असम चुनाव 2026: वादों से आगे ‘पॉलिटिकल ब्लूप्रिंट’— UCC, 2 लाख नौकरी और बाढ़-मुक्त मॉडल पर BJP का बड़ा दांव
“गुवाहाटी में जारी इस घोषणापत्र में हिमंता बिस्वा सरमा ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC), बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन और बाढ़ जैसी पुरानी समस्या के स्थायी समाधान का वादा किया है. वहीं निर्मला सीतारमण ने इसे “एक दशक की डिलीवरी पर आधारित डॉक्यूमेंट” बताते हुए कांग्रेस के मुकाबले विकास मॉडल को केंद्र में रखा.”

Assam: गुवाहाटी में जारी इस घोषणापत्र में हिमंता बिस्वा सरमा ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC), बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन और बाढ़ जैसी पुरानी समस्या के स्थायी समाधान का वादा किया है. वहीं निर्मला सीतारमण ने इसे “एक दशक की डिलीवरी पर आधारित डॉक्यूमेंट” बताते हुए कांग्रेस के मुकाबले विकास मॉडल को केंद्र में रखा. इस बार BJP का फोकस साफ दिखता है—पहचान की राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर बूस्ट और वेलफेयर स्कीम्स का मिश्रण, जिससे चुनावी मुकाबले को नया नैरेटिव दिया जा सके.
UCC, पहचान और सख्त कानून: वैचारिक एजेंडा साफ
BJP के इस संकल्प पत्र में सबसे बड़ा और संवेदनशील वादा यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने का है. हालांकि इसमें छठी अनुसूची और ST क्षेत्रों को बाहर रखने की बात कही गई है, जो सीधे तौर पर जनजातीय अस्मिता को ध्यान में रखकर लिया गया कदम माना जा रहा है. इसके साथ ही ‘लव जिहाद’ और ‘भूमि जिहाद’ जैसे मुद्दों पर सख्त कार्रवाई का ऐलान किया गया है. यह साफ संकेत है कि पार्टी इस चुनाव में केवल विकास ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और पहचान से जुड़े मुद्दों को भी मजबूती से उठाने जा रही है. राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह रणनीति BJP के कोर वोटबेस को मजबूत करने के साथ-साथ नए मतदाताओं को भी प्रभावित करने की कोशिश है.
2 लाख नौकरियां और ‘डेवलपमेंट पैकेज’ का वादा
घोषणापत्र का दूसरा बड़ा स्तंभ रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर है. पार्टी ने अगले 5 साल में 2 लाख नौकरियां देने का वादा किया है. इसके अलावा “एक जिला-एक मेडिकल कॉलेज, यूनिवर्सिटी और इंजीनियरिंग कॉलेज” की योजना पेश की गई है. बाढ़ जैसी स्थायी समस्या से निपटने के लिए पहले दो साल में 18,000 करोड़ रुपये खर्च करने की बात कही गई है. यह असम की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा रहा है और हर चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाता है. साथ ही महिला सशक्तिकरण योजनाओं के तहत ‘लखपति दीदी’ मॉडल को आगे बढ़ाने, आर्थिक सहायता बढ़ाने और बड़े निवेश (5 लाख करोड़ रुपये) के जरिए असम को “पूर्वी भारत का गेटवे” बनाने का लक्ष्य रखा गया है.
‘डबल इंजन’ बनाम कांग्रेस: विकास मॉडल पर सीधी लड़ाई
निर्मला सीतारमण ने अपने संबोधन में पिछले 10 वर्षों के आर्थिक आंकड़ों के जरिए BJP के शासन को मजबूत करने की कोशिश की. उन्होंने दावा किया कि असम की GDP लगभग 3 गुना बढ़ी है और प्रति व्यक्ति आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. केंद्र से मिलने वाले फंड, इंफ्रास्ट्रक्चर (जैसे पुल, रेलवे विद्युतीकरण) और बजट आवंटन में बढ़ोतरी को BJP ने अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश किया. वहीं कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा गया कि उसने दशकों तक असम के विकास की अनदेखी की. साफ है कि इस चुनाव में मुकाबला केवल वादों का नहीं, बल्कि “मॉडल बनाम मॉडल” का होगा—जहां BJP अपने डबल इंजन शासन को बनाम कांग्रेस के पुराने रिकॉर्ड के रूप में पेश कर रही है.
चुनावी टाइमलाइन और सियासी मुकाबला
असम की 126 विधानसभा सीटों के लिए 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होना है, जबकि नतीजे 4 मई को घोषित होंगे. मुख्य मुकाबला BJP-नीत NDA और कांग्रेस के बीच माना जा रहा है. हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में BJP लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है, जबकि कांग्रेस सत्ता में वापसी के लिए पूरा जोर लगा रही है. इस बार का चुनाव सिर्फ सरकार बनाने का नहीं, बल्कि असम के राजनीतिक और सामाजिक दिशा तय करने वाला चुनाव माना जा रहा है—जहां संकल्प पत्र ने बहस की नई जमीन तैयार कर दी है.



