सीता सोरेन जल्द हो सकती हैं झामुमो में शामिल, बीजेपी छोड़ने के सवाल से नहीं किया इनकार, कहा : समय बताएगा
सोरेन परिवार की बड़ी बहू सीता सोरेन जल्द ही घर वापसी कर सकती हैं. बीजेपी से दो चुनाव हारने के बाद उनका पार्टी से मोहभंग हो चुका है. बवाल न्यूज से बातचीत में उन्होंने जेएमएम में वापसी की खबर से इनकार नहीं किया. उन्होंने दो टूक कहा : समय बताएगा.


रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की भाभी सीता सोरेन एक बार फिर घर वापसी करने वाली हैं. ऐसी चर्चा जोरशोर से है. सीता सोरेन लोकसभा चुनाव से पहले जेएमएम छोड़ बीजेपी में शामिल हुए थीं. जानकारी के मुताबिक परिवार के बड़े बुजुर्गो के सामने सीता सोरेन की ओर से पार्टी में वापसी की इच्छा रखी गयी है. सोरेन परिवार की भी इच्छा है कि सीता की राजनीति परिवार के अंदर ही रहे. इस बारे में जब बवाल न्यूज ने सीता सोरेन से बात की तो उन्होंने जेएमएम में वापसी की बात से इनकार नहीं किया. जेएमएम में शामिल होने के सवाल पर उन्होंने कहा ‘’ मैं अभी कुछ भी नहीं कह सकती हूं. सब कुछ समय बताएगा.’’
2 फरवरी को जेएमएम में हो सकती हैं शामिल
बताया जा रहा है कि सीता सोरेन के झामुमो में वापसी की पूरी स्क्रिप्ट 11 जनवरी को जेएमएम सुप्रीमो शिबू सोरेन के आवास पर लिखी गई थी. 11 जनवरी को शिबू सोरेन का जन्मदिन था. इस मौके पर सीता सोरेन भी अपनी दोनों बेटियों जयश्री और राजश्री के साथ वहां पहुंची थीं. इसी दौरान शिबू सोरेन और उनकी पत्नी रूपी सोरेन से बातचीत के दौरान घर वापसी पर चर्चा हुई थी. चर्चाओं के बीच सवाल ये उठ रहा है कि आखिर सीता कब जेएमएम में शामिल होंगी. कहा जा रहा है कि 2 फरवरी को वो दुमका में घर वापसी कर सकती हैं. 2 फरवरी को ही दुमका में झामुमो के स्थापना दिवस का आयोजन होना है. गांधी मैदान में भव्य तैयारी की जा रही है. इसमें पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष और सीएम हेमंत सोरेन भी शामिल होंगे.
लोकसभा चुनाव हारने के बाद बीजेपी से थोड़ा हुआ मोहभंग
लोकसभा चुनाव से पहले 19 मार्च 2024 को सीता सोरेन JMM छोड़कर बीजेपी में शामिल हुई थीं. उन्होंने जेएमएम पर अपनी उपेक्षा करने का आरोप लगाया था. जेएमएम छोड़कर आने के बाद बीजेपी ने सीता सोरेन को सर आंखों पर बैठाया था. बीजेपी ने सीता के सहारे संथाल परगना की लोकसभा और विधानसभा सीटों पर चमत्कारिक जीत का सपना देखा था, लेकिन वह सपना टूट गया. सीता सोरेन दुमका लोकसभा सीट से चुनाव हार गईं. इसके बाद उन्होंने अपनी हार का ठिकरा पार्टी के सीनियर नेताओं पर फोड़ा था.
राजनीतिक करियर बचाने के लिए कर सकती हैं घर वापसी
इसके बाद विधानसभा में बीजेपी ने उन्हें जामताड़ा विधानसभा सीट से चुनाव लड़वाया, लेकिन जामताड़ा में भी उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा. इसके बाद सीता सोरेन बीजेपी में हाशिये पर चली गईं. अब अगर अपना राजनीतिक करियर बचाने के लिए सीता सोरेन बीजेपी छोड़कर जेएमएम में शामिल होती हैं तो इसमें कोई बड़ा आश्चर्य नहीं होगा.

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