होर्मुज की खाड़ी में इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग का साया: जहाजों के रहस्यमय समूहों से बढ़ा वैश्विक तनाव
होर्मुज की खाड़ी में ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध के बीच इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग ने समुद्री ट्रैफिक को अस्त-व्यस्त कर दिया है. Bloomberg और Windward के डेटा से पता चलता है कि कम से कम 12 जहाजों के क्लस्टर बने हैं, जहां 200+ जहाज एक साथ दिख रहे हैं.

ईरान-अमेरिका-इजरायल संघर्ष के बीच होर्मुज की खाड़ी में इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग की वजह से जहाजों की ट्रैकिंग में भारी गड़बड़ी हो रही है. ट्रैकिंग डेटा से पता चल रहा है कि खाड़ी के आसपास दर्जनों जहाजों के असामान्य समूह बन रहे हैं, जिनमें कुछ 200 से अधिक वाहन शामिल हैं. ये ग्रुप्स अजीब आकारों में घूमते नजर आ रहे हैं, जैसे अबू धाबी के पास गोलाकार घेरा या यूएई के रुवैस में उल्टा 'Z' पैटर्न. विशेषज्ञों का मानना है कि यह जीपीएस और एआईएस सिग्नल्स में हस्तक्षेप का नतीजा है, जो नेविगेशन को जटिल बना रहा है. होर्मुज वैश्विक तेल व्यापार का 20% हिस्सा संभालता है, और ईरान द्वारा इसे बंद करने से उत्पादन घटा है, तेल कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचीं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खाड़ी पर नियंत्रण की बात कही है, लेकिन इलेक्ट्रॉनिक युद्ध ने स्थिति को और अस्पष्ट कर दिया है. (शब्द: 142)
जैमिंग से जहाजों की ट्रैकिंग में भ्रम
होर्मुज की खाड़ी में पिछले 48 घंटों में इलेक्ट्रॉनिक हस्तक्षेप ने जहाजों की स्थिति को पहचानना कठिन बना दिया है. ब्लूमबर्ग के ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, कम से कम 12 ऐसे समूह बने हैं जहां जहाज असल जगह से अलग लोकेशन पर दिख रहे हैं. उदाहरणस्वरूप, अबू धाबी के निकट समुद्र में एक गोलाकार संरचना नजर आ रही है, जबकि ओमान की खाड़ी में लकीरदार ग्रुप्स. विंडवर्ड मैरीटाइम इंटेलिजेंस के अनुसार, संघर्ष शुरू होने के साथ ही जैमिंग सक्रिय हो गई, जिससे 1,100 से अधिक जहाज प्रभावित हुए. फरवरी 28 से मार्च 2 के बीच 35 जैमिंग क्लस्टर्स मिले. स्टारबोर्ड मैरीटाइम के विश्लेषक मार्क डगलस ने कहा कि यह डेटा अब विश्वसनीय नहीं रहा, क्योंकि सिग्नल्स स्पूफिंग से जहाज गलत दिशा में दिखते हैं.
तेल बाजार पर गहरा असर
होर्मुज बंद होने से फारस की खाड़ी के तेल उत्पादक देशों को निर्यात रुक गया है. स्टोरेज भरने से सऊदी अरब, यूएई और कुवैत जैसे देशों ने उत्पादन 20-30% घटा दिया. ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमतें सप्लाई चेन बाधित होने से 120 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गईं, जो ऊर्जा बाजार में उथल-पुथल मचा रही हैं. हालांकि, ट्रंप के युद्ध जल्द समाप्त होने के संकेतों के बाद मंगलवार को कीमतें 10% लुढ़क गईं. जेएमआईसी डेटा से पता चलता है कि 4 मार्च को सिर्फ पांच जहाज गुजरे, जबकि 26 फरवरी को 120 थे. ईरान ने खाड़ी को अवरुद्ध कर वैश्विक ऊर्जा संकट पैदा किया है, जिससे यूरोप और एशिया में ईंधन कीमतें बढ़ रही हैं. विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि लंबे बंदी से वैश्विक जीडीपी पर 1-2% का नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है.
