रांची की युवा क्रिकेटर कुमारी पलक को भारतीय अंडर-19 टीम में मिली जगह
रांची की युवा क्रिकेटर कुमारी पलक ने बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए भारतीय अंडर-19 महिला क्रिकेट टीम में जगह बनाई है. श्रीलंका के खिलाफ होने वाली वनडे और टी-20 श्रृंखला के लिए चुनी गई पलक रांची जिला क्रिकेट संघ से भारतीय टीम तक पहुंचने वाली पहली महिला खिलाड़ी बनी हैं.

Ranchi:- झारखंड के लिए गर्व की खबर सामने आई है. रांची में क्रिकेट खेलते हुए अपनी पहचान बनाने वाली युवा खिलाड़ी कुमारी पलक का चयन भारतीय अंडर-19 महिला क्रिकेट टीम में किया गया है. यह उपलब्धि उनके लगातार बेहतर प्रदर्शन और वर्षों की मेहनत का परिणाम मानी जा रही है. आगामी समय में श्रीलंका की अंडर-19 महिला टीम भारत दौरे पर आने वाली है. जिसके लिए आयोजित होने वाली वनडे और टी-20 श्रृंखला में पलक भारतीय टीम का हिस्सा होंगी. खास बात यह है कि वह रांची जिला क्रिकेट संघ (आरडीसीए) से भारतीय महिला टीम तक पहुंचने वाली पहली महिला खिलाड़ी बनी हैं. उनकी इस सफलता ने न केवल जिले बल्कि पूरे झारखंड के क्रिकेट प्रेमियों को गौरवान्वित किया है. खेल जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि पलक की यह उपलब्धि राज्य की अन्य युवा महिला खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का काम करेगी और महिला क्रिकेट को नई पहचान दिलाने में मददगार साबित होगी.
शानदार प्रदर्शन के दम पर मिला मौका
कुमारी पलक पिछले कई वर्षों से जिला और राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन कर रही थीं. मैदान पर उनकी मेहनत. अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण ने चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा. इसी निरंतर प्रदर्शन के आधार पर उन्हें भारतीय अंडर-19 महिला टीम में जगह मिली है. उनकी उपलब्धि पर रांची जिला क्रिकेट संघ और झारखंड राज्य क्रिकेट संघ ने खुशी जताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है. खेल विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रीय टीम में चयन किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़ा अवसर होता है और पलक के सामने अब खुद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साबित करने का मौका है.
ओरमांझी क्रिकेट क्लब से राष्ट्रीय टीम तक का सफर
पलक का क्रिकेट सफर ओरमांझी क्रिकेट क्लब से शुरू हुआ था. शुरुआती दिनों से ही उन्होंने खेल के प्रति गंभीरता दिखाई और लगातार अभ्यास किया. उनके कोच पंक्षित कुमार महतो ने उनकी प्रतिभा को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. आज भी वह उन्हीं के मार्गदर्शन में अपने खेल को बेहतर बनाने का प्रयास कर रही हैं. मूल रूप से देवघर जिले की रहने वाली पलक लंबे समय से रांची में रहकर पढ़ाई और क्रिकेट दोनों को संतुलित कर रही हैं. उनकी मेहनत और समर्पण ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है.
परिवार का साथ बना सफलता की ताकत
किसी भी खिलाड़ी की सफलता के पीछे परिवार का योगदान महत्वपूर्ण होता है और पलक की कहानी भी इससे अलग नहीं है. उनके पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं. लेकिन उनकी मां संगीता भगत ने हर परिस्थिति में उनका हौसला बढ़ाया. उन्होंने अपनी बेटी को क्रिकेट खेलने के लिए प्रेरित किया और उसके सपनों को पूरा करने में पूरा सहयोग दिया. वर्तमान में पलक राम टहल इंटर कॉलेज. ओरमांझी में पढ़ाई कर रही हैं. पढ़ाई और खेल के बीच संतुलन बनाते हुए उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है. उनकी सफलता यह साबित करती है कि लगन. मेहनत और परिवार के समर्थन से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है.

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