मानसून सत्र में घमासान: मकर द्वार पर BJP-विपक्ष का प्रदर्शन, सदन ठप होने पर आरोप-प्रत्यारोप
मानसून सत्र के दौरान संसद में गतिरोध को लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं. मकर द्वार पर दोनों पक्षों के सांसदों ने एक-दूसरे के खिलाफ प्रदर्शन किया. विपक्ष ने सरकार पर चर्चा से बचने का आरोप लगाया.

Parliament Session: संसद के मानसून सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव लगातार बढ़ता नजर आया. संसद परिसर के मकर द्वार की सीढ़ियों पर सत्ता पक्ष और विपक्षी इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने एक-दूसरे के खिलाफ प्रदर्शन किया. भाजपा सांसदों ने झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलनों के मुद्दे को लेकर कांग्रेस और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा. इसके जवाब में विपक्षी सांसद भी मकर द्वार पर प्रदर्शन करते नजर आए. दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर संसद की कार्यवाही बाधित करने और मानसून सत्र को प्रभावित करने का आरोप लगाया. इस दौरान विपक्षी सांसदों ने सरकार से विभिन्न मुद्दों पर जवाबदेही की मांग की, जबकि भाजपा ने विपक्ष पर संसदीय कामकाज में बाधा डालने का आरोप लगाया. संसद के बाहर जारी यह राजनीतिक प्रदर्शन सदन के भीतर जारी गतिरोध की तस्वीर पेश करता रहा.
खिलौना बंदर लेकर प्रदर्शन में पहुंचे पवन खेड़ा
विपक्षी सांसदों के प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा हाथ में खिलौना बंदर लेकर नजर आए. इस प्रदर्शन के जरिए विपक्ष ने सरकार पर संसद की कार्यवाही को लेकर गंभीर सवाल उठाए. तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय ने कहा कि सदन चलाने की जिम्मेदारी विपक्ष की नहीं, बल्कि सरकार की है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी है. विपक्षी सांसदों का कहना था कि सरकार को उन मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार होना चाहिए, जिन्हें विपक्ष लगातार सदन में उठाना चाहता है. विपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार महत्वपूर्ण सवालों से बचने की कोशिश कर रही है. दूसरी ओर, सत्ता पक्ष का कहना है कि विपक्ष जानबूझकर सदन की कार्यवाही बाधित कर रहा है. इस तरह संसद परिसर में प्रदर्शन के जरिए दोनों पक्षों ने अपने-अपने राजनीतिक संदेश जनता तक पहुंचाने की कोशिश की.
‘पेलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया?’
कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने सरकार पर जवाबदेही से बचने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि विपक्ष गृह मंत्री का लंबा भाषण सुनना नहीं चाहता, बल्कि यह स्पष्ट जवाब चाहता है कि पेलेट गन से फायरिंग का आदेश किसने दिया. औजला ने गृह मंत्री अमित शाह की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाया. उनका कहना था कि यदि सरकार चर्चा के लिए तैयार थी, तो संबंधित मंत्री पहले ही सदन में आकर इस मुद्दे पर जवाब क्यों नहीं देते. कांग्रेस सांसद ने कहा कि सदन चलाने की जिम्मेदारी विपक्ष की नहीं है. उनके मुताबिक, विपक्ष को समझाना और सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाना सरकार का काम है. विपक्ष का आरोप है कि सरकार चर्चा की बजाय अपने तरीके से कार्यवाही आगे बढ़ाना चाहती है. वहीं सरकार की ओर से लगातार यह कहा जा रहा है कि विपक्ष के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही प्रभावित हो रही है. इसी मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच गतिरोध बना हुआ है.
सपा सांसद जावेद अली खान ने सरकार से पूछा सवाल