नेविगेशन जोखिम और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध की रणनीति
समुद्री विशेषज्ञों का कहना है कि जैमिंग भू-राजनीतिक तनाव में सेनाओं की सामान्य रणनीति है, जो दुश्मन की नेविगेशन क्षमता को कमजोर करती है. फ्रांस24 की रिपोर्ट के मुताबिक, रास अल खैमाह तट पर नई सैटेलाइट हस्तक्षेप से जहाज सीधी लाइन में दिख रहे हैं, लेकिन वास्तव में स्थिर हैं. इंसाइड जीएनएसएस ने जीपीएस स्पूफिंग का जिक्र किया, जो टकराव का खतरा बढ़ा रहा है. विंडवर्ड के अनुसार, हूती विद्रोहियों की धमकियों के साथ यह क्षेत्र अब सबसे खतरनाक हो गया है. मार्क डगलस ने चेताया कि जीपीएस पर निर्भरता अब घातक साबित हो रही है, खासकर जब पहले ही कई जहाज मिसाइल हमलों का शिकार हो चुके हैं. एक्स (पूर्व ट्विटर) पर चर्चा से पता चलता है कि ईरान सक्रिय रूप से नेविगेशन को बाधित कर रहा है, जिससे चीनी जहाजों को बेइडू सिस्टम पर स्विच करना पड़ा.
ट्रंप की प्रतिक्रिया: खाड़ी पर अमेरिकी नियंत्रण की योजना
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीबीएस इंटरव्यू में कहा कि युद्ध "लगभग समाप्त" है और वे होर्मुज पर नियंत्रण लेने की सोच रहे हैं. उन्होंने सरकारी बीमा कवरेज और नौसेना एस्कॉर्ट की पेशकश की ताकि व्यापार बहाल हो. एपी न्यूज के अनुसार, ट्रंप ने ईरान से "बिना शर्त आत्मसमर्पण" की मांग की, जो संघर्ष को नया मोड़ दे सकती है. सीएनएन ने ट्रंप की योजना को अव्यावहारिक बताया, क्योंकि ईरान ने माइनफील्ड बिछाने की धमकी दी है. पीबीएस न्यूज कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने जोर दिया कि यह युद्ध तेल-निर्भर देशों के हित में है. एक्स पर पोस्ट्स से संकेत मिलता है कि रूस के पुतिन ने तेल बाजार पर चेतावनी दी है. ट्रंप की यह रणनीति खाड़ी को अमेरिकी प्रभाव में लाने का प्रयास लगती है, लेकिन ईरान की जवाबी कार्रवाई से जोखिम बढ़ सकता है.
वॉर रिस्क प्रीमियम और वैकल्पिक रास्ते
जैमिंग से जहाज मालिकों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि वॉर-रिस्क इंश्योरेंस प्रीमियम 50% तक उछल चुके हैं. ड्रायड ग्लोबल ने गल्फ ऑफ ओमान में ऊंचे जोखिम की चेतावनी दी है. वेस्ट पांडआई की रिपोर्ट के अनुसार, 3 मार्च से खतरा स्तर उच्च है, और जहाज अब वैकल्पिक रूट्स जैसे अफ्रीका के चारों ओर लंबा सफर चुन रहे हैं. चीनी जहाजों ने ईरान के साथ सुरक्षित मार्ग समझौता किया है, जो बेइडू नेविगेशन पर निर्भर है. विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगर जैमिंग जारी रही, तो तेल सप्लाई 30% प्रभावित हो सकती है. अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन को तत्काल हस्तक्षेप की जरूरत है, ताकि वैश्विक व्यापार पटरी पर लौटे. ईओएस रिस्क ग्रुप ने 3 मार्च का एडवाइजरी जारी किया, जिसमें जहाजों को क्षेत्र से दूर रहने की सलाह दी गई. कुल मिलाकर, यह इलेक्ट्रॉनिक युद्ध का नया दौर है, जो समुद्री सुरक्षा को फिर से परिभाषित कर रहा है.

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