झारखंड–छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की जांच से CBI ने किया इनकार, हाईकोर्ट में पेश हुआ पत्र
झारखंड–छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की जांच को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. CBI (रायपुर) ने इस मामले की जांच करने से इनकार कर दिया है. CBI द्वारा भेजा गया संबंधित पत्र छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान पेश किया गया, जिसके बाद न्यायालय ने इस मामले की अगली सुनवाई अगले सप्ताह के लिए तय कर दी है.

झारखंड–छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की जांच को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. CBI (रायपुर) ने इस मामले की जांच करने से इनकार कर दिया है. CBI द्वारा भेजा गया संबंधित पत्र छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान पेश किया गया, जिसके बाद न्यायालय ने इस मामले की अगली सुनवाई अगले सप्ताह के लिए तय कर दी है. यह मामला विकास सिंह की शिकायत पर छत्तीसगढ़ में दर्ज कथित झारखंड–छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़ा है. इस शिकायत के आधार पर फिलहाल प्रवर्तन निदेशालय (ED) और छत्तीसगढ़ आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) मामले की जांच कर रहे हैं.
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में तीन याचिकाएं लंबित
EOW द्वारा दर्ज प्राथमिकी से जुड़े इस मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में कुल तीन याचिकाएं विचाराधीन हैं. इनमें एक याचिका तत्कालीन उत्पाद सचिव विनय कुमार चौबे, दूसरी संयुक्त उत्पाद आयुक्त गजेंद्र सिंह और तीसरी याचिका शिकायतकर्ता विकास सिंह द्वारा दायर की गई है. इन सभी याचिकाओं पर मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार अग्रवाल की खंडपीठ में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान छत्तीसगढ़ के महाधिवक्ता विवेक शर्मा ने न्यायालय को CBI (रायपुर) के हेड ऑफ ब्रांच द्वारा राज्य सरकार को भेजे गए पत्र की प्रति सौंपी. पत्र में बताया गया है कि CBI ने छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव द्वारा भेजे गए पत्र को लौटा दिया है, क्योंकि CBI इस मामले की जांच के लिए इच्छुक नहीं है. महाधिवक्ता ने कोर्ट को यह भी बताया कि वह मामले के गुण-दोष (मेरिट) पर अपनी बात रखना चाहते हैं. इस पर न्यायालय ने अगले सप्ताह महाधिवक्ता की दलीलें सुनने का निर्णय लिया.
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने उठाए थे सवाल
पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया था कि छत्तीसगढ़ सरकार ने EOW द्वारा दर्ज प्राथमिकी संख्या 36/2024 की जांच CBI से कराने की अनुशंसा की है. इस पर न्यायालय ने यह जानना चाहा था कि क्या राज्य सरकार का पत्र CBI को प्राप्त हुआ है. कोर्ट को बताया गया था कि पत्र CBI को मिल चुका है, लेकिन केंद्र सरकार की ओर से कोई निर्देश जारी नहीं हुआ है. इसके बाद कोर्ट ने CBI को निर्देश दिए थे कि वह शपथ पत्र दाखिल कर यह स्पष्ट करे कि उसे इस मामले की जांच का आदेश मिला है या नहीं. इसी क्रम में 21 जनवरी को हुई सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता ने CBI के इनकार से जुड़ा पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया.
क्या है पूरा मामला
रांची के अरगोड़ा निवासी विकास सिंह ने वर्ष 2024 में छत्तीसगढ़ EOW में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि छत्तीसगढ़ शराब सिंडिकेट ने सुनियोजित साजिश के तहत झारखंड में भी शराब घोटाले को अंजाम दिया. इस शिकायत में छत्तीसगढ़ उत्पाद विभाग के अधिकारियों, छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (CSMCL) तथा झारखंड के तत्कालीन उत्पाद सचिव विनय कुमार चौबे, संयुक्त आयुक्त गजेंद्र सिंह समेत अन्य को नामजद आरोपी बनाया गया था. EOW द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर ईडी छत्तीसगढ़ भी मामले की जांच कर रही है. EOW ने विनय चौबे और गजेंद्र सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17A के तहत कार्रवाई के लिए झारखंड सरकार से अनुमति मांगी थी, लेकिन राज्य सरकार ने इसकी अनुमति नहीं दी थी.

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