15 अगस्त से पहले बंगाल में बमों का जखीरा बरामद, कालना में 4 तो बीरभूम में मिले 20 देसी बम
स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले पश्चिम बंगाल के दो जिलों में 24 देसी बम बरामद हुए. कालना में 4 और बीरभूम के मल्लारपुर में 20 बम मिले, जिन्हें बम निरोधक दस्ते ने निष्क्रिय कर दिया. पुलिस जांच में जुटी है.

Kolkata: स्वतंत्रता दिवस से ठीक एक दिन पहले पश्चिम बंगाल के दो जिलों में देसी बम बरामद होने से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं. पूर्व बर्द्धमान के कालना और बीरभूम के मल्लारपुर में अलग-अलग जगहों से कुल 24 देसी बम मिलने की सूचना है. दोनों घटनाओं में पुलिस ने इलाकों को सुरक्षित कर बम निरोधक दस्ते की मदद से विस्फोटकों को निष्क्रिय कराया. कालना में सुनसान जगह पर चार बम मिले, जबकि मल्लारपुर के कोट गांव में एक मकान की छत पर मिट्टी के घड़े से करीब 20 बम बरामद किए गए. फिलहाल दोनों मामलों में किसी गिरफ्तारी की सूचना नहीं है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि विस्फोटक वहां किसने रखे और उनका इस्तेमाल किस मकसद से किया जाना था. स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर इन बरामदगियों को सुरक्षा के लिहाज से गंभीरता से देखा जा रहा है.
कालना में सुनसान जगह पर मिले चार बम
पूर्व बर्द्धमान जिले के कालना थाना क्षेत्र के कुसुमदेवपुर पंचायत के नूतनचर गांव में स्थानीय लोगों की नजर चार लावारिस बमों पर पड़ी. बम एक सुनसान स्थान पर पड़े थे. इसकी सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद स्थानीय थाना की टीम मौके पर पहुंची और इलाके की घेराबंदी कर दी. विस्फोटकों को सामान्य तरीके से हटाने के बजाय पुलिस ने बम निरोधक दस्ते को बुलाया. टीम ने मौके पर पहुंचकर चारों बमों को नियंत्रित तरीके से नष्ट किया. इसके बाद पुलिस ने आसपास के इलाके की भी जांच की. अब जांच का अहम बिंदु यह है कि इन बमों को वहां कब और किसने रखा था. पुलिस स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाने के साथ यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन विस्फोटकों का कोई इस्तेमाल होने वाला था या उन्हें किसी वजह से वहां छिपाकर रखा गया था.
मल्लारपुर में मकान की छत से 20 बम बरामद
बीरभूम के मल्लारपुर थाना क्षेत्र के कोट गांव में स्थिति और गंभीर तब सामने आई, जब पुलिस को एक मकान की छत पर रखे मिट्टी के घड़े से करीब 20 देसी बम मिले. बम मिलने की सूचना के बाद पुलिस ने तत्काल मकान और आसपास के इलाके को सुरक्षित किया. लोगों की आवाजाही रोक दी गई और बम निरोधक दस्ते को मौके पर बुलाया गया. दस्ते ने सभी बमों को अपने कब्जे में लेकर सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय किया. पुलिस अब मकान से जुड़े लोगों और आसपास की गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है. जांच इस दिशा में भी आगे बढ़ रही है कि घड़े में बम किसने रखे थे और मकान की छत को इसके लिए क्यों चुना गया.
एक दिन में 24 बम, स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा पर फोकस
कालना और मल्लारपुर की घटनाओं को जोड़कर देखें तो एक ही दिन में दो जिलों से 24 देसी बम बरामद हुए हैं. दोनों जगहों पर पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए विस्फोटकों को निष्क्रिय कर दिया. फिलहाल किसी घटना में बम के इस्तेमाल या विस्फोट से नुकसान की जानकारी नहीं है. स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले हुई इन बरामदगियों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल जरूर खड़े किए हैं. हालांकि, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि दोनों घटनाओं का आपस में कोई संबंध है. पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बम अलग-अलग लोगों ने छिपाए थे या इसके पीछे कोई साझा कड़ी है. बंगाल में देसी बमों की बरामदगी पहले भी सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता का विषय रही है. बीरभूम के कोट गांव में मई 2026 में भी देसी बम मिलने की रिपोर्ट सामने आई थी और पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू की थी.
पुलिस तलाश रही है बमों का स्रोत और मकसद
दोनों मामलों में पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि बम कहां तैयार किए गए और इन्हें इन जगहों तक कौन लेकर आया. जांच एजेंसियां बरामदगी वाली जगहों के आसपास की गतिविधियों, संदिग्ध लोगों और स्थानीय स्तर पर मौजूद जानकारी को खंगाल रही हैं. फिलहाल पुलिस ने बरामद सभी विस्फोटकों को निष्क्रिय कर दिया है. जांच आगे बढ़ने के साथ यह भी सामने आ सकता है कि इन बमों का कोई आपराधिक या राजनीतिक इस्तेमाल प्रस्तावित था या नहीं. इस संबंध में पुलिस की ओर से अभी किसी साजिश की पुष्टि नहीं की गई है. स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पहले से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में जुटे हैं. ऐसे में दो अलग-अलग जिलों में विस्फोटकों की बरामदगी के बाद स्थानीय स्तर पर भी निगरानी बढ़ाए जाने की संभावना है.

specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.
Related Posts







Leave a comment