना है कि सरकारी स्कूलों में निगरानी तंत्र को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.
फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और पीड़ित छात्राओं के बयान के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

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