दोपहर दो बजे तक झारखंड विधानसभा में क्या हुआ? नियुक्ति, अवैध अफीम, रिक्त पदों से लेकर CO विवाद तक—पूरा अपडेट यहां पढ़ें
उच्च शिक्षण संस्थानों में घंटी आधारित शिक्षकों की नियुक्ति, राज्य में हजारों सरकारी पदों की रिक्तियां, को-टर्मिनस कर्मियों को मिलने वाली सुविधाएं, चतरा के इटखोरी की सीओ का वायरल वीडियो, अवैध अफीम की खेती, विशेष सचिवों के वेतनमान और प्रशासनिक ढांचे से जुड़े मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी

Ranchi: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सोमवार को सदन में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई. उच्च शिक्षण संस्थानों में घंटी आधारित शिक्षकों की नियुक्ति, राज्य में हजारों सरकारी पदों की रिक्तियां, को-टर्मिनस कर्मियों को मिलने वाली सुविधाएं, चतरा के इटखोरी की सीओ का वायरल वीडियो, अवैध अफीम की खेती, विशेष सचिवों के वेतनमान और प्रशासनिक ढांचे से जुड़े मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली. विपक्ष ने जहां सरकार को कई मुद्दों पर घेरा, वहीं मंत्रियों ने सरकार की नीतियों और फैसलों का बचाव किया. आइए जानते हैं दोपहर दो बजे तक विधानसभा में किन-किन मुद्दों पर चर्चा हुई.
घंटी आधारित शिक्षकों की नियुक्ति पर सरकार का जवाब
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री Sudivya Kumar Sonu ने उच्च शिक्षण संस्थानों में घंटी आधारित कार्यगत शिक्षकों को प्राथमिकता देने के मुद्दे पर विधानसभा में जवाब दिया. उन्होंने विधायक Pradeep Yadav के सवाल पर कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया में विभाग ने तकनीकी रूप से कोई गलती नहीं की है. मंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि खुली प्रतिस्पर्धा के माध्यम से योग्य और बेहतर शिक्षक संस्थानों में आएं. यदि किसी को लगता है कि उनके साथ अन्याय हुआ है तो उन्हें न्यायालय जाने का अधिकार है. इस पर प्रदीप यादव ने आरोप लगाया कि “नीड बेस्ट लेक्चररों” को दिए गए अंक आधारित प्राथमिकता बहुत कम है, जिससे कई योग्य अभ्यर्थी आवेदन ही नहीं कर पा रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि यदि हाईकोर्ट का आदेश आता है तो सरकार को नियम बदलने पड़ेंगे. जवाब में मंत्री ने कहा कि जरूरी नहीं कि अन्य राज्यों के नियम झारखंड में लागू किए जाएं.
इटखोरी CO के वायरल वीडियो पर गरमाई सियासत
चतरा जिले के इटखोरी की सीओ सविता सिंह का युवक को लाठी से पीटने का कथित वीडियो वायरल होने के बाद मामला विधानसभा तक पहुंच गया. नेता प्रतिपक्ष Babulal Marandi ने इस मामले को सदन में उठाते हुए कड़ी आपत्ति जताई. मरांडी ने कहा कि किसी प्रशासनिक अधिकारी द्वारा सार्वजनिक स्थान पर इस तरह किसी युवक को पीटना बेहद चिंताजनक है. उन्होंने कहा कि कानून लागू कराने वाले अधिकारी अगर खुद कानून हाथ में लें तो यह व्यवस्था की मूल भावना के खिलाफ है. उन्होंने चतरा के उपायुक्त से मांग की कि संबंधित सीओ को तत्काल निलंबित किया जाए और उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए. उनका कहना था कि ऐसी घटनाएं प्रशासन की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाती हैं और समाज में गलत संदेश देती हैं.
