झारखंड में सियासी घमासान तेज, भाजपा आज से शुरू करेगी ‘लोकतंत्र बचाओ’ अभियान
झारखंड में भाजपा सोमवार से ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान की शुरुआत करेगी. रांची के मोरहाबादी मैदान से पदयात्रा निकाली जाएगी. इसके बाद गिरिडीह, हजारीबाग, पलामू, जमशेदपुर और दुमका समेत छह जिलों में अभियान के तहत कार्यक्रम आयोजित होंगे.

झारखंड में राजनीतिक माहौल एक बार फिर गरमाने जा रहा है. भारतीय जनता पार्टी सोमवार, 2 नवंबर से राज्य में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान की शुरुआत करने जा रही है. इस अभियान के तहत पार्टी राजधानी रांची समेत छह जिलों में पदयात्रा और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित करेगी. भाजपा का कहना है कि इस पहल के जरिए लोकतांत्रिक व्यवस्था, संवैधानिक संस्थाओं और राज्य की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर जनता के बीच अपनी बात रखी जाएगी.
अभियान की शुरुआत रांची के मोरहाबादी मैदान से होगी. यहां से भाजपा नेता और कार्यकर्ता बापू वाटिका के पास जुटेंगे और पदयात्रा के जरिए जेल चौक स्थित भगवान बिरसा मुंडा स्मृति स्थल तक पहुंचेंगे. कार्यक्रम में शामिल होने के लिए भाजपा के झारखंड प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल भी रांची पहुंच चुके हैं. पार्टी ने इस अभियान को राज्यव्यापी रूप देने की तैयारी की है.
मोरहाबादी मैदान से निकलेगी पदयात्रा
भाजपा के कार्यक्रम के मुताबिक, 2 नवंबर को रांची के मोरहाबादी मैदान स्थित बापू वाटिका से पदयात्रा शुरू होगी. कार्यकर्ता और पार्टी नेता निर्धारित मार्ग से होते हुए जेल चौक स्थित भगवान बिरसा मुंडा स्मृति स्थल तक पहुंचेंगे. इस दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की भागीदारी रहेगी.
झारखंड प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल पहुंचे रांची
अभियान की शुरुआत से पहले भाजपा के झारखंड प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल रांची पहुंच गए हैं. उनके आगमन को कार्यक्रम की तैयारियों और संगठनात्मक गतिविधियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है. पार्टी के प्रदेश स्तर के नेता भी अभियान को सफल बनाने में जुटे हैं.
छह जिलों में चलेगा भाजपा का अभियान
भाजपा ने इस अभियान को केवल रांची तक सीमित नहीं रखा है. पार्टी की योजना के अनुसार, 2 से 5 नवंबर के बीच राज्य के छह जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. रांची के बाद 3 नवंबर को गिरिडीह और हजारीबाग, 4 नवंबर को पलामू तथा 5 नवंबर को जमशेदपुर और दुमका में अभियान से जुड़े कार्यक्रम होंगे.
लोकतांत्रिक संस्थाओं के मुद्दे पर जनता के बीच जाएगी पार्टी
भाजपा इस अभियान के जरिए लोकतंत्र, संवैधानिक संस्थाओं और राजनीतिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को जनता के सामने उठाने की तैयारी में है. पार्टी नेताओं का आरोप है कि राज्य में लोकतांत्रिक मूल्यों और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं. भाजपा इन मुद्दों पर जनजागरण करने और सरकार को घेरने की रणनीति के तहत अभियान चला रही है.
राजनीतिक माहौल में बढ़ सकती है हलचल
छह जिलों में प्रस्तावित कार्यक्रमों के कारण आने वाले दिनों में झारखंड की राजनीति में हलचल बढ़ने की संभावना है. भाजपा इस अभियान के जरिए अपने कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के साथ-साथ जनता तक राजनीतिक संदेश पहुंचाना चाहती है. वहीं, अभियान के दौरान पार्टी के आरोपों और सरकार की प्रतिक्रिया पर भी राजनीतिक नजरें रहेंगी.
कुल मिलाकर, ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के जरिए भाजपा झारखंड में अपनी राजनीतिक सक्रियता बढ़ाने जा रही है. अब देखना होगा कि यह अभियान राज्य की राजनीति और आगामी राजनीतिक गतिविधियों पर कितना असर डालता है.

