JLKM, बीजेपी और जेवीएम जैसे राजनीतिक दलों से विधानसभा का चुनाव लड़ चुका सूर्या हांसदा पुलिस एनकाउंटर में मारा गया है. वह कई अपराधिक मामलों में फरार चल रहा था. रविवार को सूर्या की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसकी निशानदेही पर ललमटिया जंगल में छुपाए गए हथियार को बरामद करने गई थी. इसी दौरान वह पुलिस का हथियार छिनकर भागने लगा. तभी पुलिस ने उस पर गोली चलाई, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई. 2024 के विधानसभा चुनाव में जयराम महतो की पार्टी JLKM से उसने बोरिया विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था.
इससे पहले सूर्या हांसदा ने 2019 में बोरियो विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा था और दूसरे स्थान पर रहा था. पार्टी ने बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष ताला मरांडी का टिकट काट कर सूर्या हांसदा पर भरोसा जताया था. युवा नेता की पहचान रखने वाला सूर्या 4 बार चुनाव हार चुका है. उसने दो बार जेवीएम और एक बार बीजेपी से भी अपनी किस्मत आजमायी थी.
एसपी मुकेश कुमार ने सूर्या हांसदा के मारे जाने की पुष्टि की है. इससे पहले सूर्या हांसदा की गिरफ्तारी की सूचना उनकी पत्नी सुशीला ने दी थी और अनहोनी की आशंका जताई थी.
एनकाउंटर वाली जगह बोआरीजोर थाना क्षेत्र के जिरली समारी पहाड़ी पर बड़ी संख्या में पुलिस और प्रशासन के जवान तैनात हैं. किसी को भी वहां जाने की इजाजत नहीं है. एसपी आज शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले की जानकारी देंगे.
सूर्या हांसदा पर दर्जनों आपराधिक मामले दर्ज हैं. हाल ही में ईसीएल की राजमहल परियोजना के पहाड़पुर क्षेत्र में हुई गोलीबारी की घटना में भी सूर्या की संलिप्तता सामने आई थी. इसके अलावा साहिबगंज के क्रशर मिल में ट्रक और ट्रक जलाने के मामले में भी सूर्या की संलिप्तता सामने आई थी. पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लंबे समय से छापेमारी कर रही थी.