समाजवादी पार्टी के सांसद जावेद अली खान ने भी सरकार की रणनीति पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि अगर सरकार किसी मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, तो संबंधित मंत्री का बयान कार्यसूची में शामिल किया जा सकता है. उन्होंने सवाल किया कि सत्र समाप्त होने से कुछ घंटे पहले ही सरकार को चर्चा की जरूरत क्यों महसूस हुई. जावेद अली खान ने कहा कि यदि मंत्री बयान देना चाहते हैं, तो उन्हें सदन में आकर विपक्ष के सवालों का जवाब और सफाई देनी चाहिए. विपक्षी सांसदों का तर्क है कि महत्वपूर्ण मुद्दों पर केवल बयान देने से काम नहीं चलेगा, बल्कि सदन में चर्चा और जवाबदेही भी जरूरी है. उन्होंने सरकार के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि चर्चा के लिए पहले से समय निर्धारित किया जा सकता था. विपक्ष के मुताबिक, आखिरी समय में चर्चा की पेशकश करना इस बात को दिखाता है कि सरकार मुद्दे को लेकर गंभीर नहीं थी. इस पर सत्ता पक्ष की ओर से अलग राजनीतिक तर्क सामने रखे गए.
भाजपा ने राहुल गांधी को ठहराया सदन न चलने के लिए जिम्मेदार
संसद के बाहर भाजपा सांसदों ने सदन की कार्यवाही बाधित होने के लिए विपक्ष और राहुल गांधी को जिम्मेदार ठहराया. केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह संसद को अपनी इच्छा के मुताबिक चलाना चाहते हैं, जबकि सदन संसदीय व्यवस्था और निर्धारित नियमों के अनुसार चलता है. गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी इस धारणा में हैं कि उनकी वजह से धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा और अब वह अमित शाह तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी इसी तरह दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं. भाजपा का कहना है कि संसद में चर्चा और निर्णय तय नियमों के तहत होने चाहिए और किसी व्यक्ति की राजनीतिक इच्छा के अनुसार सदन की कार्यवाही नहीं चल सकती. सत्ता पक्ष ने विपक्ष से सदन की कार्यवाही में सहयोग करने की अपील की और आरोप लगाया कि लगातार विरोध और नारेबाजी के कारण महत्वपूर्ण विधायी कामकाज प्रभावित हो रहा है.
गिरिराज सिंह ने कांग्रेस पर साधा निशाना
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि लोकतंत्र किसी की निजी जागीर नहीं है और संसद निर्धारित व्यवस्था के अनुसार चलती है. उन्होंने अपने बयान में शाह बानो मामले का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर राजनीतिक निशाना साधा. इसके साथ ही उन्होंने तीन तलाक, नागरिकता संशोधन कानून यानी CAA, अनुच्छेद 370 और 35A जैसे मुद्दों का भी जिक्र किया. भाजपा नेता ने इन मामलों को केंद्र सरकार की नीतियों और फैसलों से जोड़ते हुए कांग्रेस की राजनीतिक भूमिका पर सवाल उठाए. उनका आरोप था कि विपक्ष संसद की कार्यवाही को राजनीतिक दबाव का माध्यम बनाने की कोशिश कर रहा है. वहीं विपक्ष का कहना है कि सरकार महत्वपूर्ण मुद्दों पर पर्याप्त चर्चा से बच रही है और विपक्ष की मांगों को नजरअंदाज कर रही है. दोनों पक्षों के आरोपों के बीच संसद की कार्यवाही प्रभावित होती रही और मकर द्वार पर प्रदर्शन के जरिए भी राजनीतिक टकराव सामने आया.
मानसून सत्र पर गतिरोध का असर
मानसून सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच लगातार जारी टकराव का असर संसद की कार्यवाही पर पड़ा. एक तरफ विपक्ष ने सरकार पर जवाबदेही से बचने और महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा नहीं करने का आरोप लगाया, तो दूसरी तरफ भाजपा ने विपक्ष पर जानबूझकर सदन को बाधित करने का आरोप लगाया. संसद परिसर में दोनों पक्षों के अलग-अलग प्रदर्शन ने राजनीतिक खींचतान को और स्पष्ट कर दिया. विपक्षी सांसदों ने सरकार से अपने सवालों का जवाब मांगते हुए चर्चा पर जोर दिया, जबकि भाजपा सांसदों ने राहुल गांधी और विपक्ष को सदन नहीं चलने देने के लिए जिम्मेदार ठहराया. इस बीच सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच यह सवाल भी राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया कि संसद चलाने की जिम्मेदारी किसकी है और सदन में गतिरोध खत्म करने के लिए पहल कौन करे. फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर कायम दिखाई दे रहे हैं और मानसून सत्र को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है.

specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.
Related Posts
VIDEO: JPSC-JSSC विवाद पर संसद में प्रदर्शन, छात्रों पर कार्रवाई को लेकर BJP ने सरकार को घेरा
खड़गे की रैली के बाद रामलीला मैदान का ‘शुद्धीकरण’, संसद तक पहुंचा विवाद, बोले- मेरा अपमान हुआ






Leave a comment