अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का मोदी को सर्टिफिकेट!: हम दोनों काम करने वाले हैं, बाकी ज्यादातर नहीं!
ईरान-इजरायल-अमेरिका के बीच करीब एक महीने से चल रही जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुलकर तारीफ की है. अमेरिकी दूतावास ने सोशल मीडिया हैंडल पर ट्रंप का मैसेज पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने कहा, “भारत के साथ हमारा शानदार रिश्ता आगे और मजबूत होगा.


ईरान-इजरायल-अमेरिका के बीच करीब एक महीने से चल रही जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुलकर तारीफ की है. शुक्रवार को अमेरिकी दूतावास ने भारत में अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर ट्रंप का मैसेज पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने कहा, “भारत के साथ हमारा शानदार रिश्ता आगे और मजबूत होगा. पीएम मोदी और मैं दो ऐसे लोग हैं जो काम पूरा कर दिखाते हैं, जो ज्यादातर लोगों के बारे में नहीं कहा जा सकता.” यह बयान मंगलवार 24 मार्च 2026 को दोनों नेताओं के बीच हुई टेलीफोन बातचीत के बाद आया है. इस दौरान ईरान युद्ध, पश्चिम एशिया की अस्थिरता और होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा पर विस्तार से चर्चा हुई. भारत इस संघर्ष में सीधे शामिल नहीं है, लेकिन तेल आयात, ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक स्थिरता के लिहाज से उसकी भूमिका अहम हो गई है. ट्रंप का यह संदेश ऐसे वक्त में आया है जब अमेरिका ने ईरान के ऊर्जा प्लांट्स पर हमलों को 10 दिन के लिए टाल दिया है और बातचीत जारी है.
ट्रंप का 'गेट थिंग्स डन' वाला तारीफी मैसेज
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी को दुर्लभ तारीफ देते हुए कहा कि दोनों नेता ऐसे हैं जो वादे पूरे करते हैं. अमेरिकी दूतावास ने एक्स पर पोस्ट कर यह स्पष्ट किया कि भारत-अमेरिका संबंध और मजबूत होंगे. यह बयान ईरान युद्ध के चौथे हफ्ते में आया, जब ट्रंप ने ईरानी ऊर्जा सुविधाओं पर हमले रोकने की घोषणा की थी. विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप भारत को मध्य पूर्व संकट में स्थिरता का साझीदार मानते हैं.
मोदी-ट्रंप फोन पर हुई अहम बातचीत
24 मार्च को ट्रंप ने मोदी को फोन किया. यह फरवरी 28, 2026 को शुरू हुए ईरान संघर्ष के बाद दोनों के बीच पहली बातचीत थी. चर्चा का मुख्य मुद्दा पश्चिम एशिया की स्थिति और होर्मुज स्ट्रेट को खुला, सुरक्षित व सुलभ रखना था. भारत दुनिया का बड़ा तेल आयातक है और होर्मुज से गुजरने वाले 50 प्रतिशत कच्चे तेल पर निर्भर है. दोनों नेताओं ने डी-एस्केलेशन और शांति बहाली पर जोर दिया.
पीएम मोदी का संदेश: शांति और स्थिरता पर जोर
बातचीत के बाद पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, “राष्ट्रपति ट्रंप से फोन पर उपयोगी चर्चा हुई. भारत डी-एस्केलेशन और जल्द शांति का समर्थन करता है. होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखना विश्व के लिए जरूरी है. हम शांति प्रयासों पर संपर्क बनाए रखेंगे.” मोदी ने साफ कहा कि भारत क्षेत्रीय स्थिरता चाहता है और किसी भी बढ़त को रोकने के लिए हर संभव प्रयास करेगा.
भारत की मजबूत कूटनीति और होर्मुज संकट
भारत अमेरिका, इजरायल और ईरान तीनों के साथ अच्छे संबंध रखता है. युद्ध की वजह से वैश्विक तेल कीमतें बढ़ी हैं और भारत की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है. होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से ऊर्जा संकट गहरा सकता है. भारत ने लगातार शांति अपील की है और अमेरिका के साथ मिलकर स्थिरता बनाए रखने की कोशिश कर रहा है. ट्रंप का बयान भारत को मध्यस्थ की भूमिका में भी मजबूती देता दिख रहा है.
आगे मजबूत होंगे भारत-अमेरिका संबंध
ट्रंप का मैसेज साफ संकेत देता है कि दोनों देश भविष्य में और करीब आएंगे. व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता पर सहयोग बढ़ेगा. ईरान जंग के बावजूद भारत की तटस्थ लेकिन सक्रिय भूमिका ने उसे वैश्विक पटल पर और विश्वसनीय बनाया है. विशेषज्ञ मानते हैं कि यह बयान न सिर्फ व्यक्तिगत दोस्ती, बल्कि रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाई देगा.

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