UGC-NET 2026 परीक्षा को लेकर रांची में धारा 163 लागू, परीक्षा केंद्रों के आसपास सख्त प्रतिबंध
“UGC-NET जून 2026 परीक्षा के मद्देनजर रांची जिला प्रशासन ने 22 से 30 जून तक परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर दायरे में धारा 163 लागू कर दी है. इस अवधि में पांच या अधिक लोगों के जुटने, प्रदर्शन, ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग और हथियार लेकर चलने पर प्रतिबंध रहेगा.”

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित होने वाली UGC-NET जून 2026 परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए रांची जिला प्रशासन ने विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की है. परीक्षा 22 जून से 30 जून तक विभिन्न केंद्रों पर आयोजित की जाएगी. इस दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या कानून-व्यवस्था संबंधी समस्या से बचने के लिए प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों के आसपास प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं. अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा अवधि में अभ्यर्थियों की बड़ी संख्या, अभिभावकों की भीड़ और संभावित असामाजिक गतिविधियों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है. प्रशासन का उद्देश्य परीक्षा केंद्रों पर शांत वातावरण बनाए रखना और परीक्षार्थियों को बिना किसी बाधा के परीक्षा देने का अवसर प्रदान करना है. इसी को ध्यान में रखते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत कई एहतियाती कदम उठाए गए हैं.
22 से 30 जून तक प्रभावी रहेगा आदेश
जिला प्रशासन द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, 22 जून से 30 जून 2026 तक प्रतिदिन सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक प्रतिबंधात्मक आदेश लागू रहेगा. यह आदेश रांची के सभी निर्धारित UGC-NET परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में प्रभावी होगा. प्रशासन का कहना है कि परीक्षा अवधि के दौरान सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए यह कदम आवश्यक है.
पांच या अधिक लोगों के जुटने पर रोक
जारी आदेश के तहत परीक्षा केंद्रों के आसपास पांच या उससे अधिक लोगों के एक स्थान पर एकत्र होने की अनुमति नहीं होगी. इसके अलावा किसी भी प्रकार की सभा, बैठक, जुलूस या प्रदर्शन आयोजित करने पर भी रोक लगाई गई है. प्रशासन का मानना है कि भीड़ जुटने से परीक्षा संचालन और यातायात व्यवस्था प्रभावित हो सकती है, इसलिए इन गतिविधियों पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है.
ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर भी प्रतिबंध
परीक्षा केंद्रों के आसपास शांति बनाए रखने के उद्देश्य से लाउडस्पीकर, माइक या अन्य ध्वनि विस्तारक उपकरणों के उपयोग पर भी रोक लगाई गई है. अधिकारियों का कहना है कि तेज आवाज परीक्षार्थियों की एकाग्रता को प्रभावित कर सकती है. इसलिए परीक्षा अवधि के दौरान ध्वनि प्रदूषण पर विशेष निगरानी रखी जाएगी.
हथियारों के साथ प्रवेश पूरी तरह निषिद्ध
प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों के आसपास किसी भी प्रकार के हथियार लेकर आने पर प्रतिबंध लगाया है. इसमें आग्नेयास्त्रों के साथ-साथ लाठी, डंडा, तीर-धनुष, भाला और अन्य पारंपरिक हथियार भी शामिल हैं. हालांकि, सरकारी ड्यूटी में तैनात अधिकारियों, कर्मचारियों और आवश्यक सरकारी कार्यों से जुड़े लोगों को इस आदेश से छूट प्रदान की गई है. जिला प्रशासन ने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए परीक्षा को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने में मदद करने का आग्रह किया है.




