RIMS Director: डॉ. डीके सिन्हा के हाथों में रहेगी कमान, सरकार ने जारी की अधिसूचना
झारखंड सरकार ने RIMS रांची के निदेशक डॉ. दिपेन्द्र कुमार सिन्हा (डीके सिन्हा) को छह महीने का सेवा विस्तार दिया है. स्वास्थ्य विभाग ने 2 नवंबर 2026 को अधिसूचना जारी कर उन्हें 30 अप्रैल 2027 तक या अगले आदेश तक निदेशक का प्रभार सौंपा है.

रांची:- झारखंड के सरकारी अस्पताल राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS), रांची में निदेशक पद को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लग गया है.राज्य सरकार ने डॉ. दिपेन्द्र कुमार सिन्हा (डॉ. डीके सिन्हा) को अगले छह महीने के लिए फिर से निदेशक की जिम्मेदारी सौंप दी है. स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने 2 नवंबर 2026 को इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी की है. खास बात यह है कि डॉ. सिन्हा 31 अक्टूबर को अपनी निर्धारित सेवा अवधि पूरी कर सेवानिवृत्त हो चुके हैं. इसके बावजूद RIMS शासी परिषद की 66वीं बैठक में संस्थान के प्रशासनिक, वित्तीय और शैक्षणिक कार्यों को सुचारू रखने के लिए उनकी सेवा अवधि बढ़ाने का फैसला लिया गया. नए आदेश के अनुसार वह एक नवंबर 2026 से 30 अप्रैल 2027 तक या अगले आदेश तक निदेशक के प्रभार में बने रहेंगे. हालांकि, सरकार ने इस व्यवस्था के लिए कुछ महत्वपूर्ण शर्तें भी निर्धारित की हैं.
2 नवंबर को स्वास्थ्य विभाग ने जारी की अधिसूचना
स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में डॉ. दिपेन्द्र कुमार सिन्हा को छह महीने का सेवा विस्तार देने की जानकारी दी गई है. आदेश के मुताबिक, उनकी सेवानिवृत्ति की निर्धारित आयु सीमा से संबंधित प्रावधानों में शिथिलता देते हुए यह व्यवस्था की गई है. उनका कार्यकाल एक नवंबर 2026 से प्रभावी माना गया है.
RIMS शासी परिषद की 66वीं बैठक में हुआ फैसला
अधिसूचना में बताया गया है कि RIMS राज्य का प्रमुख चिकित्सा शिक्षा एवं चिकित्सा सेवा संस्थान है. निदेशक का पद खाली रहने से संस्थान के प्रशासनिक, वित्तीय और शैक्षणिक कार्य प्रभावित होने की आशंका थी. इसी को देखते हुए शासी परिषद की 66वीं बैठक में डॉ. सिन्हा को आगामी छह महीने के लिए सेवा विस्तार देने का निर्णय लिया गया.
30 अप्रैल 2027 तक संभालेंगे निदेशक का प्रभार
सरकारी आदेश के अनुसार, डॉ. डीके सिन्हा 30 अप्रैल 2027 तक अथवा अगले आदेश तक, जो पहले हो, निदेशक के प्रभार में बने रहेंगे. इस दौरान वह संस्थान के नियमित प्रशासनिक और अन्य कार्यों की जिम्मेदारी संभालेंगे. इससे RIMS के कामकाज में नेतृत्व को लेकर अनिश्चितता खत्म होने की उम्मीद है.
नियमित निदेशक के आते ही समाप्त हो जाएगी व्यवस्था
अधिसूचना में सेवा विस्तार को लेकर कई शर्तें भी स्पष्ट की गई हैं. यह व्यवस्था पूरी तरह अस्थायी और कार्यकारी होगी. इसके आधार पर डॉ. सिन्हा नियमित निदेशक पद पर नियुक्ति या किसी अन्य अतिरिक्त लाभ का दावा नहीं कर सकेंगे. नियमित निदेशक के कार्यभार संभालते ही उनकी यह व्यवस्था स्वतः समाप्त हो जाएगी. इसके अलावा राज्य सरकार को किसी भी समय इस व्यवस्था को समाप्त करने का अधिकार होगा. सेवा विस्तार से संबंधित वेतन और भत्तों का खर्च संस्थान के स्वीकृत बजट से वहन किया जाएगा.
मुख्यमंत्री के आदेश से जारी हुआ निर्णय, कैबिनेट की स्वीकृति अपेक्षित
विभागीय अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि यह आदेश मंत्रिपरिषद की स्वीकृति की प्रत्याशा में मुख्यमंत्री के आदेश से जारी किया जा रहा है. प्रस्ताव पर झारखंड सरकार के वित्त विभाग और कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग की सहमति भी प्राप्त होने का उल्लेख है.
गौरतलब है कि 25 जून 2026 को तत्कालीन निदेशक डॉ. राज कुमार के अचानक इस्तीफे के बाद डॉ. डीके सिन्हा को कार्यकारी व्यवस्था के तहत RIMS निदेशक का प्रभार सौंपा गया था. अब नए आदेश के बाद वह अगले छह महीने तक संस्थान की जिम्मेदारी संभालेंगे.

