JPSC-JSSC को लेकर सरकार और छात्रों की वार्ता खत्म, मंत्री ने जारी की ईमेल ID; आंदोलन जारी रखने का ऐलान
JPSC और JSSC परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलनरत छात्रों और सरकार के बीच शनिवार को दूसरे दौर की वार्ता हुई. बैठक के बाद मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने छात्रों और अन्य stakeholders से सुझाव लेने के लिए ईमेल ID जारी की.

Ranchi: झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलनरत छात्रों और सरकार के बीच शनिवार को दूसरे दौर की वार्ता हुई. रांची के मोरहाबादी स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में करीब पौने दो घंटे तक चली बैठक में छात्रों की विभिन्न मांगों और परीक्षा से जुड़े विवादों पर चर्चा की गई. बैठक के बाद मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू समेत सरकार के प्रतिनिधियों ने कहा कि सरकार किसी एक छात्र संगठन तक सीमित नहीं रहेगी और सभी संगठनों से बातचीत कर उनकी राय सुनेगी. छात्रों के सुझाव सरकार तक पहुंचाने के लिए एक ईमेल ID भी जारी की गई है. हालांकि, छात्रों ने कहा कि फिलहाल आंदोलन और अनशन जारी रहेगा.
दूसरे गुट के छात्रों से सरकार ने की वार्ता
सरकार ने आंदोलनरत छात्रों के दूसरे गुट यानी JLKM से जुड़े छात्र प्रतिनिधिमंडल के साथ शनिवार को दूसरे दौर की बातचीत की. मोरहाबादी स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में हुई इस बैठक में JPSC और JSSC से जुड़े विभिन्न मुद्दों के साथ-साथ छात्रों की मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई. करीब पौने दो घंटे चली बैठक के बाद सरकार की ओर से शामिल चारों मंत्री एक साथ बाहर निकले और मीडिया को बैठक की जानकारी दी. मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि सरकार किसी एक छात्र संगठन की बात तक सीमित नहीं रहना चाहती. अलग-अलग छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों से बातचीत कर उनकी मांगों और सुझावों को समझा जाएगा. सरकार का कहना है कि सभी पक्षों से राय लेने के बाद छात्रों से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा. इससे पहले शुक्रवार को भी सरकार के प्रतिनिधियों और आंदोलनरत छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल के बीच बातचीत हुई थी, लेकिन उस बैठक से कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया था.
छात्रों के सुझाव के लिए जारी की गई ईमेल ID
वार्ता के बाद मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने छात्रों और अन्य संबंधित पक्षों के लिए एक ईमेल ID जारी की. सरकार की ओर से बताया गया कि JPSC और JSSC से जुड़े मुद्दों, परीक्षा प्रक्रिया और अन्य संबंधित मामलों को लेकर छात्र अपनी बात और सुझाव ईमेल के माध्यम से भेज सकते हैं. जारी की गई ईमेल ID jpsc.jssc.feedback@gmail.com है.
मंत्री ने कहा कि केवल बैठक में शामिल छात्र प्रतिनिधिमंडल ही नहीं, बल्कि अन्य छात्र, stakeholder और संबंधित लोग भी अपने सुझाव सरकार तक पहुंचा सकते हैं. सरकार इन सुझावों को संकलित कर आगे की प्रक्रिया में शामिल करेगी. मंत्री के अनुसार, अलग-अलग छात्र संगठनों और प्रतिनिधियों से बातचीत का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा. सरकार का उद्देश्य छात्रों की समस्याओं को सुनकर उनके समाधान की दिशा में आगे बढ़ना है. ईमेल ID जारी होने के बाद अब छात्र सीधे अपनी शिकायत, सुझाव और परीक्षा से जुड़े मुद्दे सरकार तक पहुंचा सकेंगे.
छात्रों ने कहा- फिलहाल जारी रहेगा आंदोलन
सरकार के साथ हुई बातचीत के बाद छात्र प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अपनी मांगें और समस्याएं सरकार के सामने रख दी हैं. छात्रों के मुताबिक बैठक में उनकी बात सुनी गई और उनकी मांगों पर विस्तार से चर्चा भी हुई, लेकिन अभी किसी ठोस समाधान पर सहमति नहीं बनी है. इसलिए फिलहाल आंदोलन को जारी रखने का फैसला किया गया है. छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि आने वाले दिनों में सरकार और छात्रों के बीच और बैठकें हो सकती हैं. बातचीत के दौरान सरकार की ओर से छात्रों की मांगों को समझने और उन पर विचार करने की बात कही गई है. हालांकि, जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. छात्रों ने यह भी कहा कि उनका अनशन फिलहाल जारी रहेगा. ऐसे में सरकार और आंदोलनरत छात्रों के बीच आगे होने वाली बैठकों पर सभी की नजर रहेगी. छात्रों को उम्मीद है कि बातचीत के जरिए उनके मुद्दों का समाधान निकाला जा सकता है.
