BREAKING: हजारीबाग नाबालिग से दुष्कर्म केस में 12 लोग हिरासत में, पूछताछ शुरू
झारखंड के हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत कुसुंबा गांव में 12 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद निर्मम हत्या की जघन्य घटना ने पूरे इलाके में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 12 संदिग्धों को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ शुरू कर दी है.

Hazaribagh: झारखंड के हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत कुसुंबा गांव में 12 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद निर्मम हत्या की जघन्य घटना ने पूरे इलाके में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 12 संदिग्धों को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ शुरू कर दी है. हजारीबाग एसपी अजनी अंजन ने बताया कि सभी संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपियों की पहचान कर ली गई है. पुलिस जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजेगी. घटना के बाद से लगातार छापेमारी चल रही है ताकि कोई भी आरोपी बच न सके. स्थानीय लोगों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है और पुलिस ने भरोसा दिलाया कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा.
घटना की टाइमलाइन: आक्रोश और बंद का माहौल
इस घटना के विरोध में कल यानी 30 मार्च 2026 को हजारीबाग बंद रहा. भाजपा की अपील पर बुलाए गए इस बंद का पूरे जिले में व्यापक असर देखा गया. दुकानें, बाजार और परिवहन सेवाएं प्रभावित रहीं. लोग सड़कों पर उतर आए और आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी तथा कड़ी सजा की मांग करते नजर आए. महिलाएं और भाजपा कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए. बंद के दौरान आक्रोशित लोगों ने प्रशासन की नाकामी पर सवाल उठाए. पीड़ित परिवार और स्थानीय निवासियों ने न्याय की पुकार लगाई. इस बंद का मकसद पुलिस पर दबाव बनाना था ताकि जांच तेज हो और दोषी पकड़े जाएं. बंद शांतिपूर्ण रहा लेकिन इलाके में तनाव का माहौल बना रहा.
झारखंड हाईकोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान
कल ही झारखंड हाईकोर्ट ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लिया. अदालत ने अखबारों की खबरों के आधार पर गंभीरता दिखाते हुए राज्य के गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक (DGP) और हजारीबाग एसपी को नोटिस जारी किया. कोर्ट ने जांच में हुई देरी पर नाराजगी जताई और जवाब मांगा. मामले को निर्भया कांड से जोड़कर देखा जा रहा है. हाईकोर्ट ने इसकी सुनवाई चीफ जस्टिस की बेंच को रेफर कर दी. इससे पहले नेशनल कमीशन फॉर वुमेन (NCW) ने भी स्वतः संज्ञान लिया था और DGP को त्वरित FIR, गिरफ्तारी तथा फॉरेंसिक जांच के निर्देश दिए थे. हाईकोर्ट की इस कार्रवाई से जांच प्रक्रिया पर नजर रखी जा रही है और न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ गई है.
पूरा मामला क्या है?
12 वर्षीय नाबालिग बच्ची 24 मार्च 2026 की रात को अपनी मां के साथ राम नवमी के दौरान कुसुंबा गांव में 'मंगला जुलूस' देखने गई थी. जुलूस के दौरान वह नाचती हुई भी दिखी लेकिन उसके बाद लापता हो गई. अगले दिन यानी 25 मार्च को गांव के पास एक सुनसान जगह पर उसका शव बरामद हुआ. शव की हालत बेहद दर्दनाक थी—चेहरा भारी पत्थरों से कुचला गया था, दांत टूटे हुए थे, आंखों में चोट के निशान थे और निजी अंगों में लकड़ी का टुकड़ा पाया गया. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म और हत्या की पुष्टि हुई. परिवार ने आरोप लगाया कि दरिंदों ने पहले बलात्कार किया और फिर पहचान छिपाने के लिए चेहरे को बेरहमी से कुचल दिया.
पुलिस ने SIT गठित की, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड लगाए. लंबे समय तक कोई गिरफ्तारी न होने से आक्रोश बढ़ा, जिसके बाद राजनीतिक दलों ने विरोध प्रदर्शन किए. अब 31 मार्च को पुलिस ने 12 लोगों को हिरासत में लिया है और पूछताछ जारी है. एसपी अजनी अंजन ने आश्वासन दिया कि साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपी पकड़े जाएंगे और कानून के अनुसार कड़ी सजा दिलाई जाएगी. पूरा इलाका शोक में डूबा है और लोग न्याय की मांग कर रहे हैं. इस जघन्य अपराध ने झारखंड में कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.
Related Posts






Leave a comment