झारखंड विधानसभा में जमीन से गैस तक घमासान, म्यूटेशन में घूस के आरोप, अस्पताल और वकीलों की सुरक्षा पर भी सरकार घिरी
रांची में झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान जमीन म्यूटेशन में कथित घूसखोरी, अस्पतालों में डॉक्टर व मशीनों की कमी और गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमत को लेकर तीखी बहस हुई. नेता प्रतिपक्ष Babulal Marandi ने रसीद कटवाने के लिए पैसे मांगने का आरोप लगाया.

Ranchi: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में शुक्रवार को कई जनसरोकार से जुड़े मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिली जमीन म्यूटेशन और भू-राजस्व व्यवस्था में कथित भ्रष्टाचार, अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए कानून बनाने की मांग, अस्पतालों में डॉक्टर और मशीनों की कमी तथा एलपीजी सिलेंडर की कीमत और आपूर्ति जैसे मुद्दों ने सदन का माहौल गरमा दिया कई विधायकों ने अपने क्षेत्रों की समस्याओं को सदन में उठाया और सरकार से जवाब मांगा विपक्ष ने जमीन से जुड़े मामलों में कथित घूसखोरी का आरोप लगाया, जबकि सत्ता पक्ष ने केंद्र की नीतियों को जिम्मेदार ठहराते हुए गैस की कीमत और आपूर्ति का मुद्दा उठाया कई बार बहस तीखी नोकझोंक में भी बदल गई और सदन में शोर-शराबा हुआ अलग-अलग मुद्दों पर सरकार ने स्पष्टीकरण दिया और कुछ मामलों में कार्रवाई का आश्वासन भी दिया इन तमाम सवाल-जवाब और राजनीतिक तकरार के बीच सदन की कार्यवाही के दौरान कई अहम मुद्दे सुर्खियों में रहे और दोपहर करीब एक बजे तक सदन में इन्हीं विषयों पर चर्चा का दौर चलता रहा
म्यूटेशन और जमीन की रसीद में घूस का आरोप, सदन में उठा बड़ा सवाल
सदन में जमीन म्यूटेशन और भू-राजस्व व्यवस्था को लेकर विपक्ष ने गंभीर सवाल उठाए विधायक Rajesh Kachhap ने कहा कि वर्ष 2000 से पहले जमीन खरीदने वाले कई लोग आज तक म्यूटेशन नहीं करा पाए हैं इस पर मंत्री Deepak Birua ने बताया कि अब रजिस्ट्री के बाद जमीन का पूरा विवरण स्वतः रजिस्ट्री कार्यालय से अंचल कार्यालय तक पहुंचता है और वहीं से म्यूटेशन की प्रक्रिया पूरी होती है नेता प्रतिपक्ष Babulal Marandi ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कई जगह जमीन की रसीद कटवाने के लिए लोगों से पैसे मांगे जाते हैं उन्होंने कहा कि उनके क्षेत्र के एक व्यक्ति से म्यूटेशन कराने के लिए 50 हजार रुपये की मांग की गई थी
वकीलों की सुरक्षा पर कानून बनाने की मांग फिर उठी
सदन में अधिवक्ताओं की सुरक्षा का मुद्दा भी गूंजा विधायक Pradeep Prasad ने सरकार से पूछा कि राज्य में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने को लेकर क्या पहल हो रही है इस पर मंत्री दीपक बिरुआ ने कहा कि यह मामला Bar Council of India से जुड़ा हुआ है और विभिन्न स्तरों पर इस पर विचार किया जा रहा है सरकार ने अभी तक इस संबंध में अंतिम निर्णय नहीं लिया है, लेकिन अधिवक्ताओं की सुरक्षा को लेकर कदम उठाए जा रहे हैं विधायक C. P. Singh ने भी सरकार से पूछा कि यदि कानून बनाया जा रहा है तो इसे लागू करने की समयसीमा क्या होगी
तोरपा अस्पताल में मशीन और डॉक्टर की कमी का मुद्दा
तोरपा रेफरल अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाओं का मुद्दा भी सदन में उठा विधायक Sudip Gudia ने कहा कि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध नहीं है और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ भी नहीं हैं इससे गर्भवती महिलाओं को इलाज के लिए दूसरे अस्पतालों में जाना पड़ता है स्वास्थ्य मंत्री Irfan Ansari ने जवाब देते हुए कहा कि राज्य के अस्पतालों में सुविधाएं बेहतर करने के लिए सरकार काम कर रही है उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे और विशेषज्ञों की नियुक्ति की जाएगी मंत्री ने यह भी कहा कि एक महीने के भीतर अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ और टेक्नीशियन की व्यवस्था करने का प्रयास किया जाएगा
रागिनी सिंह के सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री घिरे
भाजपा विधायक Ragini Singh ने अस्पतालों में इलाज के खर्च का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार ने घोषणा की थी कि मरीज की मौत होने पर अस्पताल को भुगतान नहीं करना पड़ेगा उन्होंने आरोप लगाया कि उनके क्षेत्र में एक मरीज की मौत के बाद अस्पताल ने भारी बिल बना दिया और भुगतान न होने पर शव देने से इनकार कर दिया इस मामले पर मंत्री इरफान अंसारी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके, जिससे सदन में हलचल बढ़ गई
गैस सिलेंडर की कीमत और किल्लत पर सदन में हंगामा
एलपीजी सिलेंडर की कीमत और आपूर्ति को लेकर भी सदन में हंगामा हुआ सत्ता पक्ष के विधायक Pradeep Yadav ने कहा कि कई जगह लोगों को गैस सिलेंडर के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है और इससे आम जनता परेशान है नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि राज्य में गैस की वास्तविक कमी नहीं है, बल्कि यह व्यवस्था का मामला है वहीं विधायक Saryu Roy ने भी कहा कि इसे प्रशासनिक स्तर पर सुलझाया जाना चाहिए लगातार शोर-शराबे के बीच Jharkhand Legislative Assembly के अध्यक्ष ने हस्तक्षेप करते हुए सदन की कार्यवाही को आगे बढ़ाया

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