को-टर्मिनस कर्मियों को भी मिलेंगी बीमा और ऋण की सुविधाएं
विधानसभा में को-टर्मिनस कर्मियों को मिलने वाली सुविधाओं का मुद्दा भी उठा. भाजपा विधायक Amit Kumar Yadav के सवाल के जवाब में संसदीय कार्य मंत्री Radhakrishna Kishore ने बताया कि इन कर्मियों को भी कई वित्तीय सुविधाएं देने की व्यवस्था की जा रही है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने Bank of India के साथ एक समझौता किया है. इसके तहत को-टर्मिनस कर्मियों को जीवन बीमा, दुर्घटना बीमा, आवास ऋण और शिक्षा ऋण जैसी सुविधाएं मिलेंगी. मंत्री ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, पूर्व मंत्री और अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ काम करने वाले निजी सहायक, कंप्यूटर ऑपरेटर, अनुसेवक और चालक जैसे कर्मी भी इन सुविधाओं के पात्र होंगे, बशर्ते उनका सैलरी अकाउंट बैंक ऑफ इंडिया में हो.
73 हजार से अधिक सरकारी पद खाली, सरकार ने दिया जवाब
राज्य में बड़ी संख्या में खाली पड़े सरकारी पदों का मुद्दा भी सदन में जोरदार तरीके से उठा. विधायक Satyendra Nath Tiwari ने ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि राज्य में करीब 73 हजार से अधिक पद रिक्त हैं. इस पर मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने जवाब देते हुए कहा कि सरकार उपलब्ध संसाधनों और आवश्यकता के आधार पर नियुक्तियां कर रही है. उन्होंने बताया कि Hemant Soren के नेतृत्व में अब तक 30 हजार से अधिक पदों पर नियुक्तियां की जा चुकी हैं. उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कई पद पिछले 20 से 25 वर्षों से खाली पड़े हैं. सरकार विभागों से प्राप्त अधियाचना के आधार पर Jharkhand Public Service Commission और Jharkhand Staff Selection Commission के माध्यम से नियुक्तियां कर रही है.
अवैध अफीम की खेती पर सरकार से सवाल
लिट्टिपाड़ा विधायक Hemlal Murmu ने राज्य में बढ़ती अवैध अफीम की खेती का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में अफीम की खेती के आंकड़ों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है और यह चिंता का विषय है. उन्होंने सरकार से पूछा कि इतनी बड़ी मात्रा में अवैध खेती आखिर किसके सहयोग से हो रही है और इसके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है.
जवाब में मंत्री Yogendra Prasad ने बताया कि वर्ष 2024–25 में करीब 27,215 एकड़ जमीन पर अवैध अफीम की खेती का मामला सामने आया था. सरकार ने विशेष अभियान चलाकर इस खेती को नष्ट किया है और तस्करी रोकने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है.
विशेष सचिवों के वेतनमान पर भी उठा सवाल
विधानसभा में विशेष सचिवों के वेतनमान और सेवा नियमावली को लेकर भी चर्चा हुई. विधायक Niral Purti ने झारखंड प्रशासनिक सेवा नियमावली में संशोधन कर विशेष सचिवों के लिए ग्रेड पे 10,000 (लेवल-14) तय करने का सवाल उठाया. इस पर मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि फिलहाल उप सचिव, संयुक्त सचिव और अपर सचिव स्तर के अधिकारी एक ही वेतनमान में काम कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में निदेशक प्रमुख और इंजीनियरिंग विभाग में अभियंता प्रमुख को लेवल-14 का वेतनमान मिलता है. इस आधार पर अन्य विभागों में भी समान वेतनमान देने की संभावना पर विचार किया जाएगा.
इटखोरी को अनुमंडल बनाने की मांग
सिमरिया विधायक Kumar Ujjwal ने सदन में चतरा जिले के इटखोरी प्रखंड को अनुमंडल बनाने की मांग उठाई. उन्होंने कहा कि क्षेत्र भौगोलिक विस्तार और जनसंख्या के आधार पर अनुमंडल बनने की सभी शर्तें पूरी करता है. उन्होंने यह भी बताया कि यहां स्थित Maa Bhadrakali Temple Itkhori में हर साल राजकीय महोत्सव होता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. मंत्री Deepak Birua ने जवाब देते हुए कहा कि फिलहाल इस संबंध में सरकार के पास कोई प्रस्ताव लंबित नहीं है. जिला प्रशासन के माध्यम से प्रस्ताव आने पर ही इस पर विचार किया जाएगा.

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