राजनीतिक पहचान से दूर रखने की थी छात्रों की अपील
शनिवार की बैठक से पहले आंदोलनरत छात्रों की ओर से स्पष्ट किया गया था कि बातचीत के दौरान किसी राजनीतिक दल का झंडा या पहचान चिह्न इस्तेमाल नहीं किया जाए. छात्रों का कहना था कि यह आंदोलन छात्र हित और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर है और इसे किसी राजनीतिक दल से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए. हालांकि, बैठक स्थल पर कांग्रेस का झंडा नजर आने और युवा कांग्रेस तथा NSUI से जुड़े नेताओं की मौजूदगी को लेकर सवाल भी उठे. इसी दौरान रांची महानगर युवा कांग्रेस अध्यक्ष गौरव सिंह ने सरकार की पहल का स्वागत किया. उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को छात्रों से बातचीत की पहल करने के लिए धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि सरकार ने उन छात्र संगठनों और प्रतिनिधियों को बातचीत के लिए बुलाया है, जो लंबे समय से NEET, JPSC और JSSC से जुड़े मुद्दों को उठाते रहे हैं. इस पूरे घटनाक्रम के बीच छात्रों का कहना है कि आंदोलन का मुख्य उद्देश्य उनकी मांगों का समाधान कराना है, न कि किसी राजनीतिक संगठन को इसका श्रेय दिलाना.
JPSC की पुरानी परीक्षाओं और NEET विवाद का भी उठा मुद्दा
बैठक स्थल पर मौजूद युवा कांग्रेस नेता गौरव सिंह ने बातचीत के दौरान JPSC और NEET से जुड़े पुराने विवादों का भी जिक्र किया. जब उनसे सवाल किया गया कि JPSC और JSSC के मुद्दों को ABVP, BJYM और AJSU समेत कई अन्य छात्र संगठन भी उठाते रहे हैं, तो उन्होंने विपक्षी दलों की राजनीति पर सवाल उठाए. गौरव सिंह ने JPSC की पुरानी परीक्षाओं का जिक्र करते हुए विपक्षी नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने दावा किया कि JPSC की पहली और दूसरी परीक्षा के दौरान पैसों के बंटवारे को लेकर विवाद हुआ था. हालांकि, ये आरोप उनके राजनीतिक बयान के रूप में सामने आए हैं. उन्होंने NEET विवाद का भी उल्लेख करते हुए भाजपा और ABVP पर दोहरे रवैये का आरोप लगाया. गौरव सिंह ने कहा कि छात्रों के आंदोलन का उद्देश्य किसी राजनीतिक दल को श्रेय दिलाना नहीं, बल्कि परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी समस्याओं का समाधान कराना है. उन्होंने कहा कि छात्रों के अधिकारों की लड़ाई को राजनीतिक लाभ से अलग रखा जाना चाहिए.
आगे भी होगी सरकार और छात्रों के बीच बातचीत
शनिवार की वार्ता के बाद यह स्पष्ट हुआ है कि सरकार और आंदोलनरत छात्रों के बीच बातचीत का सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है. सरकार की ओर से कहा गया है कि अलग-अलग छात्र संगठनों से बातचीत कर उनकी मांगों और सुझावों को सुना जाएगा. इसके लिए ईमेल ID जारी किए जाने को भी सरकार की ओर से छात्रों तक पहुंच बढ़ाने की पहल के रूप में देखा जा रहा है. दूसरी ओर, छात्र संगठनों ने साफ कर दिया है कि केवल बातचीत से आंदोलन समाप्त नहीं होगा. जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन और अनशन जारी रहेगा. आने वाले दिनों में सरकार की कमेटी और छात्र प्रतिनिधियों के बीच होने वाली बैठकों में किन मुद्दों पर सहमति बनती है, यह महत्वपूर्ण होगा. JPSC और JSSC परीक्षाओं से जुड़े विवादों को लेकर राज्य के हजारों अभ्यर्थियों की नजर अब सरकार के अगले कदम पर है. ईमेल के जरिए मिलने वाले सुझावों और छात्रों के साथ होने वाली आगामी बैठकों के आधार पर सरकार आगे की रणनीति तय कर सकती है.

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