बिहार विधानसभा चुनाव 2025: तेज प्रताप यादव कल करेंगे JJD उम्मीदवारों की घोषणा, RJD के लिए बढ़ सकती हैं मुश्किलें
बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद सूबे की राजनीति गरमा गई है. हर पार्टी अपनी रणनीति बनाने में जुट गई है. इसी बीच जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने बड़ा एलान किया है. उन्होंने कहा है कि 8 अक्टूबर को वे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी पार्टी के उम्मीदव...


बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद सूबे की राजनीति गरमा गई है. हर पार्टी अपनी रणनीति बनाने में जुट गई है. इसी बीच जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने बड़ा एलान किया है. उन्होंने कहा है कि 8 अक्टूबर को वे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी पार्टी के उम्मीदवारों के नामों की घोषणा करेंगे.
तेज प्रताप ने क्या कहा?
मीडिया से बात करते हुए तेज प्रताप ने कहा, "चुनाव होना तय है और हम पूरी मजबूती के साथ लड़ेंगे. 8 अक्टूबर को हम प्रेस कॉन्फ्रेंस करके JJD के उम्मीदवारों का ऐलान करेंगे. हमारी पार्टी जनता को एक मजबूत और साफ विकल्प देने के लिए पूरी तरह तैयार है."
चुनाव आयोग की घोषणा
बता दें कि चुनाव आयोग ने बिहार की 243 विधानसभा सीटों पर दो चरणों में चुनाव कराने का ऐलान किया है.
पहला चरण: 6 नवंबर – 121 सीटों पर
दूसरा चरण: 11 नवंबर – 122 सीटों पर
मतगणना: 14 नवंबर
इसके बाद से राज्य की सभी प्रमुख पार्टियाँ जैसे RJD, JDU, BJP और AAP सक्रिय हो गई हैं. आम आदमी पार्टी ने तो अपने 11 उम्मीदवारों की लिस्ट भी जारी कर दी है.
तेज प्रताप का "मिशन 2025"
पिछले कुछ महीनों से तेज प्रताप यादव लगातार बिहार के अलग-अलग जिलों का दौरा कर रहे हैं. उन्होंने जनसभाओं, युवा सम्मेलनों और कार्यकर्ता बैठकों के ज़रिए अपने संगठन को मजबूत किया है. तेज प्रताप का फोकस "साफ-सुथरी राजनीति" और "युवाओं की आवाज़" को आगे लाने पर है. उनका कहना है, "अब बिहार की राजनीति में नया अध्याय शुरू होगा. जनता की आवाज़ को कोई अनदेखा नहीं कर सकेगा. मेरी पार्टी आम लोगों की आवाज़ बनेगी."
क्या RJD को होगा नुकसान?
तेज प्रताप का ये फैसला उनके ही परिवार की पार्टी RJD के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है. यह न सिर्फ यादव वोट बैंक में बंटवारे की वजह बन सकता है, बल्कि लालू परिवार की एकता और राजनीतिक छवि पर भी सवाल उठेगा.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि BJP और JDU जैसे दल इस स्थिति को "वोट कटवा" फैक्टर के रूप में अपने पक्ष में भुना सकते हैं. तेजस्वी और तेज प्रताप की इस टकराव भरी राजनीति ने 2025 के विधानसभा चुनाव को केवल सत्ता की लड़ाई नहीं, बल्कि एक पारिवारिक साख और नेतृत्व की परीक्षा में बदल दिया है.

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