झारखंड PMRU ने हासिल किया 97% लक्ष्य, अपर मुख्य सचिव ने शत-प्रतिशत उपलब्धि का दिया निर्देश
झारखंड में दवाओं की कीमतों पर निगरानी रखने वाली पीएमआरयू ने 97 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया है. अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने शेष लक्ष्यों को पूरा कर शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल करने का निर्देश दिया है. केंद्र सरकार ने पीएमआरयू कार्यक्रम को वित्तीय वर्ष 2030-31 तक विस्तार देने की मंजूरी दी है.

रांची: झारखंड में दवाओं की कीमतों पर नियंत्रण और आम लोगों को उचित दर पर दवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में फार्मास्यूटिकल प्राइस मॉनिटरिंग एंड रिसोर्स यूनिट (PMRU) ने उल्लेखनीय प्रगति की है. भारत सरकार की ओर से निर्धारित लक्ष्यों में यूनिट ने अब तक 97 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है. शेष लक्ष्यों को भी समय पर पूरा करने और शत-प्रतिशत से अधिक प्रदर्शन करने का लक्ष्य रखा गया है. इस संबंध में 2 नवंबर 2026 को स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में शासी निकाय की बैठक हुई. बैठक में पीएमआरयू के कामकाज की समीक्षा के साथ दवाओं की कीमत, बाजार में उपलब्धता और उपभोक्ताओं की शिकायतों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई. साथ ही भारत सरकार द्वारा इस कार्यक्रम को वित्तीय वर्ष 2030-31 तक जारी रखने की स्वीकृति की जानकारी भी दी गई.
2030-31 तक जारी रहेगा पीएमआरयू कार्यक्रम
बैठक में बताया गया कि केंद्र सरकार ने पीएमआरयू कार्यक्रम के विस्तार को वित्तीय वर्ष 2030-31 तक मंजूरी दे दी है. अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने यूनिट की ओर से किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए सभी निर्धारित लक्ष्यों को समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया. उन्होंने कार्यों में तेजी लाने और शेष लक्ष्यों को हासिल कर बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करने पर जोर दिया.
दवाओं की कीमतों पर रखी जा रही नजर
पीएमआरयू का प्रमुख काम बाजार में बिकने वाली दवाओं की कीमतों की निगरानी करना है. इसके लिए मेडिकल स्टोर, अस्पतालों और अन्य दवा बिक्री केंद्रों से दवाओं के नमूने लेकर उनकी जांच की जाती है. सरकार की ओर से जिन दवाओं का अधिकतम मूल्य तय किया गया है, उनकी बिक्री निर्धारित दर से अधिक कीमत पर तो नहीं हो रही, इसकी पड़ताल की जाती है.
वहीं, जिन दवाओं की कीमतें निर्धारित नहीं हैं, उनमें होने वाली मूल्य वृद्धि पर भी नजर रखी जाती है. ऐसी दवाओं की कीमत में 10 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी होने पर नमूने लेकर आवश्यक जांच और नियमानुसार कार्रवाई की जाती है.
आईपीडीएस 2.0 पोर्टल से मिलेगी कीमतों की जानकारी
दवाओं के अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) की जानकारी भारत सरकार के आईपीडीएस 2.0 पोर्टल पर उपलब्ध है. इसके माध्यम से उपभोक्ता निर्धारित कीमतों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. पीएमआरयू बाजार में जरूरी दवाओं की उपलब्धता की भी निगरानी करता है. इसका उद्देश्य दवाओं की संभावित कमी का समय रहते पता लगाना और मरीजों को परेशानी से बचाना है.
फार्मा सही दाम ऐप से दर्ज कर सकेंगे शिकायत
दवाओं की कीमतों में पारदर्शिता लाने के लिए ‘फार्मा सही दाम’ मोबाइल ऐप के प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर दिया गया है. इस ऐप के जरिए उपभोक्ता किसी भी दवा का निर्धारित मूल्य, उसकी संरचना और अन्य जरूरी विवरण देख सकते हैं.
यदि कोई दवा विक्रेता निर्धारित कीमत से अधिक राशि वसूलता है या बाजार में दवाओं की कमी होती है, तो उपभोक्ता ऐप के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकते हैं. इसके अलावा पहले से दर्ज शिकायतों की स्थिति भी देखी जा सकती है.
हिंदी-अंग्रेजी में उपलब्ध है मोबाइल ऐप
‘फार्मा सही दाम’ ऐप हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध है. इसमें वॉयस सर्च के जरिए दवाओं की कीमत पता करने और जरूरी दवाओं को बुकमार्क करने की सुविधा भी दी गई है. यह एंड्रॉयड और आईओएस दोनों प्लेटफॉर्म पर इस्तेमाल किया जा सकता है.
पीएमआरयू ने लोगों से अपील की है कि दवाएं खरीदते समय उनके निर्धारित मूल्य की जांच जरूर करें. अधिक कीमत वसूले जाने पर संबंधित ऐप के माध्यम से शिकायत दर्ज कराएं. बैठक में एनएचएम के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, निदेशक (औषधि) ऋतु सहाय, सहायक निदेशक राम कुमार झा समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे.

